टेक्सटाइल पर GST 12% करने का फैसला वापस, 1 जनवरी से नहीं होंगे कपड़े महंगे

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई GST काउंसिल इमरजेंसी मीटिंग में टेक्सटाइल पर टैक्स बढ़ाने का फैसला वापस ले लिया गया है।वित्त मंत्री ने कहा, आज की मीटिंग में तय किया गया कि टेक्सटाइल के GST रेट को रिव्यू के लिए रेशनलाइजेशन कमेटी के पास भेजा गया है। फरवरी में कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद फरवरी के आखिर में या मार्च की शुरूआत में कमेटी की रिपोर्ट पर मीटिंग में चर्चा होगी। बीते दिनों सरकार ने टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया था। एक जनवरी से इसे लागू किया जाना था।

कई राज्यों ने वृद्धि वापस लेने की मांग की
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ गुरुवार को हुई बजट-पूर्व बैठक में भी कई राज्यों ने कपड़ा उत्पादों पर जीएसटी दर बढ़ाए जाने का मुद्दा उठाते हुए इस पर विरोध जताया। गुजरात ने कपड़ा उत्पादों पर बढ़ी हुई दर को स्थगित करने की मांग रखी। वहीं, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बैठक में कहा कि इससे पूरे टेक्सटाइल इंडस्ट्री को भारी नुकसान होगा। साथ ही यह फैसला आम आदमी के अनुकूल नहीं है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल पर पांच फीसदी ही जीएसटी लगना चाहिए। इस मांग का पश्चिम बंगाल, दिल्ली, राजस्थान एवं तमिलनाडु जैसे राज्यों ने भी समर्थन किया है।

GST बढ़ने से होते ये नुकसान

  • क्लोदिंग आवश्यक वस्तु में शामिल है। होजरी मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन ने GST बढ़ाने के फैसले पर चिंता जताई थी।
  • होजरी मैन्युफैक्चरर का था कि इससे आम आदमी प्रभावित होगा और MSME सेक्टर को भी इससे नुकसान होगा।
  • देश के कपड़ा उत्पादन में असंगठित क्षेत्र का 80% से ज्यादा का योगदान है। इससे बुनकरों को नुकसान होता।
  • कोरोना महामारी से पिछले 2 सालों में काफी नुकसान हुआ है। GST बढ़ाने की घोषणा से रिकवरी प्रभावित होती।

राजस्व में सुधार चाहती थी सरकार
बढ़ते खर्च और चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के आर्थिक प्रभाव के कारण, सरकार कम राजस्व का सामना कर रही हैं। सरकार ने बीते दिनों पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी भी कम की थी। इससे भी सरकार पर बोझ बढ़ा था। ऐसे में सरकार टेक्सटाइल पर GST बढ़ाकर राजस्व की स्थिति में कुछ सुधार चाहती थी।

कैट ने फैसले को टाले जाने का किया स्वागत
इस बीच कैट ने इस फैसले को टाले जाने का स्वागत किया है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि इससे देश के लाखों कपडा एवं फुटवियर व्यापारियों को राहत मिलेगी जो पिछले एक महीने से ज्यादा समय से बेहद तनाव की जिंदगी जी रहे थे। खंडेलवाल ने यह भी कहा कि कपडे की तरह फुटवियर पर भी जीएसटी दर बढ़ाने के निर्णय को स्थगित करना भी आवश्यक है।

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