अखिल भारतीय गतका प्रतियोगिता में गुरु काशी विश्वविद्यालय ओवरऑल चैंपियन

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कोटा। कोटा विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय गतका प्रतियोगिता (पुरुष एवं महिला) का समापन रविवार को शानदार प्रतिस्पर्धा और उत्साहपूर्ण माहौल के साथ हुआ। भारतीय विश्वविद्यालय संघ एवं खेल तथा युवा मामले मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान आयोजित प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता का आयोजन कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत के निर्देशन में किया गया।

आयोजन सचिव डॉ. विजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के 36 विश्वविद्यालयों की टीमें कोटा पहुंचीं। कुल नौ श्रेणियों में आयोजित इस प्रतियोगिता में 362 प्रतिभागी खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया। समापन दिवस रविवार को कुल 94 मुकाबले संपन्न हुए।

कुप्रतियोगिता में गुरु काशी विश्वविद्यालय ने सर्वाधिक पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। विश्वविद्यालय ने 6 स्वर्ण और 1 रजत पदक के साथ कुल 48 अंक अर्जित किए। वहीं, श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड विश्वविद्यालय 1 स्वर्ण और 4 रजत पदकों के साथ 23 अंक लेकर द्वितीय स्थान पर रहा। पंजाब विश्वविद्यालय 15 अंकों के साथ तृतीय तथा गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय 10 अंकों के साथ चतुर्थ स्थान पर रहा।

मेजबान कोटा विश्वविद्यालय ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 1 स्वर्ण एवं 2 कांस्य पदक अर्जित किए। ध्वज अवतरण कर कुलगुरू प्रो.भगवती प्रसाद सारस्वत ने प्रतियोगिता समापन की घोषणा की। समापन समारोह में कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करती हैं।

उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक दक्षता का माध्यम हैं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को भी निखारते हैं। कुलगुरु ने विश्वविद्यालय द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित 5 दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए कोटा विश्वविद्यालय के खेल विभाग एवं सभी सहयोगियों की सराहना की। उन्होंने आयोजन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के समर्पण और प्रयासों को इस सफलता का आधार बताया।

प्रो. सारस्वत ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए पूर्णतः सक्षम और तैयार है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पास बेहतर संसाधन, कुशल प्रबंधन और उत्कृष्ट खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनके बल पर बड़े टूर्नामेंट्स का सफल आयोजन किया जा सकता है।

इस अवसर पर प्रो. बी.एस. राठौड़, प्रो. बलजिंदर सिंह तूर, प्रो. सी.एस. भाटी, तरूमीत बेदी, डॉ. चक्रपाणि गौतम, डॉ. तीरथ सांगा, डॉ. चमन तिवारी, डॉ. धीरेंद्र सक्सैना और डॉ. भूपेंद्र शर्मा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। अंत में डॉ. अमर सिंह यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन विजय लक्ष्मी जैन ने किया।