आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से शिक्षा में नए आयाम स्थापित होंगे: राजेश बिरला

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कोटा। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) उत्कृष्टता केन्द्र अजमेर द्वारा माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, कोटा में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन क्लासरूम’ विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, समावेशी और रोचक बनाना था।

कार्यशाला का शुभारंभ माहेश्वरी समाज कोटा के अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि राजेश कृष्ण बिरला, एआई प्रशिक्षक सीमा शर्मा, रमा चंपावत और प्राचार्य अमित कुमार शर्मा द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजेश कृष्ण बिरला ने कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा प्रणाली में तकनीकी नवाचारों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से शिक्षकों को नए आयामों को समझने और उन्हें शिक्षण में लागू करने का अवसर मिलेगा। यह कार्यशाला न केवल शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों से परिचित कराएगी, बल्कि उनके शिक्षण को अधिक प्रभावी और छात्रों के लिए अधिक रोचक बनाएगी।

इस कार्यशाला में प्रशिक्षक सीमा शर्मा और रमा चंपावत ने शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों की जानकारी दी।

उन्होंने आधुनिक शिक्षा में एआई का महत्व, शिक्षण और सीखने में एआई की भूमिका, एआई आधारित टूल्स और तकनीकों का शिक्षण प्रक्रिया में एकीकरण, कक्षा शिक्षण में एआई उपकरणों का उपयोग, स्मार्ट क्लासरूम, वर्चुअल असिस्टेंट, एआई संचालित टेस्टिंग सिस्टम आदि का शिक्षण में प्रयोग, एआई द्वारा अनुकूलित पाठ्यक्रम निर्माण और शिक्षकों के लिए व्यक्तिगत शिक्षण रणनीतियां आदि विषयों पर विस्तार से समझाया गया।

प्राचार्य अमित कुमार शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि तकनीकी नवाचारों से युक्त यह कार्यशाला शिक्षकों को नवीनतम शिक्षा पद्धतियों और एआई के प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक उन्नत बनाया जा सकेगा।

इस कार्यशाला ने शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की बारीकियों से अवगत कराया और आधुनिक तकनीकों को कक्षा शिक्षण में शामिल करने की प्रेरणा दी गई। उपप्राचार्या भक्ति निगम ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और इस तरह की और भी कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।