नई दिल्ली। अगले दो-तीन महीनों बाद घरेलू हवाई यात्रा के दौरान भी आपसे पासपोर्ट या आधार कार्ड दिखाने को कहा जाए तो हैरान होने की जरूरत नहीं है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा वक्त में यात्रियों की पहचान बेहद जरूरी हो गई है। मंत्रालय जल्द ही एक ‘नो फ्लाई’ लिस्ट लाने वाली है, जिसमें चार तरह के अपराधों के हिसाब से कार्रवाई तय होगी।
घरेलू हवाई यात्रा में भी दिखाना पड़ेगा पासपोर्ट या आधार
नई दिल्ली। अगले दो-तीन महीनों बाद घरेलू हवाई यात्रा के दौरान भी आपसे पासपोर्ट या आधार कार्ड दिखाने को कहा जाए तो हैरान होने की जरूरत नहीं है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा वक्त में यात्रियों की पहचान बेहद जरूरी हो गई है। मंत्रालय जल्द ही एक ‘नो फ्लाई’ लिस्ट लाने वाली है, जिसमें चार तरह के अपराधों के हिसाब से कार्रवाई तय होगी।
अभी शादी फिक्स नहीं, जब होगी तब बताऊंगी : सोनाक्षी सिन्हा
मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा आजकल अपनी अपकमिंग फिल्म ‘नूर’ के प्रमोशन में बिजी हैं। इससे पहले सोनाक्षी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी सुर्खियों में थीं। खबर थी कि वो बंटी साजदेह को डेट कर रही हैं। सिर्फ इतना ही नहीं खबरें तो ये भी आने लगी थीं कि वो शादी करने वाली हैं।
लेकिन हाल ही में जब सोनाक्षी से उनकी शादी को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, ‘ये सब बकवास है। जब भी मेरी शादी फिक्स होगी, तो मैं खुद इस बात को पूरी दुनिया को बताऊंगी। इसमें छुपाने जैसा कुछ नहीं है।’
सोनाक्षी ने आगे कहा, ‘मैंने अभी तक शादी को लेकर कुछ सोचा ही नहीं है। लोग पता नहीं ऐसी बातें क्यों कर रहे हैं।’
बता दें कि सुनील सिप्पी के निर्देशन में बनी ‘नूर’ पाकिस्तान की लेखक सबा इम्तियाज के नॉवल ‘कराची-यू आर किलिंग मी’ पर आधारित है। फिल्म 21 अप्रैल को रिलीज होगी। फिल्म में सोनाक्षी के साथ कनन गिल और पूरब कोहली लीड रोल में हैं।
भारतीय डिजाइन के साथ हेल्मेट के लिए ISI मानक जरूरी
नई दिल्ली। सरकार हेल्मेट के डिजाइन के साथ इनके निर्माण के मानक बदलने पर विचार कर रही है। भारतीय मानक ब्यूरो से नए मानक तैयार करने को कहा गया है।इसी के साथ गैस स्टोव की तरह गैर आइएसआइ हेल्मेट की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा गठित समिति ने हेल्मेट के डिजाइन व मानकों में परिवर्तन की सिफारिश की है।समिति के अनुसार पश्चिमी डिजाइन और मानकों के आधार पर बने होने के कारण मौजूदा हेल्मेट भारत की सामाजिक व मौसमी स्थितियों से मेल नहीं खाते।
ज्यादातर दोपहिया चालकों द्वारा हेल्मेट न पहनने की यह बड़ी वजह है।यदि हेल्मेट पहनना अनिवार्य करना है और लोगों में इसकी आदत विकसित करनी है तो इनके डिजाइन में बदलाव करना होगा। संयुक्त सचिव की अध्यक्षता वाली समिति में हेल्मेट व वाहन निर्माताओं की संस्था सियाम के अलावा भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) के विशेषज्ञ शामिल थे।इन सिफारिशों के आधार पर निर्माताओं से नए डिजाइन तथा बीआइएस से नए मानक तैयार करने को कहा गया है। नए डिजाइन में हेल्मेट को हल्का तथा ज्यादा से ज्यादा खुला रखने पर जोर दिया गया है।
