सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की अभिनव पहल
कोटा। सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की ‘पर्यावरण संरक्षण प्रहरी कोटा’ मुहिम के तृतीय चरण के तहत स्थापित ‘इको फ्रेंडली रावण दहन क्लब’ द्वारा सनातन परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया गया। गुरुधाम कॉलोनी, रोटेदा रोड कोटा जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में 15 फीट ऊंचे इको-फ्रेंडली रावण के पुतले का वैदिक रीति-रिवाज से अंत्येष्टि रूपी संस्कार संपन्न किया गया।
महासंघ के मुख्य संयोजक व अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल के संयोजन में ।कर्मकांडी प्रकांड पंडितो द्वारा मंत्रोचार के साथ वैदिक दहन प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पटाखा या आतिशबाजी का प्रयोग पुतले के अंदर नहीं किया गया। इसके स्थान पर 500 गोबर के उपले, एक पीपा शुद्ध देसी घी 108 नारियल, 11 किलोग्राम हवन सामग्री, 11 किलोग्राम चंदन की लकड़ी, 2 किलोग्राम कपूर, 2 किलोग्राम अगर-तगर एवं 1 किलोग्राम गूगल जैसे प्राकृतिक व सुगंधित द्रव्यों का उपयोग किया गया।
पौराणिक मान्यता एवं सनातन धर्म की मर्यादा
संस्थापक महामंत्री एवं प्रवक्ता राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ (रावण सरकार) ने बताया कि वाल्मीकि रामायण के अनुसार, रावण वध के पश्चात भगवान श्री राम ने शोकसंतप्त विभीषण को सीख दी थी कि प्राण निकलने के साथ ही व्यक्ति के साथ सारे वैर समाप्त हो जाते हैं। मृत शरीर के प्रति द्वेष न रखते हुए उसका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करना भाई का नैतिक कर्तव्य है। अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि पुतले के भीतर पटाखे भरकर धमाके करना और मृत शरीर के प्रतीक के चिथड़े उड़ाना सनातन धर्म के नियमों के विरुद्ध है। खुशी व्यक्त करने के लिए प्रतीकात्मक आतिशबाजी अलग से की जा सकती है, किंतु पुतले का दहन मर्यादा और सुगंधित द्रव्यों के साथ होना चाहिए।
रामलीला मंचन किया, कंकड़ मारने की परंपरा निभाई
दहन से पूर्व ‘राम कला संस्थान’ के निदेशक दीपक शर्मा एवं उनके कलाकारों द्वारा प्रभु श्री राम, लक्ष्मण, हनुमान, अंगद एवं जामवंत की लीलाओं तथा रावण वध का जीवंत मंचन किया गया। पुतला दहन से पूर्व वानर सेना द्वारा समुद्र सेतु निर्माण में पत्थरों के अभूतपूर्व योगदान को स्मरण और नमन करने हेतु रावण के पुतले को कंकड़ मारने की पौराणिक परंपरा का निर्वहन भी किया गया। इको फ्रेंडली रावण दहन क्लब के मुख्य संरक्षक डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी में पर्यावरण-अनुकूल त्योहार मनाने के संस्कार सिंचित करने के उद्देश्य से 7 फीट ऊंचे 10 इको-फ्रेंडली रावण के पुतले नि:शुल्क वितरित किए गए थे, जिनका शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इसी रीति से दहन हुआ। यह आयोजन गुरुधाम शाखा अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा एवं नीलम शर्मा के नेतृत्व में विशाल जन समुदाय की गरिमामयी उपस्थिति में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

