Thursday, May 7, 2026
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बजट 2019 :रेलवे के विकास के लिए PPP मॉडल को लागू किया जाएगा

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट 2019 पेश कर रही हैं। ये मोदी सरकार-2 का पहला बजट है। इस दौरान रेल बजट को पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने साफ, सुरक्षित और समयबद्ध रेल यात्रा का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आदर्श किराया कानून बनाया जाएगा और रेलवे में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) का इस्तेमाल किया जाएगा।
2018 से 2030 के बीच 50 लाख करोड़ के निवेश की आवश्यकता होगी।

निर्मला सीतारमण ने बताया कि रेलवे इन्फ्रा को 2018 से 2030 के बीच 50 लाख करोड़ के निवेश की आवश्यकता होगी। इसके लिए निजी भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इस बजट मे रेल और मेट्रो की 300 किलोमीटर की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। बजट में राष्ट्रीय परिवहन कार्ड का ऐलान किया गया, जिसका उपयोग सड़क, रेलवे समेत परिवहन के सभी साधनों में किया जा सकता है।

सब अबरन रेलवे में बड़ा निवेश किया जाएगा। मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में सब अर्बन रेलवे बेहद सफल रहा है। रेल मंत्रालय सब अर्बन रेलवे का विस्तार स्पेशल परपज व्हीकल के जरिए किया जाएगा। रेलवे स्टेशनों के मॉर्डनाइजेशन के लिए कार्यक्रम मौजूदा वित्त वर्ष में शुरू किया जाएगा।

5 वर्षों में 1 ट्रिलियन डॉलर जोड़ा
भारतीय अर्थव्यवस्था वर्तमान वर्ष में ही 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगी। यह अब दुनिया में छठी सबसे बड़ी है। 5 साल पहले यह 11वें स्थान पर थी। 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने में हमें 55 साल से अधिक का समय लगा। लेकिन जब दिल आशा, विश्वास और आकांक्षा से भर जाता है, तो हमने केवल 5 वर्षों में 1 ट्रिलियन डॉलर जोड़ा।

पेट्रोल-डीजल पर लगा 1-1 रुपये का अतिरिक्त सेस, बढ़ेंगी कीमतें

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट 2019 को पेश किया। वित्त मंत्री ने बजट में गांव, गरीब, किसानों और युवाओं पर कई ऐलान किए। देश की पहली पूर्णकालिक वित्त मंत्री निर्मला ने पेट्रोल और डीजल पर 1-1 रुपये अतिरिक्त सेस लगाने का ऐलान किया।

वित्त मंत्री के इस ऐलान के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने अपने दो घंटे से ज्यादा चले भाषण के अंत में पेट्रोल और डीजल पर रोड ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस लगाने का ऐलान किया। पेट्रोल पर एक रुपये और डीजल पर भी एक रुपये सेस का ऐलान।

Budget 2019: इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर आयकर में 1.5 लाख की छूट

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 के आम बजट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। बजट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर जीएसटी रेट 12 पर्सेंट से घटाकर 5 पर्सेंट कर दिया गया। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने की खातिर लिए गए लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त इनकम टैक्स छूट (एडिशनल इनकम टैक्स डिडक्शन) भी मिलेगी। सरकार इस कदम से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लोगों के लिए किफायती बनाना चाहती है।

वित्त मंत्री ने शुक्रवार को बजट पेश करते हुए इलेक्ट्रिक गाड़ियों और उसमें इस्तेमाल होने वाली बैटरी के लिए इन्सेटिव की भी घोषणा की। यह इन्सेटिव FAME II योजना (फास्टर एडॉप्शन ऐंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड ऐंड इलेक्ट्रिक वीइकल्स) के तहत मिलेगा। सीतारमण ने कहा कि फेम 2 योजना का उद्देश्य सही प्रोत्साहन और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा देना है।

