कोटा। अग्रवाल वैष्णव मोमीयां पंचायत द्वार मंगलवार को विष्णु भगवान के चतुर्थ अवतार भगवान श्री नरसिंह की जयन्ती का भव्य समारोह गाँधी चौंक रामपुरा पर आयोजित किया जाएगा। संस्था के प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि भगवान नरसिंह के स्वरूप द्वारा हिरण्यकश्यप के 25 फीट के पुतले का वध किया जाएगा ।
कार्यक्रम संयोजक श्याम सुंदर गर्ग ने बताया कि राम दरबार व शिवजी, हनुमान व भक्त प्रह्लाद की झांकी सजाई जाएगी। समारोह सांयकाल सूर्यास्त होते ही समय 6.45 बजे नृसिंह भगवान प्रकट होंगे। इसके बाद हिरण्यकश्यप के पुतले का वध होगा। महाआरती की जाएगी तथा बाद में ठंडाई व प्रसाद वितरण होगा।
126 सालों से यह परंपरा
संस्था के अध्यक्ष चेतन मित्तल गोंदवाले व सचिव महेंद्र मित्तल के अनुसार यह परम्परा पिछले 126 वर्षों से चली आ रही है। पहले यह समारोह रामपुरा चौंक में होता था। सन 1905 में दरबार द्वारा नरसिंह धर्माशाला के सामने (अभी गांधी चौक है) जगह उपलब्ध कराई। जब से समाज द्वारा जनता जन के लिए समारोह आयोजित होता आ रहा है। जिसमें भगवान नरसिंह द्वारा हिरण्य कश्यप के पुतले का वध किया जाता है। आम लोग पुतले के कागज व लकडियाँ अपने घरों में ले जाकर घर के बाहर लगाते हैं। जिससे साल भर कोई परेशानी न हो। इसके बाद कई माताएं अपने छोटे छोटे बच्चों को भगवान की गोद मे देती हैं और आशीर्वाद दिलाती हैं। मान्यता है कि इससे बच्चे रात को डरते नहीं हैं और बीमारियों से दूर रहते हैं।
छप्पन भोग व फूल बंगला सजेगा
किशोरपुरा दरवाजे पर स्थित प्राचीन नरसिंह मन्दिर के पुजारी मयंक शर्मा ने बताया कि कोटा में यह एक मात्र नरसिंह मन्दिर है। यह मन्दिर 200 वर्ष पुराना है। कोटा महाराज पूजा करने आते थे। नरसिंह जयन्ती के अवसर पर सुबह 7 बजे भगवान का पन्चामृत से महाअभिषेक तथा चन्दन का लेप, 8 बजे से शृंगार, फूल बंगला के दर्शन होंगे। दोपहर 12 बजे आरती तथा सांय 7 बजे 101 बत्ती से महाआरती होगी। प्रसाद वितरण होगा। रात 8 बजे भजन संध्या होगी।
चन्दन के लेप का तिलक लगाया जाएगा
मयंक शर्मा ने बताया कि नरसिंह भगवान पर चंदन का लेप लगाना बहुत शुभ होता है। लम्बे समय से जो व्यक्ति बीमार है। उसे नरसिंह भगवान पर चढ़ाया चन्दन रोगी के माथे पर लगा तो सेहत में सुधार होने लगता है।
लोग अपनी समस्या कागज में लिखकर जाते है
पुजारी मयंक शर्मा ने बताया कि लोग अपनी समस्या को कागज में लिख वहां रखकर जाते हैं। इस दौरान हाथों में शुभ नरसिंह पवित्रा बांधी जाएगी। जोकि दिव्य व चिरस्थायी सुरक्षा प्रदान करता है।