कोटा में ट्रेवल मार्ट आयोजित करने एवं फिल्म सिटी बनाने के पूरे प्रयास होंगे: माहेश्वरी

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होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन की बैठक में पर्यटन विकास को लेकर हुआ मंथन

कोटा। होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन की कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को माहेश्वरी जलसा होटल पर संपन्न हुई। कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं महासचिव संदीप पाडिया ने बताया कि बैठक में कोटा के पर्यटन विकास के लिए कई बिंदुओं पर मंथन हुआ। बैठक में तय हुआ कि फेडरेशन कोटा को पर्यटन के साथ-साथ मैरिज डेस्टिनेशन हब बनाने के लिए भी प्रयास करेगी।

उन्होंने बताया कि पिछले दिनों कोटा महोत्सव के दौरान उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के सामने फेडरेशन ने कोटा समेत सभी संभागों में संभाग वाइज ट्रैवल मार्ट के आयोजन की मांग की थी, जिसे राज्य सरकार ने मंजूर करते हुए इसे जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में करवाए जाने के प्रस्ताव किया है। वे चाहते हैं कोटा में भी ट्रैवल मार्ट का आयोजन हो। इसके लिए फेडरेशन पूरा प्रयास करेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हाड़ौती के मुकन्दरा एवं रामगढ अभ्यारण्य की स्थिति बहुत खराब है।

यहां के वन्य जीवों की उचित देखभाल के अभाव में कई बाघ मर चुके हैं। मुकुंदरा अभ्यारण्य में गांव का विस्थापन का अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पा रहा है, जिससे यह अभ्यारण्य पूरी तरह से विकसित नही हो पा रहे हैं। इन अभ्यारण्य में बाघों को लाने की प्रक्रिया में भी बहुत ढिलाई बरती जा रही है। साथ ही आइफा जैसे बहुत बड़े इवेंट में दिखाए जाने वाले कोटा के पर्यटन स्थलों को भी फिल्म बनाने के लिए वन विभाग द्वारा अनुमति नही दी जा रही है। अतः यहां के अभ्यारण्य को पूर्ण विकसित किया जाना चाहिए।

बजट में बूंदी जिले को ग्रीन सिटी बनाने, झालावाड़ व बांरा जिलों के किलो का पुनरुद्धार करने, बूंदी के जेत सागर एवं नवल सागर का विकास करने के लिए बजट में प्रावधान हुआ है। उनको शीघ्र ही क्रियान्वित किया जाना चाहिए। कोटा में चंबल में वाटर स्पोर्ट चलाने के लिए भी बजट में घोषणा हुई है। लेकिन कोटा के पर्यटन विकास की अनदेखी की गई है। कोटा में ट्रेवल मार्ट के आयोजन के लिए हम पूरा प्रयास करेंगे।

बैठक में सवाई माधोपुर संभाग के अध्यक्ष हाडोती फॉरेस्ट टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमेन अहतशामुद्दीन एवं वाईस चेयरमेन कौशल बंसल ने बताया कि रणथंभोर अभ्यारण्य में इस वर्ष भी भारी मात्रा में पर्यटक आए हैं, लेकिन हाड़ौती में दो-दो अभ्यारण्य होते हुए भी पर्यटक नहीं आ रहे। यह एक चिंता का विषय है। इसका मुख्य कारण यहां के दोनों अभ्यारण्य का पूर्ण विकसित न होना और उनका प्रचार -प्रसार ना होना है। साथ ही दोनों अभ्यारण्य के विभागों में कर्मचारियों का भी अभाव है, जो कर्मचारी यहां से ट्रांसफर होकर गए उनकी जगह अभी तक कोई कर्मचारी नहीं आए हैं।

यह इन अभ्यारण्य में वन्यजीवों को भी उचित देखभाल नहीं की जाती है। साथ ही विभाग द्वारा भी विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बैठक में फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप रुंगटा एवं कोषाध्यक्ष अंकुर गुप्ता ने बताया कि इस बार कोटा में चंबल में वाटर स्पोर्ट चलाने के लिए बजट की घोषणा हुई है। साथ ही कोटा में पर्यटन विकास के लिए हमें हाड़ौती के सभी मुख्य प्रवेश द्वारों पर पर्यटक स्थलों के प्रचार प्रसार के लिए होर्डिंग लगवाएं जाने चाहिए।

बैठक में कार्यकारिणी सदस्य विजय माहेश्वरी एवं सेवीनियर एडवाइजर रिषभ भार्गव ने बताया कि कोटा में पर्यटन को और विकसित करने के लिए यहां पर किसी बड़े सेलिब्रिटी का शो करवाया जाना चाहिए और जिसके साथ यहां के पर्यटन स्थलों की शोर्ट फिल्म बनाकर उसका प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि राष्ट्रीय स्तर पर भी कोटा के पर्यटक स्थलों का प्रचार प्रसार हो सके।