वहीं, बजट से पहले गुरुवार को आर्थिक सर्वे में कहा गया था कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए मैन्युफैक्चरर्स और यूजर्स को दिए जाने वाले इन्सेटिव से ज्यादा अच्छे चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों की तुलना में बैटरी से चलने वाली गाड़ियों की रेंज कम है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए निवेश बढ़ाने की जरूरत
सर्वे में कहा गया था कि इलेक्ट्रिक कार को फास्ट चार्जर्स से चार्ज करने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है, जो जबकि स्लो चार्जर्स से इसे चार्ज करने में 8 घंटे तक का समय लग जाता है। ऐसे में यह एक महत्वपूर्ण पॉलिसी इश्यू है और देश में यूनिवर्सल चार्जिंग स्टैंडर्ड पॉलिसी लाने की जरूरत है। साथ ही इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए निवेश बढ़ाने की जरूरत है।

इसके अलावा सर्वे में कहा गया कि बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक गाड़ी के लिए सबसे जरूरी है। इस वजह से उपयुक्त बैटरी टेक्नॉलजी के डिवेलपमेंट को अत्यधिक महत्व दिया जाना चाहिए, जो भारत में उच्च तापमान की स्थिति में अच्छे से कम कर सके।

उच्च शिक्षा में ‘स्टडी इन इंडिया’ प्रोग्राम शुरू करेगी सरकार

नई दिल्ली।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को संसद में पेश कर रही हैं। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी छात्रों को भारत में अध्ययन के लिए आकर्षित करने को सरकार ‘स्टडी इन इंडिया’ प्रोग्राम शुरू करेगी, साथ ही देश में विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है

वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि पांच साल पहले भारत का कोई भी विश्वविद्यालय दुनिया के टॉप 200 यूनिवर्सिटी की लिस्ट में शामिल नहीं था, लेकिन आज की तारीख में हमारे तीन संस्थान इस लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि आईआईटी और आईआईएससी रिसर्च में मदद करेंगे। सीतारमण ने कहा कि नैशनल रिसर्च फाउंडेशन भारत में तमाम शोध कार्यों को समन्वित करने के साथ ही वित्तपोषण भी करेगा। उन्होंने कहा कि हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, रोबोटिक्स इत्यादि क्षेत्रों में अपने युवाओं का कौशल बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

वित्त मंत्री ने देश में विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि स्टडी इन इंडिया प्रोग्राम हमारे होनहार छात्रों को पढ़ाई के लिए विदेश जाने से रोकेगा।

आम बजट 2019:’वन नेशन, वन ग्रिड’ प्लान का ऐलान

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को अपने पहले बजट में कई नई योजनाओं का ऐलान किया। इसमें ‘वन नेशन, वन ग्रिड’ अहम रही। इसका उद्देश्य देश के हर घर को 24 घंटे समान दर पर बिजली उपलब्ध कराना है। इसके अलावा सरकार का हर घर को पानी और गैस मुहैया कराने का भी लक्ष्य है। इससे पहले बजट को बहीखाता का नाम दिया गया है।

सबसे बड़ी बात है कि सीतारमण बजट पेश करने के लिए ब्रीफकेस लेकर संसद नहीं पहुंची। वह ब्रीफकेस की जगह दुकानदारों के बहीखाते जैसे आकार के दस्तावेज को लेकर संसद आईं। यह बजट इसलिए भी अहम है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट है।