मुख्य रूप से सिर का अगला और गर्दन का ऊपरी हिस्सा कवर होगा।भारत में करीब 29 फीसद सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों के साथ होती हैं। इनमें 31.5 फीसद मामलों में चालक व पीछे बैठी सवारी की मौत मुख्यतः हेल्मेट न पहने होने के कारण होती है। वर्ष 2015 में दोपहियों से जुड़ी 1,44,391 दुर्घटनाओं में 36,802 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1,35,343 लोग किसी न किसी स्तर पर घायल हुए। तेज रफ्तार वाहनों व बेहतर सड़कों के निर्माण के साथ दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर खतरा बढ़ गया है।यही वजह है कि दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। सबसे बड़ी चिंता लोगों के हेल्मेट न पहनने की प्रवृत्ति को लेकर है। जबकि विभिन्न समितियां समय-समय पर हेल्मेट को अनिवार्य करने की सिफारिश कर चुकी हैं।
कई राज्यों ने हेल्मेट को अनिवार्य कर भी दिया है।लेकिन हेल्मेट के प्रति लोगों की अरुचि के कारण इसे लागू करना टेढ़ी खीर बना हुआ है। भारतीयों को हेल्मेट से इतनी चिढ़ क्यों है? दरअसल, भारत में जहां साल के आठ महीने गर्मी रहती है, हेल्मेट जैसा बंद कवच पहनना लोगों के लिए सजा से कम नहीं है।ज्यादातर हेल्मेट वजन में भारी, आकार में बड़े, आकृति में बेढब और गैस चैंबर की तरह बंद होते हैं। इससे पहनने वालों को उलझन महसूस होती है। गर्मियों में पसीने तथा फोम की सिंथेटिक रगड़ के कारण दोपहिया चालकों को अक्सर सिर में फुंसियां आने व बाल झड़ने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। –
बिल्लो’ के बाद जरीन करेंगी हॉरर फिल्म में काम
मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान फिल्मकार विक्रम भट्ट की फिल्म ‘1921’ के साथ पहली बार हॉरर फिल्म के लिए तैयार हैं। इसके लिए वह रोज रात कुछ हॉरर फिल्में और धारावाहिक देखकर अपने किरदार की तैयारी में जुटी हैं। जरीन ने कहा कि मैंने कभी भी हॉरर फिल्मों में काम नहीं किया है, इसलिए यह मेरे लिए चुनौतीपूर्ण है।
लेकिन मैं इसके लिए उत्साहित हूं। फिल्म में अभिनेत्री की भूमिका का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पिछली बार निर्देशक विशाल पांडे की ‘हेट स्टोरी 3’ में नजर आ चुकीं जरीन ने र्शूंटग शुरू होने से पहले की कुछ वर्कशॉप में भी भाग लिया। फिल्म की कहानी संगीत के छात्रों के ईद-गिर्द घूमती है।
सुनने में आ रहा है कि इसकी शूटिंग मई से शुरू होगी और लंदन में बड़े पैमाने पर इसकी र्शूंटग होगी। जरीन ‘अक्सर 2’ में भी दिखाई देंगी। यह साल 2006 की फिल्म ‘अक्सर’ का सीक्वल है। अनंत महादेवन ने 2006 की फिल्म अक्सर का निर्देशन किया था। इसके सीक्वल का निर्देशन भी वह खुद करेंगे। इसमें इमरान हाशमी, उदिता गोस्वामी और डिनो मोरिया जैसे सितारे प्रमुख भूमिका में थे।
थर्ड पार्टी प्रीमियम में होगी सिर्फ 27 फीसद बढ़ोतरी
