राजस्थान समेत सात राज्यों के 13 स्कूल बोर्ड के निशाने पर

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नियम तोड़ने वाले स्कूलों के खिलाफ और सख्ती  करेगा बोर्ड 

नई दिल्ली।  नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सीबीएसई और सख्ती करेगा । इसके लिए सीबीएसई  मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास जाने की योजना बना रही है।

बोर्ड ने सात स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, तीन की संबद्धता रद्द की है और दो स्कूलों की संबद्धता उच्चतर माध्यमिक से घटाकर सिर्फ माध्यमिक स्तर तक कर दी है। इसने अन्य कुछ स्कूलों से 2017-18 के ऐकडेमिक सेशन के लिए बोर्ड एग्जाम हेतु अपने नौवीं क्लास के छात्रों का पंजीकरण नहीं कराने को कहा है।

कुल 13 स्कूल बोर्ड के निशाने पर हैं, जिनमें से छह उत्तर प्रदेश, दो दिल्ली और एक-एक राजस्थान, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक के स्कूल हैं। पहले सिर्फ संबंधित स्कूलों को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और कार्रवाई किए जाने का नोटिस भेजा गया लेकिन बाद में अब बोर्ड ने इनको सार्वजनिक करने का फैसला लिया है।

बोर्ड ने गुरुवार को इन 13 स्कूलों के नोटिस को अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। सीबीएसई के चेयरपर्सन आर.के.चतुर्वेदी ने बताया, ‘पिछले 18 महीनों में जिन स्कूलों की मान्यता रद्द की गई है, हम उनकी लिस्ट कारण समेत अपलोड करेंगे। कारण बताओ के साथ-साथ कार्रवाई किए जाने के नोटिस को भी सार्वजनिक किया जाएगा।’

चतुर्वेदी ने कहा कि बोर्ड की जानकारी में यह बात आई है कि मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन करके प्रिंसिपल्स के रिटायरमेंट पीरियड को बढ़ा देते हैं। उन्होंने कहा, ‘इससे फीस के रूप में लोगों के पैसे पर नियंत्रण करने में स्कूलों को मदद मिलती है।’

चेयरपर्सन ने कहा कि संबद्धता उपनियमों से दोषी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की बोर्ड की शक्ति सीमित हो जाती है और इसलिए ही बोर्ड को पर्याप्त वैधानिक शक्ति दिए जाने की जरूरत है ताकि ‘स्कूल ऐसे शैक्षणिक इकाई के तौर पर संचालित हो जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे न कि कमर्शल यूनिट के तौर पर संचालित हो।’