महाकाल मंदिर सेफ भोग प्लेस घोषित, केंद्र से मिला सर्टिफिकेट

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उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सेफ भोग प्लेस घोषित कर दिया है। यानी अब यहां मिलने वाले लड्डू प्रसाद और अन्न क्षेत्र में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता प्रमाणित हो गई है। मंदिर समिति अब लड्डू प्रसाद के पैकेट पर विशेष ‘भोग’ टैग भी लगा सकेगी। महाकाल मंदिर देश का पहला ज्योतिर्लिंग हैं जिसे यह प्रमाण पत्र दिया गया है। शुक्रवार को दिल्ली में हुए समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मंदिर समिति को यह प्रमाण पत्र दिया।

मंदिर प्रशासक अवधेश शर्मा ने बताया कि देश के धार्मिक स्थलों पर दर्शनार्थियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित भोग प्रसाद एवं भोजन मिलें, इसके लिए ‘भोग” टैग देने की शुरुआत की गई। सेफ भोग प्लेस परियोजना में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित निशुल्क अन्नक्षेत्र, लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई एवं निकटतम खाद्य प्रतिष्ठानों को सम्मिलित किया गया है। ये तीनों ही स्थानों का हर छह माह में ऑडिट होगा।

यानी व्यवस्था मानक अनुरूप पाए जाने पर फिर सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। भोग सर्टिफिकेट, मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर शशांक मिश्र की अनुपस्थिति में मप्र के सेफ भोग प्लेस नोडल अधिकारी अरविंदकुमार पथरोल ने शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के हाथों प्राप्त किया।

‘भोग’ का अर्थ
भोग शब्द अंग्रेजी के चार अल्फाबेट्स से मिलकर बना है। बी से ब्लिसफुल, एच से हाईजिनिक, ओ से ऑफिरिंग, जी से गॉड। ब्लिसफुल हाइजिनिक ऑफरिंग टू गॉड। यानी भगवान को प्रस्तुत मधुर और स्वस्थप्रद।

शुद्धता के मानक
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता एवं सुरक्षा, हाईजिनिक भंडारण व्यवस्था, कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस, लाइसेंस और फूड सेफ्टी डिस्प्ले।