राजस्थान बजट: सरकारी कर्मचारियों को रोका हुआ 1600 करोड़ का वेतन मिलेगा

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जयपुर। मुख्यमंत्री गहलोत राजस्थान का 2021-22 का बजट पेश कर रहे हैं। उनका अब तक का बजट भाषण कृषि, हेल्थ और एजुकेशन पर फोकस है। गहलोत ने अगले साल से राज्य का कृषि बजट अलग से पेश करने का ऐलान किया है। इसके अलावा, जिन 4 विधायकों (3 कांग्रेस और 1 भाजपा) की मौत हुई, उनके नाम पर उनके क्षेत्र में गर्ल्स कॉलेज खोलने की घोषणा भी गहलोत ने की है। इसमें राजसमंद में किरण माहेश्वरी कन्या कॉलेज, भींडर में गजेंद्र सिंह कन्या कॉलेज, सुजानगढ़ में मास्टर भंवरलाल कन्या कॉलेज, गंगापुर में कैलाश त्रिवेदी कन्या कॉलेज खोले जाएंगे।

बजट भाषण के दौरान गहलोत ने विपक्ष की चुटकी भी ली। उन्होंने कहा- मैं सात बार पानी पी चुका हूं। वसुंधरा राजे ने जब बजट पेश किया था उस वक्त एक बार भी पानी नहीं पीया था। यह बड़ी बात है। मैं पानी पी पीकर आपको कोस नहीं रहा हूं। मेरा दिल तो पक्ष-विपक्ष के लिए प्रेम से भरा है। राजे का बिना पानी पीए बोलना बड़ी बात थी। आप याद रखो या न रखो। मुझे अब तक याद है। गहलोत ने कहा- प्लीज दिल्ली को समझाओ, नफरत, गुस्से से देश नहीं चला करते।

बजट की खास बातें..

  1. कोरोना काल में रोका गया सरकारी कर्मचारियों का वेतन रिलीज करने की घोषणा। 1600 करोड़ रुपए जारी होंगे।
  2. सरकार लड़कियों की तर्ज पर अब सभी महिलाओं को भी मुफ्त सैनेट्री नेपकिन देगी। इस पर कुल 200 करोड़ खर्च होंगे।
  3. नए वाहनों के साथ फिर से ग्रामीण बस सेवा शुरू होगी। इस बस सेवा को भाजपा शासन में बंद कर दिया गया था।
  4. ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट पर गहलोत ने कहा कि ईआरसीपी आपके वक्त की योजना है। इसे हमने आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री ने जयपुर- अजमेर में वादा किया था। नीति आयोग की बैठक में मैंने पीएम से रिक्वेस्ट की है। भाजपा के 25 सांसद हैं। हमें सबको मिलकर 13 जिलों की योजना को आगे बढ़ाना है।
  5. 30 मार्च काे सभी जिलों में राजस्थान उत्सव। राजस्थान की युवा शक्ति को अन्य राज्यों की संस्कृति से रूबरू कराने के लिए 10 हजार युवाओं को भेजा जाएगा।
  6. फिल्म प्रोत्साहन नीति लाएंगे। राजस्थानी फिल्मों को 25 लाख रुपए की सहयोगी राशि और जीएसटी पर 100% छूट दी जाएगी
  7. पूर्वी राजस्थान की पीआरसीपी योजना पिछली सरकार ने बनाई थी। पीने के पानी के लिए 37 हजार करोड़ लागत की इस परियोजना को धरातल पर लाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। रिफायनरी के बाद सबसे बड़ी परियोजना है। पीएम ने अभी तक पीआरसीपी को राष्ट्रीय योजना घोषित नहीं की। इस प्रकार की 16 अन्य परियोजनाओं को घोषित किया हुआ है। प्रदेश के साथ यह भेदभााव की श्रेणी में आता है। हम अपने संसाधनों से काम जारी रखेंगे।
  8. खेती की बिजली के लिए नई कृषि वितरण कंपनी बनाई जाएगी। इसमें एक की बजाए दो महीनों में बिल भेजे जाएंगे। 50 हजार किसानों को नए कनेक्शन दिए जाएंगे।