आम बजट की मुख्य बातें

-सेल्फ-हेल्प ग्रुप के लिए बड़ा ऐलान, 1 महिला ले सकेगी 1 लाख रुपए तक का लोन।
-हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को अब रेग्युलेट करेगा आरबीआई। अभी तक एनएचबी करता था रेग्युलेट।
-चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 1.05 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य।
-एयर इंडिया के विनिवेश की फिर से की जाएगी पहल।
-इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाएगी सरकार, अगले 5 साल में करेगी 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश।
-एनपीएस को पीएफआरडीए से किया जाएगा अलग, बजट में प्रस्ताव।
-वित्त वर्ष के दौरान क्रेडिट बढ़ाने के लिए सरकारी बैंकों को मिलेंगे 70 हजार करोड़ रुपए।
-देशी-विदेशी पर्यटकों को लुभाने के लिए 16 टूरिस्ट साइट को आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन में बदला जाएगा।
-‘खेलो इंडिया’ के अंतर्गत नए खिलाड़ी तैयार करने के लिए बनाया जाएगा राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड।
-भारतीय पासपोर्ट धारक NRIs को भी मिलेगा आधार कार्ड, बजट में ऐलान। 180 दिन के इंतजार की शर्त होगी खत्म।
-वित्त मंत्री ने कहा, नई इंटीग्रेटेड वाटर मिनिस्ट्री 2024 तक ‘हर घर जल’ सुनिश्चित करेगी।
-2025 तक जारी रहेगी स्टैंड-अप इंडिया स्कीम।
-वित्त मंत्री ने कहा-सरकार महिलाओं को ‘नारी से नारायणी’ की भूमिका में लाना चाहती है।
-उज्जवला स्कीम के तहत 35 करोड़ LED बल्ब बांटने से सालाना 18,341 करोड़ रुपए की बचत हुई।
-समाज कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत सोशल एंटरप्राइजेस और वॉल्युंटरी ऑर्गनाइजेशन की लिस्टिंग और पूंजी जुटाने के लिए बनेगा एक सोशल स्टॉक एक्सचेंज।
-स्टार्टअप्स के लिए शुरू होगा विशेष टीवी चैनल।
-वित्त मंत्री ने कहा-सिंगल ब्रांड रिटेल एफडीआई के लिए लोकल सोर्सिंग के लिए आसान किए जाएंगे नियम।
-पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के अपग्रेडेशन के लिए 80250 करोड़ रुपए का किया जाएगा निवेश।
-वित्त मंत्री ने कहा-भारत की उच्च शिक्षा को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप बनाने के लिए बनेगी एक राष्ट्रीय शिक्षा नीति।
-विदेशी छात्रों को उच्च शिक्षा में लुभाने के लिए शुरू किया जाएगा ‘स्टडी इन इंडिया’ इनिशिएटिव। भारत बनेगा हायर एजुकेशन का हब।
-वित्त मंत्री ने कहा-FY20 में विश्व स्तरीय उच्च शैक्षणिक संस्थानों के लिए 400 करोड़ रुपए का होगा आवंटन।
-प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत 80 लाख घरों को दी गई मंजूरी।
-रिसर्च और इनोवेशन के लिए बनेगा नेशनल रिसर्च फाउंडेशन, सभी मंत्रालय करेंगे फंड का अंशदान।
-दिल्ली-मेरठ रूट पर एसपीवी के तहत बनेगी रैपिड मेट्रो।
-गांधी जी के मूल्यों का युवाओं और समाज के बीच प्रसार करेगी सरकार, बनाया जा रहा है गांधीपीडिया।
-सभी गांवों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की होगी व्यवस्था।
-2024 तक हर घर को मिलेगा जल, जीरो बजट फार्मिंग को प्रोत्साहन।
-अन्नदाता को ऊर्जा दाता बनाएगी सरकार।
-बजट में खादी, बांस, शहद के लिए स्पेशल कलस्टर बनाने का ऐलान।
-कृषि इंफ्रा पर खर्च और निजी निवेश बढ़ाने का ऐलान।
-सालाना 1.50 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वाले 3 करोड़ रिटेल ट्रेडर्स और दुकानदारों को मिलेगा पेंशन का लाभ प्रधानमंत्री कर्मयोगी मान धन योजना के तहत मिलेगा इसका लाभ।
-पीएम आवास योजना के तहत देश भर में 1.95 करोड़ घर बनाने की योजना।
-निर्मला सीतारमण ने कहा-एनबीएफसी की ओर से जारी डेट सिक्युरिटीज में FIIs & FPIs को निवेश की मंजूरी दी जाएगी।
-एफपीआई के लिए केवाईसी नियम आसान किए जाएंगे।
-300 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन को मंजूरी दी गई है।
-वित्त मंत्री ने कहा-एविएशन, मीडिया, एनिमेशन एवीजीसी और इन्श्योरेंस सेक्टर को एफडीआई के लिए और खोलने का सुझाव। सभी स्टेकहोल्डर्स से मांगे जाएंगे सुझाव।

