नई दिल्ली। Rajasthan CET validitT: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने विभिन्न भर्तियों के स्क्रीनिंग टेस्ट के तौर पर होने वाली समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। चयन बोर्ड ने सीईटी प्रमाणपत्र की वैधता 1 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दी है।
इससे राज्य में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे 20 लाख से अधिक उम्मीदवारों को राहत मिलेगी। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि इस बार परीक्षा का स्तर कठिन रखा जाएगा, ताकि सीमित संख्या में अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा के लिए पात्र हों। स्नातक स्तर की सीईटी के आवेदन जून में और सीनियर सेकेंडरी स्तर के आवेदन जुलाई में शुरू हो सकते हैं।
आपको बता दें कि सीईटी स्नातक स्तर के 8.78 लाख और सीनियर सेकंडरी स्तर के 9.17 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता फरवरी 2026 में समाप्त हो चुकी है। कई भर्तियां लटक गई हैं।
पासिंग मार्क्स जस के तस
पहले की तरह सीईटी में पात्रता के लिए 40 फीसदी अंक लागू रहेंगे। आरक्षित वर्ग को 5 फीसदी अंक की छूट भी मिलती रहेगी।
पेपर आएगा मुश्किल
रिपोर्ट के मुताबिक चयन बोर्ड ने बताया है कि इस बार सीईटी 2026 एग्जाम में पेपर का स्तर स्टैंडर्ड और अपेक्षाकृत कठिन रखा जाएगा, ताकि काफी ज्यादा संख्या में अभ्यर्थी मेन्स के लिए पात्र न हो जाएं। बोर्ड का प्रयास रहेगा कि लगभग 3 से 4 लाख अभ्यर्थी ही पात्र हों ताकि मुख्य परीक्षा एक ही शिफ्ट में कराई जा सके।
परीक्षा स्कीम और विस्तृत पाठ्यक्रम
बोर्ड ने सीईटी सीनियर सेकेंडरी पात्रता परीक्षा में 300 अंक के कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। पेपर की अवधि 3 घंटे की होगी। नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। 12वीं स्तर के प्रश्न मल्टीपल चॉइस वाले ही होंगे।
सीईटी एग्जाम पैटर्न
- कुल प्रश्न: 150 (सभी वस्तुनिष्ठ)
- कुल अंक: 300 (प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का)
- समय: 180 मिनट (3 घंटे)
- नेगेटिव मार्किंग: कोई प्रावधान नहीं
12वीं स्तर की सीईटी से वनपाल, राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती, छात्रावास अधीक्षक, क्लर्क ग्रेड II, जमादार ग्रेड – II, जूनियर असिस्टेंट जैसे पदों पर भर्तियां होती है। अगर किसी भी अभ्यर्थी को इन छह तरह के पदों के लिए आवेदन करना है तो उसे पहले 12वीं स्तर का सीईटी देना होगा। ग्रेजुएशन स्तर की सीईटी से प्लाटून कमांडर, जेलर, हॉस्टल सुपरिटेंडेंट ग्रेड II, जूनियर अकाउंटेंट, पटवारी, जिलेदार, विलेज डेवलेपमेंट ऑफिसर, सुपरवाइजर (मेल एंड फीमेल), तहसील रेवन्यू अकाउंटेंट के पद भरे जाएंगे।
सीईटी पाठ्यक्रम में इन विषयों पर रहेगा जोर
सीईटी सिलेबस में राजस्थान के सामान्य ज्ञान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। राजस्थान का इतिहास व संस्कृति में प्राचीन सभ्यताएं जिसमें कालीबंगा, आहड़ आदि, प्रमुख राजवंश, स्थापत्य कला, स्वतंत्रता आंदोलन, लोक भाषाएं, संत, लोक देवता और मेले-त्योहार। भूगोल में भारत के पर्वत, नदियां और वन्य जीव सहित राजस्थान की जलवायु, मृदा, खनिज संपदा और जनसंख्या आंकड़े। राजनीति व अर्थव्यवस्था में भारतीय संविधान की प्रकृति, मौलिक अधिकार और राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था। राज्य की प्रमुख कृषि आधारित योजनाएं और औद्योगिक विकास।
दैनिक विज्ञान में भौतिक-रासायनिक परिवर्तन, धातु-अधातु, कार्बन के रूप, प्रकाश का परावर्तन, अंतरिक्ष एवं सूचना प्रौद्योगिकी, आनुवंशिकी, रक्त समूह और मानव रोग। गणित व रीजनिंग में वैदिक विधि से वर्ग-मूल, लाभ-हानि, प्रतिशत, त्रिकोणमिति, माध्य-विचलन और तार्किक क्षमता।
भाषा ज्ञान के तहत सामान्य हिन्दी (संधि, समास, मुहावरे) और जनरल इंग्लिश। कम्प्यूटर व करंट अफेयर्स में एमएस ऑफिस का ज्ञान और राजस्थान व अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं। वर्तमान में चर्चित व्यक्ति, स्थान और खेलकूद संबंधी गतिविधियों से जुड़े प्रश्नों का समावेश भी पाठ्यक्रम में किया गया है, जो परीक्षार्थियों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