नई दिल्ली। वाहन स्वामियों को थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम की दर में राहत मिल सकती है। बीमा नियामक इरडा प्रीमियम बढ़ोतरी को कम करके 27 फीसद करने पर राजी हो गया है। इस पर ट्रांसपोर्टर भी राजी हो गये हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रीमियम के मसले पर ट्रक एसोसिएशनों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया है।
इरडा ने बीमा कंपनियों को पहली अप्रैल, 2017 से थर्ड पार्टी प्रीमियम (टीपीपी) में 41 फीसद तक की बढ़ोतरी की इजाजत दे दी है। इससे ट्रांसपोर्टर बेहद नाराज हैं। दक्षिण भारत के कुछ ट्रांसपोर्ट संगठनों तथा ट्रकों के संगठन अकोगोवा ने इसे लेकर पहली अप्रैल से कुछ राज्यों में चक्का जाम कर रखा था।
जबकि अखिल भारतीय संगठन आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआइएमटीसी) तथा अटवा ने पहले 20 अप्रैल और फिर आठ अप्रैल से हड़ताल का प्रस्ताव किया था।
ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ गुड्स व्हीकल ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चन्ना रेड्डी ने हैदराबाद से फोन पर बताया कि इरडा से शनिवार को हमारी बैठक हुई। उन्होंने प्रीमियम वृद्धि घटाकर 27 फीसद तक कर दी है। इसके बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला किया गया। जल्दी ही दक्षिणी राज्यों में हालात सामान्य हो जाएंगे।
ट्रांसपोर्टरों के रुख को देखते हुए इरडा ने 27 मार्च को हैदराबाद में ट्रांसपोर्टरों और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। इसमें इरडा ने प्रीमियम को जायज ठहराते हुए संबंधित रिकॉर्ड देखने के लिए 15 दिन का समय दिया था।
इरडा का कहना था कि जब तक रिकॉर्ड की जांच नहीं हो जाती तब तक ट्रांसपोर्टरों को हड़ताल स्थगित कर देनी चाहिए। लेकिन ट्रांसपोर्टरों का कहना था कि जब तक उनकी पड़ताल पूरी नहीं हो जाती तब तक प्रीमियम बढ़ोतरी को ही स्थगित रखा जाए। इरडा के इस पर राजी न होने पर वार्ता विफल हो गई थी।
इसके बाद ट्रांसपोर्टर प्रतिनिधियों ने दिल्ली में वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार से मुलाकात कर मामले में दखल देने का अनुरोध किया। अगले दिन उन्होंने सड़क मंत्रालय के अफसरों के साथ भी बैठक की। सरकार के दखल के बाद इरडा ने ट्रांसपोर्टरों को पुनः हैदराबाद बुलाकर वार्ता की।
इस दौरान इरडा ने प्रीमियम बढ़ोतरी को 27 प्रतिशत पर सीमित करने का प्रस्ताव रखा। लेकिन जीएसटी, कैरिज बाय रोड एक्ट और टीडीएस समेत अन्य मांगों को लेकर एआइएमटीसी की 20 अप्रैल से प्रस्तावित हड़ताल को लेकर संशय बरकरार है।
इस पूरे प्रकरण से यह बात स्पष्ट है कि सरकार ट्रांसपोर्टरों के बीच मतभेद पैदा करने में कामयाब रही है। टीपीपी को लेकर सरकार का नजरिया स्पष्ट था। वह हर हाल में थर्ड पार्टी मोटर बीमा मुआवजे की राशि को पांच लाख रुपये पर सीमित करने पर आमादा थी।
जिसका प्रावधान मोटर वाहन संशोधन विधेयक, 2016 में किया गया है और जिसे शुक्रवार को ही लोकसभा में पेश किया गया है और जिसके शीघ्र पारित होने की संभावना है। मुआवजे की रकम कम होने के कारण ही इरडा के लिए टीपीपी प्रीमियम में कमी करना आसान हो गया है।
