देशी चने की आपूर्ति व उपलब्धता कमज़ोर, ग्राहकी के अभाव में बाजार पर दबाव

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नई दिल्ली। बीते सप्ताह देशी चने में दाल मिलों की माँग कमजोर रही तथा वायदा बाजार लगातार तोड़कर 4885 रूपए प्रति क्विंटल पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिससे 100 रूपए घटकर लॉरेंस रोड पर खड़ी मोटर में 5200 रूपए प्रति क्विंटल का व्यापार रह गया।

गौरतलब रहे कि बीकानेर, नोहर, भादरा, सवाई माधोपुर, तारानगर के साथ-साथ मध्य प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर, लश्कर, अशोक नगर एवं भोपाल किसी भी मंडी में चने की आवक अनुकूल नही है तथा दाल मिलों में भी स्टॉक ज्यादा नही है। इन परिस्थितियों में यहां से बाजार कभी भी ग्राहकी निकलते ही 200/300 रूपए बढ़ने की उम्मीद लग रही।

उड़द में दाल मिलों की मांग ठंडी पड़ जाने तथा स्टॉक के माल निकलने से बीते 4 दिनों में 100 रूपए प्रति क्विंटल ऊपर-नीचे होते हुए आज एसक्यू 8150 रूपए में बिक जाने की खबरें थी।

देशी छोटा एवं मोटा माल भी इसी अनुपात में घट गया, लेकिन घटी हुई कीमतों में दाल मिलों की मंाग नही निकलने तथा भारतीय बंदरगाहों पर स्टॉक ज्यादा नही रहने से यहां से बाजार में फिर से 200 रूपए की चावल दिखाई दे रही है।

मूंग और बढने के आसार
मूंग में कमजोर कीमतों पर दाल मिलों की पकड़ पूरे सप्ताह बनी रही, जिसके चलते आज कीमतें 200/300 रूपए क्वालिटीनुसार माल में तेजी लिये बाजार बंद हुए।
गौरतलब रहे कि उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड की फसल में समाप्त हो जाने तथा राजस्थानी फसल में पोल आ जाने से चौतरफा माल की कमी बनी हुई ह।
महाराष्ट्र एवं राजस्थान के माल दागी हो जाने से क्वालिटी डिफरेंस बहुत ज्यादा हो गया है। यहां दागी के हिसाब से मूंग 5000/7500 रूपए प्रति क्विंटल के बीच बिक रही है। पालसी माल ज्यादा नही मिल रहा है। बाकी औसत माल धोया के मतलब के सस्ते मिल रहे है, जिससे बढ़िया माल की कमी रहेगी।

मसूर: अभी आयातित माल का दबाव
मसूर में ग्राहकी कमजोर रहने तथा मुंदड़ा-मुंबई बंदरगाहों से मंदी कीमतों में आयातकों की बिकवाली निकलने से बाजार घटकर 7450 रूपए प्रति क्विंटल रह गयी है। देशी मसूर भी बिल्टी में 7600 रूपए पर 100 रूपए दो दिनों में घट गयी।

जानकार मानते है कि नयी फसल आने में अभी लंबा समय बाकी है, लेकिन विदेशी माल अभी बाजार को उठने नही देंगे।