-बजट भाषण के बीच लाल निशान में शेयर बाजार, सेंसेक्स में 100 अंकों की गिरावट।
-2022 तक हर घर तक पहुंचाई जाएगी बिजली और एलपीजी।
-हमारे सभी प्रयासों के केंद्र में हैं गांव, गरीब और किसानः सीतारमण
-भारतीय रेल को बढ़ावा देने के लिए PPP मॉडल पर काम करने का प्रस्ताव।
-सेबी के अंतर्गत सोशल स्टॉक एक्सचेंज का प्रस्ताव।
-वित्त मंत्री ने कहा-एमएसएमई के लिए तैयार किया जाएगा पेमेंट प्लेटफॉर्म।
-जीएसटी में रजिस्टर्ड सभी एमएसएमई को मिलेगा 2 फीसदी इंटरेस्ट सबवेंशन, 350 करोड़ रुपए का किया आवंटन।
-इन्श्योरेंस इंटरमीडियरी के लिए 100 फीसदी एफडीआई को दी जाएगी मंजूरी
-रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफार्म पर सरकार का जोरः निर्मला।
-59 मिनट में एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा 1 करोड़ का लोन।
-रेलवे को 2030 तक हर साल मिलेंगे 1.5-1.6 लख करोड़ रुपए।
-गैस और वाटर ग्रिड भी बनाएगी सरकार। हर घर को मिलेगा पाइप से पानी।
-बजट में ‘वन नेशन, वन ग्रिड’ प्लान का ऐलान। हर घर को मिलेगी बिजली। पूरे देश में एक समान टैरिफ लागू करने की तैयारी।

वीडियो से होगी KYC, अगले महीने आएगी RBI की गाइडलाइंस

बेंगलुरु। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों को वीडियो के जरिए नो योर कस्टमर (केवाईसी) नियम पूरा करने की मंजूरी दे सकता है। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि बैंकिंग रेगुलेटर की इंडस्ट्री प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई है और वह कुछ दिनों में गाइडलाइंस जारी कर सकता है।

इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स का कहना है कि आरबीआई की गाइडलाइंस अगले महीने तक आ सकती है, लेकिन तारीख के बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। एक सीनियर बैंकर ने बताया, ‘आरबीआई ने वीडियो के माध्यम केवाईसी करने वाले सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई है। पहले बैंक का प्रतिनिधि से ग्राहक से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर वेरिफिकेशन करता था। अब वीडियो केवाईसी इसकी जगह लेगा।’

आरबीआई ऐसे वीडियो-बेस्ड केवाईसी की मंजूरी दे सकता है, जिसमें बैंक रिप्रेजेंटेटिव ग्राहक के वीडियो को देखकर लाइव टेस्ट के साथ डॉक्युमेंट्स डिटेल की जांच कर सकें। एक अन्य सूत्र ने बताया कि कई कंपनियों ने एआई के जरिए वीडियो वेरिफिकेशन का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, आरबीआई इसके पक्ष में नहीं है।

सूत्र ने कहा कि कुछ बैंक और इंस्टीट्यूशंस वीडियो केवाईसी को लागू करने की तैयारी शुरू कर चुके हैं। वीडियो केवाईसी प्रक्रिया सेविंग एकाउंट कस्टमर्स, क्रेडिट कार्ड्स और अन्य सेवाओं के लिए के इस्तेमाल हो सकती है।

एक अन्य सूत्र ने बताया, ‘कई नॉन-बैंकिंग लेंडर्स भी नए सिस्टम के हिसाब से तैयारी करने में जुट गए हैं। इनमें से कुछेक काफी आगे बढ़ चुके हैं, जबकि कुछ अभी डिजाइन स्टेज में ही हैं।’ ऊपर जिस बैंकर का जिक्र है, उन्होंने बताया कि 60,000 कैप पर कुछ छूट मिल सकती है, जिससे रिमोट केवाईसी के जरिए जुड़ने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ाई जा सके।

बजट के इंतजार में सेंसेक्स का शतक, निफ्टी 11,978 पर

मुंबई।मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पेश होने जा रहे पहले बजट को लेकर शेयर बाजार में उत्साह है। इसी वजह से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 31 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 82.34 अंक (0.21%) मजबूत होकर 39,990.40 पर खुला। वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 18 अंक (0.15%) की तेजी के साथ 11,964.75 पर खुला।