यह अलग बात है कि बीमा कंपनियों के वास्तविक खर्च को देखते हुए 27 फीसद की प्रस्तावित दर भी बहुत अधिक है और इसमें और कमी हो जाए तो आश्चर्य नहीं होगा।
‘बेगम जान’ में देखें विद्या के होश उड़ाने वाले डायलॉग
फिल्म के डायलॉग्स और विद्या का किरदार काफी बोल्ड है। बता दें कि ‘बेगम जान’ साल 2015 में आई बांग्ला फिल्म ‘राजकहिनी’ की हिंदी रीमेक है। फिल्म में 11 एक्ट्रेसेस हैं। श्रीजीत मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म 14 अप्रैल को रिलीज होगी।
माल्या की किंगफिशर विला एक्टर-बिजनेसमैन सचिन ने खरीदी

नई दिल्ली । बैकों से 9000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ब्रिटेन भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। बैंकों ने एसबीआई के नेतृत्व में गोवा का किंगफिशर विला 73.01 करोड़ रुपये में बेच दिया है। एक अंग्रेजी समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार, मूवी प्रोडक्शन कंपनी विकिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ने किंशफिशर विला को एक प्राइवेट डील के तहत खरीदा है। इस कंपनी के मालिक एक्टर-बिजनेसमैन सचिन जोशी हैं। एसबीअाई चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने विला बेचे जाने की पुष्टि की है।आपको बता दें कि कर्ज वसूली के तहत बैंकों ने इस विला को तीन बार बेचने का प्रयास किया था, लेकिन नहीं बिक पाया था। माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के लिए जिन संपत्तियों को दिखाकर कर्ज लिया था उसमें यह विला भी शामिल था। समुद्र किनारे बने इसे विला को अक्टूबर 2016 में पहली बार बेचने की कोशिश की गई थी। तब इसका रिजर्व प्राइस 85.29 करोड़ रुपये था। लेकिन इसका कोई खरीदार सामने नहीं आया। फिर दिसंबर 2016 में ही रिजर्व प्राइस घटाकर 81 करोड़ रुपये कर दिया था। फिर भी कोई खरीदार नहीं मिला। फिर इस साल मार्च में विला का रिजर्व प्राइस 73 करोड़ रुपये कर दिया गया, लेकिन फिर भी नहीं बिका। यह विला काफी आलीशान है, इसमें पार्टियां होती थीं। इस विला में वेस्टइंडीज के क्रिकेटर क्रिस गेल को पांच दिन रहने का मौका मिल चुका है, जहां वह राजा की तरह रहे और माल्या की तिपहिया हार्ले डेविडसन भी चलाई थी।
.
हाड़ौती अंचल में स्वैच्छिक रक्तदान का अलख गांवों तक पहुंचा
झालावाड़ की 6 पंचायत समितियों में शिविर लगाकर समूह ने जिले में सर्वाधिक रक्तदान किया। भवानीमंडी के रक्तिमा ब्लडबैंक में गत माह दो शिविर से 123 यूनिट रक्त एवं सुनेल कस्बे में फरवरी माह में 157 यूनिट रक्तदान किया, जिसमें 11 महिलाओं ने भी पहली बार रक्तदान किया। सातलखे़ड़ी में 303 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान कर बीमार खान श्रमिकों को राहत पहंुचाई। सर्वधर्म समभाव के साथ युवा सदस्य प्रत्येक जाति-धर्म के रोगी को तुरंत रक्त पहुंचाते हैं। मंदसौर में सरकारी अस्पताल में नियुक्त डाॅ.