कृषि अभियंताओं की बदौलत राजाड प्रोजेक्ट विश्व में प्रसिद्ध – गर्ग

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कोटा। राज्य के पूर्व कृषि एवं वन सचिव अतुल कुमार गर्ग ने कहा है कि कृषि अभियांत्रिकी के कारण ही कोटा संभाग में चम्बल कमांंड एरिया में राजाड परियोजना 15 हजार हैक्टेयर में विश्व स्तर पर सफलतम मॉडल कहला रही है, जिसे कृषि अभियंताओं में कोटा मॉडल के नाम से प्रसिद्ध किया।

गर्ग शनिवार को इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स कोटा चेप्टर द्वारा आयोजित सतत कृषि एवं ग्रामीण विकास में कृषि अभियांत्रिकी की भूमिका विषय पर आयोजित दो दिवससीय सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित रहे थे। उन्होंने कहा कि 1993 में चले इस प्रोजेक्ट में नहरी क्षेत्र की भूमि में जल प्लावन युक्त सिंचाई से क्षारीयता की समस्या का निदान इसी से संभव हुआ। इस चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम दिया है उस समय के कृषि अभियंताओं ने।

इस अवसर पर कृषि विश्व विद्यालय कोटा के कुलपति प्रो. जीएल केशवा ने कहा कि देश में हरित क्रांति व कृषि अभियंताओं की बदौलत कृषि उत्पादन में दुगनी से लेकर दस गुना तक वृद्धि हुई। उपज प्रबंधन कृषि अर्थ व्यवस्था का आधार है। रासायनिक खेती और कीट नाशकों का प्रयोग विदेशों में भी बहुत ज्यादा होता है, लेकिन हमारे यहां उसका प्रबंधन विकसित नहीं हुआ। पोस्ट हार्वेस्टिंग प्रासेस में कमजोरी रही।

मुख्य वक्ता राजस्थान रिवर बेसिन एवं जल संसाधान योजना प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता एमबी शुक्ला ने कहा कि आजादी के बाद बढ़ता शहरीकरण बढ़ती आबादी के कारण देश के प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता बहुत बढ़ गई है। भूगर्भ जल का कृषि कार्यो में बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने से खेती में भी समस्या हो रही है। इन सब का समाधान कृषि अभियांत्रिकी के माध्यम से संभव है।

प्रारम्भ में इंस्टीट्यूट के चेयरमेंन सीकेएस परमार ने स्वागत भाषण में कहा कि सीएडी प्राजेक्ट ने कोटा को विश्व में ख्याति दिलाई। कृषि विश्व विद्यालय को ग्रामीण विकास का प्रशिक्षण केंद्र कोटा में खोलना चाहिए।  इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स डिविजन ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनिरिंग के चेयरमेन नूतन दास ने कोटा चेप्टर के इस आयोजन को देश में अनूठा बताया और कहा कि सरकार को इसकी सिफारिशें भेजी जाएगी।

कैलाश भार्गव का सम्मान
इस सेमिनार में यंग इंजीनियर्स अवार्ड कोटा के कैलाश भार्गव एवं नई दिल्ली के एचजी काम्बले, केरल के आम्मन पी वर्गीज, मृदा संरक्षण एवं जल ग्रहण विभाग के सोहन देवपुरा, बेंगलुरु की एनराज गंगेडकर,भोपाल के डॉ. काटे आदिनाथ, गुंटूर की सिरिशा अडमाला को नवाजा गया। सेमीनार का संचालन आयोजन सचिव अनंद बरदवा ने किया तथा सचिव जसमत सिंह ने आभार व्यक्त किया।

समापन आज
कैलाश भार्गव ने बताया कि सेमिनार का समापन रविवार को होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य के कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी होंगे। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एनपी कौशिक तथा इंडियन इंसटीट्यूट ऑफ सोयल एवं वाटरशेड के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह अतिथि होंगे। सेमीनार के सह समन्वय सीपी झाम्ब ने बताया कि इस सेमिनार में देश के विभिन्न प्रान्तों से करीब 250 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।