मांगें पूरी नहीं हुई तो होगा आन्दोलन, भारतीय किसान संघ की चेतावनी

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कोटा। भारतीय किसान संघ की ओर से सोमवार को जिला कलेक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा गया। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष गिरीराज चौधरी, प्रान्त मंत्री जगदीश कलमंडा, संभागीय मीडिया प्रभारी आशीष मेहता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी की। इससे पहले प्रान्त संगठन मंत्री हेमराज ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

संभाग के मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने बताया कि संभाग भर में कोटा के अलावा बारां, झालावाड़ और बूंदी में किसानों ने अपना मांगपत्र जिला कलेक्टर को सौंपा है। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि सरकार ने चुनावों से पूर्व सम्पूर्ण कर्जमाफी का वादा किया था। जिसके अनुसार अब सभी बैंकों का किसानों का कर्ज माफ किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ सभी किसानों को तुरन्त दिलवाने की मांग की।

जिला अध्यक्ष गिरीराज चौधरी ने कहा कि किसानों की मासिक आय नहीं होती तथा फसल वर्ष में दो बार ही आती है। इसलिए, वर्ष में दो बार ही बिजली का बिल देना चाहिए तथा अनुदान की राशि काट कर शेष राशि का ही बिल दिया जाए। जिन किसानों का बिद्युत कनेक्शन कृषि के लिए डिमान्ड जमा हो गई है उन्हें तुरन्त कनेक्शन दिए जाने चाहिए।

जिला मंत्री श्यामनारायण मालव ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गिरदावरी से पूर्व ही प्रीमियम राशि काट ली जाती है। जिससे किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है। प्रीमियम काटने से पूर्व किसानों से फसल बुवाई घोषणा पत्र लिया जाना चाहिए।

इसके लिए ग्राम स्तर पर बीमा एजेंट, पटवारी, ग्राम सहायक व कृषि पर्यवेक्षक शिविर लगा कर किसानों से घोषणा पत्र लेकर बीमा के लिए भेजे। प्रीमियम जमा होने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा प्रत्येक बीमा कराने वाले को उसकी पाॅलिसी देकर आवश्यक जानकारी से अवगत कराए।

प्रान्त मंत्री जगदीश कलमंडा ने कहा कि किसान फसल खराबा व फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से मजबूरन ऋण नहीं चुका पाते हैं। ऐसे में, बैंक किसानों की जमीन रोडा एक्ट में उपखण्ड अधिकारी के मार्फत कुर्की करती है। जिससे किसान भूमिहीन हो जाता है। किसानों के ऋण की वसूली रोड़ा एक्ट हटाकर की जाए।

राष्ट्रीय कमर्शियल बैंकों द्वारा केसीसी लोन में अत्यधिक ब्याज वसूला जा रहा है। जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, इस पर तुरन्त कार्यवाही कर किसानों को राहत प्रदान को जाए। उन्होंने कहा कि फसल बीमा में होने वाली खामियों को दूर नहीं किया तो किसानों को संभागीय मुख्यालय पर पड़ाव डालना होगा।