हिमांशु यजुर्वेदी ने जिला अस्पताल में 30 शिविर लगाकर 500 से ज्यादा यूनिट रक्त मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराया। डाॅ.एपीजे कलाम सेवा संस्थान, भादरा के अध्यक्ष अशोक सैनी ने बताया कि भीलवाड़ा के विवेकानंद हाॅस्पिटल में एक शिविर में युवाओं ने 392 यूनिट रक्त दिया। सोशल मिडिया पर तत्काल सम्पर्क हो जाने से रक्तवीरों में जोश एवं उत्साह है। गर्मी को देखते हुए इन दिनों हाडौती के सभी सरकारी ब्लड बैंकों में रक्त की कमी होने लगी, ऐसे में युवाओं ने इसे अपना मिशन बना लिया।

रक्तदाता समूह के काॅर्डिनेटर जय गुप्ता (28) ने बताया कि 20 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं में सेवा का ऐसा जज्बा है कि कॉल या मैसेज मिलते ही वे तुरंत काम छोड़़ रक्त देने पहुंच जाते हैं। आने-जाने का का खर्च भी वे स्वयं उठाते हैं। इसी माह एमबीएस हास्पिटल में थैलीसिमिया पीड़ित बेटी ट्विंकल को ए-नेगेटिव रक्त की जरूरत थी, उसे युवा मुकेश शर्मा ने 51वीं बार निःशुल्क लाइव नेगेटिव रक्तदान कर मदद की। 31 मार्च को एक रक्तवीर ने झालावाड के सरकारी हास्पिटल में 5 दिन की नवजात कन्या को रक्त दिया। समूह की सदस्य परी सैनी (26) ने इसी माह एक गरीब रोगी को रक्त देकर जान बचाई। उसने कहा कि मैने रक्तदान कर अपना नैतिक फर्ज निभाया। जिदंगी खुशी के लिए नया मौका देती है। समूह के हेल्पलाइन नं. 9460094500 पर काॅल करने से रोगी को किसी भी स्थान पर निःशुल्क रक्त मिल सकता है।
बीकानेर में 3500 यूनिट रक्तदान
पूर्व सैनिक मेवासिंह ने बीकानेर में रक्तदान क्रांति जगा दी। 2 अप्रैल को उन्होंने 14 शिविर लगाकर 3500 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान करवाया। बीकानेर के युवाओं ने एक ही शिविर में सर्वाधिक 3308 यूनिट रक्तदान का कीर्तिमान बनाया। दान की गई रक्त की मात्रा शरीर अगले 24 घंटे में स्वतः निर्मित कर लेता है। टीम के सदस्य अपने ग्रुप पर रोज रक्तदान का रिपोर्ट कार्ड एक-दूसरे को शेयर करते हैं। एक युवा ने रक्तदान कर मां से कहा-‘मां तेरा बेटा रक्त नहीं देता, दुआएं लेता है। तुम्हारे जैसी कई मांओं की…।’
रामगंजमंडी में राकेश वैष्णव अपने बेटे की शादी में 30 अप्रैल को रक्तवीरों का सम्मान करेंगे। यहां व्यवसायी विजय गुप्ता गायत्री परिवार के सत्संग कार्यक्रम के साथ रक्तदान शिविर लगाते हैं। रक्तदाता युवा टीम के नेटवर्क में भुवनेश गुप्ता, शेर खान, रामेश्वर मकवाना, नरेंद्र फरक्या, मेवा सिंह, राजेंद्र माहेश्वरी, जावेद खान, विकास पारेता, डाॅ भगवती मीणा, अनिल शर्मा ‘चिंटू’, बहादुर गुर्जर, रामधन मीणा, शुभम श्रंगी, विश्वास आचोलिया, सुदीप राठौर, सुनील चैधरी, राजेश मंडलोई, नीतेश सेन, विजय गुप्ता, कालू मित्तल, सतपाल, जयपुर एवं सतपाल, जोधपुर विभिन्न शहरों-कस्बों में रोगियों को सक्रिय मदद पहुंचाने में जुटे हैं। युवा समूह ने अगले चरण में 101 नेत्रदान करवाने का संकल्प किया।
केस-1: कोटा से 40 किमी दूर चारभुजा (रावतभाटा) में हेमलता नायक को प्रसव के समय रक्त नहीं मिलने से तबीयत बिगड़ गई। पति या परिजन अस्पताल में मौजूद न होने से ओ-नेगेटिव रक्त का इंतजाम मुश्किल था। वाट्सएप पर सूचना मिलते ही रक्तदाता समूह ने मुस्तैदी दिखाई। तत्काल 125 किमी दूर रावतभाटा पहंुचकर 5 यूनिट नेगेटिव रक्त मुहैया कराया, जिससे प्रसूता हेमलता व नवजात शिशु की जान बच गई।
