स्पीकर बिरला और ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद खाद्य विभाग ने जारी की नई गाइड लाइन
कोटा। राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद के लिए नवीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाने के निर्देश दिए थे।
मंत्री नागर ने स्वयं भामाशाह मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याओं को समझा था। जिसके बाद विभाग ने किसानों के हित में पोर्टल की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब किसान 6 अप्रैल से 31 मई तक अपनी पसंद के किसी भी सप्ताह का चयन कर फसल बेचान हेतु स्लॉट बुक कर सकेंगे।
व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए टोकन अब खरीद केंद्रों द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय की मंजूरी के बाद जारी किए जाएंगे। ताकि दैनिक क्षमता का पूर्ण उपयोग हो सके और किसानों को मंडी में इंतजार न करना पड़े।
यदि कोई किसान बिना पंजीकरण के पहुंचता है, तो केंद्र प्रभारी को प्रतिदिन शाम 6 बजे के बाद कुल पंजीकृत किसानों के 10% तक ‘स्पॉट रजिस्ट्रेशन’ करने की अनुमति दी गई है।सह-खातेदारों और बटाईदारों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है।
अब सह-खातेदार या भूमि मालिक की सहमति उनके जनआधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से ली जा सकेगी। यदि पंजीकरण के समय यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, तो खरीद केंद्र प्रभारी भी इसे पूर्ण कर सकेंगे। हालांकि, भुगतान केवल पंजीकृत किसान के जनआधार लिंक बैंक खाते में ही जमा होगा।
मृतक किसानों के मामले में, वारिस अपडेटेड जमाबंदी अपलोड कर अपनी उपज बेच सकेंगे। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक अब अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति को मनोनीत कर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से फसल बेच सकेंगे।
तकनीकी समस्याओं का समाधान करते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि गिरदावरी के आधार पर उपज की सीमा तय की गई है। यदि ‘राउंड ऑफ’ के कारण किसान के पास सीमित मात्रा में अतिरिक्त गेहूँ बचता है, तो केंद्र प्रभारी को निर्धारित मात्रा से 5% अधिक तक खरीद की छूट दी गई है।
बारदाना आपूर्ति और गोदामों में माल उतारने की समस्याओं के समाधान हेतु एफसीआई को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टरों को खरीद संबंधी शिकायतों के लिए तत्काल कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा गया है। ये सभी संशोधित व्यवस्थाएं सोमवार, 6 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी।
नई व्यवस्था से परेशानियों से मिलेगी मुक्ति
नई व्यवस्था से बटाईदार और सह-खातेदार किसानों को सुविधा होगी। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को भी फसल बेचान में आ रही परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। गिरदावरी की विसंगतियों को दूर कर और 5% अतिरिक्त खरीद की छूट देकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी पात्र किसान का गेहूँ केंद्र से वापस न लौटे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक अन्नदाता अपनी उपज बिना किसी अनावश्यक देरी या परेशानी के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सके।-हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री, राजस्थान सरकार