बाजार में उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स के 31 में 21 शेयरों में खरीदारी जबकि महज 10 शेयरों में बिकवाली हो रही है। वहीं, निफ्टी के 50 में से 33 शेयरों के भाव चढ़ गए और शेष 17 शेयरों की कीमतें गिर गईं।

इन शेयरों में उछाल
9:23 बजे सेंसेक्स के जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी आई, उनमें टॉप 10 पर इंडसइंड बैंक (1.22%), एलऐंडटी (0.90%), हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.69%), कोटक महिंद्रा बैंक (0.63%), एचसीएल टेक (0.58%), एचडीएफसी (0.57%), रिलायंस (0.52%), एशियन पेंट्स (0.47%), बजाज ऑटो (0.43%) और सन फार्मा (0.42%) रहे।

वहीं, निफ्टी के टॉप 10 शेयरों में यूपीएल (1.37%), अल्ट्राटेक सीमेंट (1.20%), इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस (1.19%), इंडसइंड बैंक (1.14%), एलऐंडटी (0.85%), कोटक महिंद्रा बैंक (0.82%), आइशर मोटर्स (0.81%), इन्फ्राटेल (0.67%), एचडीएफसी (0.63%) और ग्रासिम (0.62%) शामिल रहे।

ये शेयर टूटे
9:30 बजे तक सेंसेक्स के यस बैंक (1.71%), ओएनजीसी (1.53%), वेदांता (1.17%), एनटीपीसी (0.52%), टाटा मोटर्स (0.42%), हीरो मोटोकॉर्प (0.19%), आईटीसी (0.16%), भारती एयरटेल (0.03%) और टीसीएस (0.03%) जैसे शेयर टूट गए। उधर, निफ्टी शेयरों में यस बैंक (1.92%), ओएनजीसी (1.74%), वेदांता (1.37%), हिंडाल्को (0.97%), बीपीसीएल (0.82%), इंडियन ऑइल (0.80%), एनटीपीसी (0.73%), गेल (0.37%), टाटा मोटर्स (0.33%) और विप्रो (0.18%) टूट गए।

बढ़ गई बढ़त
9:34 बजे तक निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक को छोड़कर सारे निफ्टी सेक्टोरल इंडिसेज हरने निशान में थे। तब सेंसेक्स 113.79 अंक (0.29%) की तेजी के साथ 40,021.85 जबकि निफ्टी 31.25 अंक (0.26%) की मजबूती के साथ 11,978 पर था।

लाल रंग के मखमली कपड़े में लपेट कर लाईं बजट वित्त मंत्री निर्मला

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नई दिल्ली। बजट पेश करने से पहले अभी तक आप सभी वित्त मंत्रियों को हाथ में लाल रंग का ब्रीफकेस लेकर संसद भवन जाते देखते रहे होंगे। संसद भवन जाने से पहले वित्त मंत्री अपनी बजट की कोर टीम के साथ मंत्रालय के बाहर फोटो भी खिंचवाते रहे हैं। इस बार भी देश की पहली पूर्णकालिक पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी कोर टीम के साथ फोटो खिंचवाई लेकिन इसबार उनके हाथ में लाल रंग का ब्रीफकेस की जगह लाल रंग की मखमली पैकेट था। निर्मला ने अभी तक चली आ रही प्रथा को पूरी तरह बदल दिया।

निर्मला ने बदल दी प्रथा
पीएम नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश करने से पहले जब वित्त मंत्री निर्मला मंत्रालय से बाहर निकलीं तो उनके हाथ में वित्त मंत्रियों के हाथ में हर बार दिखने वाला लाल रंग का ब्रीफकेस नहीं था। निर्मला के हाथ में ब्रीफकेस की जगह लाल रंग का अशोक स्तंभ चिह्न वाला एक पैकेट था। ऐसा पहली बार हुआ जब ब्रीफकेस की जगह बजट को एक अलग पैकेट में रखा गया है।

