टेक्नोलॉजी: जानिए Wi-Fi 6 standard के बारे में, कैसे काम करता है यह

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नई दिल्ली। क्या आपको पता है वायरलैस कनेक्शन के सबसे लेटेस्ट वर्जन Wi-Fi 6E के बारे में। नहीं तो, आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता रहे हैं। यह पुराने वायरलैस कनेक्शन Wi-Fi 6 standard से कई मायनों में बेहतर है।

दरअसल पुराने वायरलैस टेक्नोलॉजी में कई तरह की खामियों को दूर करते हुए ही नई लेटेस्ट टेक्नोलॉजी Wi-Fi 6E को लाया गया है। ध्यान देने वाली बात ये है कि लोकप्रिय कंपनी एप्पल ने हाल ही में अपने 14 इंच 16 इंच MacBook Pro models को बाजार में उतारा है, जिनमें कंपनी ने Wi-Fi 6E सपोर्ट फीचर भी जोड़ा है।

आसान भाषा में समझें तो पुरानी टेक्नोलॉजी की खामियों को दूर करने के लिए नई टेक्नोलॉजी को लाया जाता है। वर्तमान में Wi-Fi 6E ही वायरलैस नेटवर्क की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है। खास बात यह कि नई टेक्नोलॉजी 2.4 गीगाहर्ट्ज और 5 गीगाहर्ट्ज बैंड के अलावा 6 गीगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी बैंड का भी इस्तेमाल करती है।

Wi-Fi 6E को पुरानी टेक्नोलॉजी Wi-Fi 6 standard से बेहतरी में मापें तो कई नई सुविधाएं मिलती हैं, जैसे कि Wi-Fi 6E, 6E spectrum के साथ सात और 160 MHz channels को इस्तेमाल कर पाने में सक्षम है, जबकि Wi-Fi 6 standard एक ही कंजस्टेड spectrum के साथ मात्र दो 160 MHz channels और दूसरे Wi-Fi 4, 5, and 6 devices का इस्तेमाल कर पाता है।

इस तरह Wi-Fi 6E devices को आसानी से गीगाबिट्स स्पीड मिलती है। इसके अलावा Wi-Fi 6E ज्यादा बैंडविड्थ भी प्रदान करती है। इसके अलावा यह एडवांस टेक्नोलॉजी ज्यादा डिवाइस को सपोर्ट करने में भी सक्षम है। हाई डेफिनेशन वीडियो, गेमिंग और वर्चुअल रियलिटी जैसी डाटा इंटेंसिव ऐप्स के लिए भी नई टेक्नोलॉजी बेहतरी से काम करती है।