केस-3: 4अप्रैल को भवानीमंडी अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला को ओ-नेगेटिव रक्त की जरूरत थी लेकिन नेगेटिव ग्रुप नहीं मिलने से परिजन चिंतित थे। सूचना मिलते ही 19 वर्षीय बीएससी छात्र दीपक राठौड़ अपनी पढ़ाई छोड़ ओ-नेगेटिव ग्रुप रक्त देने पहुंच गए, जिससे महिला के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। इसी दिन झालावाड़ के जिला अस्पताल़ में कन्हैयालाल की पत्नी पूजा को रक्त की जरूरत थी, एक दलाल ने उससे 1700 रू मांगे, उसने समूह की मदद ली, जिससे तुरंत निःशुल्क रक्त मिल गया।
पत्रकारों पर हमला करने वालों को होगी तीन साल की जेल, महाराष्ट्र सरकार ने बनाया कानून
महाराष्ट्र में प्रसारमाध्यम संस्था (हिंसक कृत्य व संपत्ति नुकसान अथवा हानि प्रतिबंध) अधिनियम-2017 को एक दिन पहले कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। शुक्रवार को यह विधेयक विधानसभा व विधान परिषद में पेश किया गया।
कैश में एक चालान पर 10 हजार से ज्यादा जमा नहीं होगा जीएसटी
जीएसटी काउंसिल ने वस्तु व सेवा कर के भुगतान से संबंधित नियम तैयार कर लिए हैं। सरकार ने इन नियमों का मसौदा हाल में सार्वजनिक किया है। इन नियमों के अनुसार आप इंटरनेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड से जीएसटी का भुगतान कर सकते हैं।
इसके अलावा नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) के माध्यम से भी किसी बैंक से जीएसटी का भुगतान किया जा सकता है। हालांकि कैश, चेक या डिमांड ड्राफ्ट के जरिये प्रति चालान मात्र दस हजार रुपये का जीएसटी भुगतान ही किया जा सकता है।
वैसे, सरकारी विभागों के संबंध में यह सीमा लागू नहीं होगी। अगर किसी व्यक्ति पर जीएसटी बकाया है और उसकी चल-अचल संपत्ति बेचकर इस कर को वसूला जाता है तो उस मामले में भी यह सीमा लागू नहीं होगी। जो व्यक्ति समय पर जीएसटी भुगतान नहीं करेगा, उसे 18 प्रतिशत तक ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
जीएसटी भुगतान करते समय व्यापारी को प्रत्येक ट्रांजैक्शन की एक पहचान संख्या दी जाएगी। इससे वह उस भुगतान के संबंध में जरूरत पड़ने पर पूछताछ कर सकेगा। खास बात यह है कि जीएसटी के लिए पंजीकृत सभी कारोबारियों का एक इलेक्ट्रॉनिक टैक्स लायबिलिटी रजिस्टर रखा जाएगा।
केंद्रीय जीएसटी कानून की धारा 49 की उपधारा सात के तहत यह रजिस्टर बनाया गया है। इसमें उक्त कारोबारी की ओर से जमा किए गए और बकाया टैक्स का पूरा ब्योरा होगा।
साथ ही इस रजिस्टर में इस बात का विवरण भी होगा कि किस कारोबारी के खाते में कितनी राशि इनपुट क्रेडिट के रूप में है। वह इसका इस्तेमाल केंद्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी, संघ राज्य क्षेत्र जीएसटी या एकीकृत जीएसटी के भुगतान के लिए कर सकेगा। इससे कारोबारियों को आयकर का लाभ लेना आसान हो जाएगा।