लाल ब्रीफेकस में ही पोज देते रहे हैं वित्त मंत्री
बता दें कि संसद में बजट भाषण से पहले वित्त मंत्री इस ब्रीफकेस के साथ मीडिया के सामने पोज देते नजर आते रहे हैं। लेकिन इस बार इस प्रथा को वित्त मंत्री निर्मला ने बदल दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि संविधान में ‘बजट’ शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया गया है। इसे वार्षिक वित्तीय विवरण कहा गया है। ‘बजट’ शब्द भी इसी बैग से जुड़ा हुआ है।

कई बार बदला रंग
इतने सालों में इस बैग का आकार लगभग बराबर ही रहा। हालांकि, इसका रंग कई बार बदला है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 में परिवर्तनकारी बजट पेश किया तो वह काला बैग लेकर पहुंचे थे। जवाहरलाल नेहरू, यशवंत सिन्हा भी काला बैग लेकर बजट पेश करने पहुंचे थे, जबकि प्रणब मुखर्जी लाल ब्रीफकेस के साथ पहुंचे थे। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के हाथों में ब्राउन और रेड ब्रीफकेस दिखा था। इस साल अंतरिम बजट पेश करने वाले कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल लाल ब्रीफकेस के साथ सदन में पहुंचे थे।

5 साल बाद इस बजट में टैक्स स्लैब बदलने की उम्मीद

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेंगी। फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह सिर्फ ट्रेलर है। इसलिए, पूर्ण बजट से जनता को कई उम्मीदें हैं।

अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक इनकम टैक्स में राहत देने समेत आम आदमी से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की जा सकती हैं। निर्मला सीतारमण का यह पहला बजट होगा। वहीं, 49 साल बाद कोई महिला वित्त मंत्री बजट पेश करेंगी। निर्मला से पहले 1970 में इंदिरा गांधी ने बजट पेश किया था।

बजट में संभावित ऐलान-
इनकम टैक्स स्लैब : 3 लाख या 5 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री करते हुए स्लैब बदले जा सकते हैं। अंतरिम बजट में सरकार ने 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स में रिबेट का ऐलान किया था। अब इसे पूरी तरह टैक्स के दायरे से बाहर किया जा सकता है। पिछली बार टैक्स स्लैब में बदलाव 2014 में किया गया था।

80 सी के डिडक्शन : इसके तहत निवेश पर डिडक्शन की लिमिट 1.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए की जा सकती है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि सरकार ऐसा करती है तो हो सकता है कि टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं करे।

एनपीएस : एनपीएस से रकम निकासी पूरी तरह टैक्स फ्री की जा सकती है। सरकार ने पिछले साल इसकी मंजूरी दी थी लेकिन, नोटिफाई नहीं किया। बजट में इसका ऐलान किया जा सकता है। फिलहाल, निकासी की 20% राशि पर टैक्स लगता है।

हाउसिंग : पहला घर खरीदने वालों के लिए टैक्स छूट के नए ऐलान किए जा सकते हैं। होम लोन के प्रिसिंपल पेमेंट पर 1.5 लाख रुपए के डिडक्शन को 80-सी से अलग किया जा सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सब्सिडी की स्कीम 31 मार्च 2020 से आगे बढ़ाने के आसार हैं। इस योजना के तहत पहली बार घर खरीदने वालों को लोन के ब्याज पर 2.6 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है।

हेल्थकेयर : मेडिक्लेम इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम भुगतान पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल यह 25,000 रुपए है। सीनियर सिटीजंस के लिए 30,000 रुपए तक के प्रीमियम भुगतान पर डिडक्शन मिलता है।

सेविंग : बजट में गोल्ड सेविंग अकाउंट का ऐलान किया जा सकता है। यह अकाउंट भी सामान्य खाते की तरह बैंकों की शाखाओं में खुलेगा। पिछले साल सितंबर में नीति आयोग ने वित्त मंत्रालय से गोल्ड सेविंग अकाउंट शुरू करने की सिफारिश की थी। गोल्ड सेविंग अकाउंट की खासियत यह होगी कि बैंक में पैसे जमा करने पर पासबुक में रकम की बजाय सोने की मात्रा की एंट्री होगी। जरूरत के हिसाब से ग्राहक सोना या फिर पैसा निकाल सकेंगे।