ब्यूनस आयर्स। लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना के अधिकांश इलाकों में लम्बे समय से अच्छी बारिश नहीं होने तथा तापमान ऊंचा रहने से सूखे का संकट बढ़ता जा रहा है।
इससे सोयाबीन तथा मक्का की फसल के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। फसलों की बिजाई समाप्त होने के बाद अब इसकी प्रगति पर सबका ध्यान केन्द्रित है मगर मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं है।
सूखे के बढ़ते संकट को देखते हुए रोजारियो ग्रेन्स एक्सचेंज ने 2024-25 सीजन के लिए मक्का एवं सोयाबीन के अपने उत्पादन अनुमान में कटौती कर दी है। एक्सचेंज ने पहले चालू सीजन के दौरान अर्जेंटीना में मक्का का उत्पादन 500 से 510 लाख टन के बीच रहने का अनुमान लगाया था जिसे अब घटाकर 480 लाख टन नियत कर दिया है।
उत्पादन अनुमान में हुई 20-30 लाख टन की इस भारी कटौती से स्पष्ट संकेत मिलता है कि अर्जेन्टीना में वर्षा पर आश्रित क्षेत्रों में फसल की हालत लगातार खराब होती जा रही है और वहां बारिश की सख्त जरूरत है।
ध्यान देने वाली बात है कि अर्जेन्टीना संसार में मक्का का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक तथा चौथा सबसे प्रमुख उत्पादक देश है। वहां मक्का की अगैती बिजाई वाली फसल को विशेष नुकसान हो रहा है।
जहां तक सोयाबीन का सवाल है तो ब्राजील और अमरीका के बाद अर्जेन्टीना इसका तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है जबकि सोयाबीन तेल एवं सोया मील के निर्यात में प्रथम स्थान पर रहता है। एक्सचेंज के अनुसार 2024-25 के वर्तमान सीजन के दौरान पहले सोयाबीन का उत्पादन 530-535 लाख टन के बीच होने का अनुमान लगाया गया था
मगर मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसका वास्तविक उत्पादन इससे कम होने की संभावना है। वर्षा की कमी से सोयाबीन फसल की उपज दर प्रभावित होने की आशंका है। दिसम्बर के आरंभ तक सोयाबीन की उत्पादकता बेहतर रहने का अनुमान लगाया जा रहा था।