MCap: सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से पांच का मार्केट कैप एक लाख करोड़ घटा

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नई दिल्ली। Market Cap: शेयर बाजार की शीर्ष कंपनियों के लिए बीता सप्ताह ज्यादा अनुकूल नहीं रहा। सेंसेक्स की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से पांच के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान एचडीएफसी बैंक को हुआ, जिससे यह सप्ताह उसके लिए सबसे कमजोर साबित हुआ। अगर बाजार के समग्र प्रदर्शन की बात करें तो प्रमुख सूचकांक लगभग स्थिर रहे, लेकिन हल्की गिरावट का रुख दिखाई दिया।

बीएसई का सेंसेक्स बीते सप्ताह 30.96 अंक यानी 0.04 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 36.6 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। यह संकेत देता है कि बाजार में निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक माहौल के साथ हुई थी और शुरुआती तीन कारोबारी सत्रों में बाजार ने अच्छी बढ़त दिखाई। हालांकि, गुरुवार को आई तेज गिरावट ने पूरे सप्ताह की कमाई को खत्म कर दिया। इसके बाद आखिरी कारोबारी दिन बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

Religare Broking Ltd के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा के अनुसार, बाजार का रुख पूरे सप्ताह सपाट रहा, लेकिन इसमें हल्की नकारात्मकता साफ दिखी। उनका कहना है कि निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और किसी बड़े संकेत का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में मजबूती के बावजूद टिकाऊ बढ़त नहीं बन पा रही है।

शेयर बाजार में बीते सप्ताह टॉप कंपनियों के प्रदर्शन में साफ तौर पर दो अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। एक तरफ कुछ दिग्गज कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर कुछ कंपनियों ने मजबूत बढ़त हासिल कर निवेशकों को राहत दी।

जिन कंपनियों पर दबाव बना रहा, उनमें एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल रहे। इन पांच कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में कुल 1,02,771.87 करोड़ रुपये की गिरावट आई। इस गिरावट में सबसे बड़ा योगदान एचडीएफसी बैंक का रहा, जिसका मार्केट कैप 56,124.48 करोड़ रुपये घटकर 12,01,267.28 करोड़ रुपये पर आ गया।

इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार मूल्य में 18,009.62 करोड़ रुपये की कमी आई और यह घटकर 4,89,631.32 करोड़ रुपये रह गया। बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन भी 15,338.42 करोड़ रुपये कम होकर 5,16,715.12 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मार्केट कैप में 7,127.63 करोड़ रुपये की गिरावट आई, जिससे इसका मूल्य 8,64,940 करोड़ रुपये रह गया। वहीं आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 6,171.72 करोड़ रुपये घटकर 8,91,673.06 करोड़ रुपये पर आ गया।

दूसरी ओर, कुछ कंपनियों ने बाजार में मजबूती दिखाई और उनके मूल्यांकन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सबसे ज्यादा उछाल दिखाया, जिसका मार्केट कैप 45,942.75 करोड़ रुपये बढ़कर 19,14,235.92 करोड़ रुपये हो गया। इसके साथ ही कंपनी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रही।

टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 24,462.03 करोड़ रुपये बढ़कर 10,52,893.75 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मूल्यांकन में 10,707.52 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज की गई और इसका मार्केट कैप 9,76,968.57 करोड़ रुपये हो गया।

आईटी सेक्टर की कंपनी इंफोसिस और बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलआईसी ने भी हल्की लेकिन सकारात्मक बढ़त दर्ज की। एलआईसी का बाजार पूंजीकरण 2,624.88 करोड़ रुपये बढ़कर 4,91,610.45 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इंफोसिस का मार्केट कैप 2,473.79 करोड़ रुपये बढ़कर 5,08,789.37 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

सप्ताह के अंत में बाजार पूंजीकरण के आधार पर कंपनियों की रैंकिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।