ऊर्जा मंत्री नागर ने सांगोद में औचक भ्रमण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांची

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अधिकारियों को दी बिना दबाव काम करने की नसीहत

सांगोद/कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार तड़के सांगोद नगर में औचक भ्रमण कर विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का जमीनी निरीक्षण किया। शनिवार रात सांगोद स्थित अपने निजी आवास पर विश्राम करने के बाद, मंत्री नागर सुबह जल्दी ही बिना किसी पूर्व सूचना के नगर की सड़कों पर निकल पड़े।

इस दौरान उन्होंने शहर के अलग-अलग वार्डों और मुख्य मार्गों का दौरा कर वहां चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और उनकी गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया।

​ऊर्जा मंत्री अपने इस भ्रमण के दौरान कोलियों का बड़, कोटा रोड, जलदाय विभाग की टंकी के पास, सीएमएचओ ऑफिस के पीछे, जलदाय विभाग परिसर, गायत्री चौराहा, जोलपा रोड तथा गौरव पथ सहित नगर के विभिन्न प्रमुख इलाकों में पहुंचे।

इन क्षेत्रों में वर्तमान में चल रहे नाली निर्माण, सड़क मरम्मत, सीवरेज लाइन और बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड (भूमिगत) करने के कार्यों का उन्होंने भौतिक सत्यापन किया। सुबह-सुबह अचानक ऊर्जा मंत्री को अपने बीच पाकर स्थानीय नागरिक भी अपनी समस्याएं साझा करने पहुंचे।

​निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने निर्माण कार्यों में लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने नाली निर्माण में प्रयुक्त की जा रही सामग्री की गुणवत्ता को खुद परखा और मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री की तुरंत लैब जांच कराई जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा और स्वच्छता के मद्देनजर नालियों को व्यवस्थित तरीके से ढकने (ढकान) के भी कड़े निर्देश दिए, ताकि आमजन और मवेशियों को कोई दुर्घटना का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के बाद ऊर्जा मंत्री ने नगर पालिका के अधिकारियों और अभियंताओं के साथ संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में नसीहत देते हुए कहा कि वे बिना किसी राजनीतिक या बाहरी दबाव के, पूरी निष्पक्षता और ईमानदारी से काम करें।

मंत्री नागर ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय जनता का कल्याण है, इसलिए अधिकारी पूरी तरह जनता के हितों को सर्वोपरि रखकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने चल रहे सीवरेज और बिजली अंडरग्राउंडिंग के कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय निवासियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और भारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।