विकसित भारत युवा संसद: लोकतांत्रिक मूल्यों पर युवाओं का प्रखर मंथन
कोटा। राष्ट्रीय सेवा योजना एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार जिला स्तरीय कार्यक्रम “विकसित भारत युवा संसद–2026” का आयोजन ओम कोठारी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, अनंतपुरा, कोटा में ‘माय भारत’ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को संपन्न हुआ।
कार्यक्रम ने युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय दायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “आपातकाल के 50 वर्ष—लोकतंत्र के लिए सबक” निर्धारित की गई थी।
विषय की गंभीरता और समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए 21 युवा प्रतिभागियों ने अपने सशक्त, तार्किक और ज्वलंत विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि आपातकाल के अनुभव से सीख लेते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
युवाओं ने इस बात पर बल दिया कि सक्रिय सहभागिता और जागरूकता से ही ऐसा वातावरण निर्मित किया जा सकता है, जिससे भविष्य में कभी भी लोकतांत्रिक अधिकारों पर आंच न आए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य संपर्क अधिकारी, शासन सचिवालय, जयपुर, राजस्थान सरकार के डॉ. नरेंद्र गुप्ता रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉलेज शिक्षा परिषद, कोटा के सहायक निदेशक प्रो. विजय पंचोली उपस्थित रहे।
समारोह में संस्थान निदेशक डॉ. अमित सिंह राठौड़, ‘माय भारत’ कोटा के उपनिदेशक सचिन पाटोदिया, कोटा जिला एनएसएस समन्वयक रीना कुमारी एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागी, व्याख्याता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
स्वागत उद्बोधन में डॉ. अमित सिंह राठौड़ ने कहा कि युवा देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की शक्ति भी हैं। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी सुदृढ़ता बनाए रखने का दायित्व युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने युवाओं से जागरूक, उत्तरदायी और संवेदनशील नागरिक बनने का आह्वान किया।

