मेरे लिए प्रधानमंत्री का पद सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए है- मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 83वें एपिसोड के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज भी सत्ता में नहीं हूं और भविष्य में भी सत्ता में नहीं जाना चाहता हूं।

मैं सिर्फ सेवा में रहना चाहता हूं। मेरे लिए प्रधानमंत्री पद सत्ता के लिए नहीं है, सेवा के लिए है। बता दें कि यह इस साल मन की बात का दूसरा आखिरी संस्करण था। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देशवासियों से कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है और सावधानी बरतना हम सब की जिम्मेदारी है।

मन की बात के प्रमुख अंश

  • मन की बात कार्यक्रम में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी से बात करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आज भी सत्ता में नहीं हूं और भविष्य में भी सत्ता में नहीं जाना चाहता हूं। मैं सिर्फ़ सेवा में रहना चाहता हूं। मेरे लिए प्रधानमंत्री पद सत्ता के लिए नहीं है, सेवा के लिए है।
  • दिसम्बर महीने में ही एक और बड़ा दिन हमारे सामने आता है जिससे हम प्रेरणा लेते हैं। 6 दिसम्बर को बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि है। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन देश और समाज के लिये अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिये समर्पित किया था।
  • आपको ये जानकार बेहद ख़ुशी होगी कि अब यूनिकॉर्नस् ( Unicorns) की दुनिया में भी भारत तेज उड़ान भर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल एक बड़ा बदलाव आया है। सिर्फ 10 महीनों में ही भारत में हर 10 दिन में एक यूनिकॉर्न बना है।
  • सरकार के प्रयासों से, सरकार की योजनाओं से कैसे कोई जीवन बदला उस बदले हुए जीवन का अनुभव क्या है? जब ये सुनते हैं तो हम भी संवेदनाओं से भर जाते हैं। यह मन को संतोष भी देता है और उस योजना को लोगों तक पहुंचाने की प्रेरणा भी देता है: पीएम मोदी
  • हमारे देश में अनेक राज्य हैं, अनेक क्षेत्र है जहां के लोगों ने अपनी प्राकृतिक विरासत के रंगों को संजोकर रखा है। इन लोगों ने प्रकृति के साथ मिलकर रहने की जीवनशैली आज भी जीवित रखी है। ये हम सबके लिए भी प्रेरणा है: पीएम मोदी
  • प्रकृति से हमारे लिये खतरा तभी पैदा होता है जब हम उसके संतुलन को बिगाड़ते हैं या उसकी पवित्रता नष्ट करते हैं। प्रकृति मां की तरह हमारा पालन भी करती है और हमारी दुनिया में नए-नए रंग भी भरती है। हमारे आस-पास जो भी प्राकृतिक संसाधन है, हम उन्हें बचाएं, उन्हें फिर से उनका असली रूप लौटाएं।
  • अमृत महोत्सव, सीखने के साथ ही हमें देश के लिए कुछ करने की भी प्रेरणा देता है। अब तो देश-भर में आम लोग हों या सरकारें, पंचायत से लेकर संसद तक अमृत महोत्सव की गूंज है और लगातार इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला चल रहा है: पीएम मोदी
  • आजादी में अपने जनजातीय समुदाय के योगदान को देखते हुए देश ने जनजातीय गौरव सप्ताह भी मनाया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इससे जुड़े कार्यक्रम भी हुए। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में जारवा और ओंगे ऐसे जनजातीय समुदायों के लोगों ने अपनी संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया।
  • वृन्दावन के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान के प्रेम का प्रत्यक्ष स्वरूप है। वृंदावन दुनिया भर के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता रहा है। इसकी छाप आपको दुनिया के कोने-कोने में मिल जाएगी। पर्थ में एक सेक्रेड इंडिया गैलरी (Sacred India Galler) इस नाम से एक आर्ट गैलरी भी है, जिसे आस्ट्रेलिया की एक निवासी जगत तारिणी दासी जी के प्रयासों का नतीजा है।
  • मुझे वाकई बहुत अच्छा लगता है कि मन की बात का हमारा ये परिवार निरंतर बड़ा तो हो ही रहा है, मन से भी जुड़ रहा है और मकसद से भी जुड़ रहा है और हमारे गहरे होते रिश्ते, हमारे भीतर, निरंतर सकारत्मकता का एक प्रवाह, प्रवाहित कर रहे हैं।
  • इसी महीने नेवी डे और आर्म फोर्स फ्लैग डे भी देश मनाता है। हम सबको मालूम है 16 दिसम्बर को 1971 के युद्ध का स्वर्णिम जयन्ती वर्ष भी देश मना रहा है। मैं इन सभी अवसरों पर देश के सुरक्षा बलों का स्मरण करता हूं और विशेष रूप से ऐसे वीरों को जन्म देने वाली वीर माताओं का नमन करता हूं: पीएम मोदी
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नए वैरिएंट को देखते हुए शीर्ष अधिकारियों से समीक्षा की। कोरोना की समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ने ‘प्रोएक्टिव’ रहने की आवश्यकता जताई और सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की निगरानी और दिशा-निर्देश के मुताबिक यात्रियों की जांच पर बल दिया।
  • मन की बात प्रधानमंत्री का मासिक रेडियो संबोधन है, जो हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होता है। कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन के पूरे नेटवर्क और आकाशवाणी समाचार और मोबाइल एप पर भी किया जाता है। मन की बात कार्यक्रम का पहला एपिसोड 3 अक्टूबर 2014 को प्रसारित किया गया था।