Friday, May 15, 2026
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सोमवार को 13 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ पेट्रोल, डीजल स्थिर

नई दिल्ली/ कोटा। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि डीजल के दाम स्थिर है। सोमवार 15 जुलाई को दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल 13 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है वहीं कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में 17 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

13 पैसे की बढ़ोतरी के बाद आज दिल्ली में पेट्रोल 73.21 रुपए प्रति लीटर, मुंबई में 78.82 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है वहीं कोलकाता में पेट्रोल के भाव 75.55 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।

राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 73.21 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में पेट्रोल 75.55 रुपए प्रति लीटर, मुंबई में पेट्रोल 78.82 रुपए प्रति लीटर और चेन्नई में पेट्रोल 76.03 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।

चारों महानगरों में डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राजधानी दिल्ली में डीजल के दाम क्रमशः 66.24 रुपए, कोलकाता में 68.31 रुपए, मुंबई में 69.43 रुपए और चेन्नई में 69.96 रुपए प्रति लीटर हैं। कोटा में पेट्रोल 13 पैसे महंगा होकर 76.64 रुपये प्रति लीटर हो गया। डीजल 70.89 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहा।

बॉलिवुड में सफलता की कोई गारंटी नहीं : कटरीना

बॉलिवुड ऐक्ट्रेस कटरीना कैफ को फिल्म इंडस्ट्री में 16 साल हो गए और इस दौरान उन्होंने कई सफलताएं भी देखी और कुछ असफलताओं का स्वाद भी चखा। कटरीना का कहना है कि बॉलिवुड की इस चकाचौंध भरी दुनिया में बने रहने के लिए स्टील की नसों की जरूरत है। कटरीना ने बताया कि यह एक अप्रत्याशित जगह है और सफलता की गारंटी कोई भी नहीं दे सकता है। मेरा ऐसा मानना है कि सफलता को अपने सिर पर न चढ़ने दें और असफलता को दिल से न लगाएं।

कटरीना ने अपने 16 साल के इस सफर को खूबसूरत बताया। उन्होंने कहा कि यह एक शानदार सफर रहा है। इस दौरान कठिन परिश्रम करना पड़ा लेकिन दर्शकों से ढेर सारा प्यार भी मिला। हांगकांग में जन्मीं कटरीना 16 जुलाई को अपना जन्मदिन मनाने के लिए फिलहाल मैक्सिको में छुट्टियां बिता रही हैं। इस बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने वकेशन की कई तस्वीरें और विडियो शेयर किए हैं। इस वकेशन से पहले कटरीना पिछले कुछ महीने अपनी हालिया फिल्मों के चलते काफी व्यस्त रहीं।

इन फिल्मों में आमिर खान के साथ ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’, शाहरुख खान के साथ ‘जीरो’ और सलमान खान के साथ ‘भारत’ जैसी फिल्में शामिल रही। ‘जीरो’ और ‘भारत’ में कटरीना के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। कटरीना की अगली रिलीज ‘सूर्यवंशी’ मानी जा रही है जिसमें वह अक्षय कुमार के विपरीत नजर आएंगी, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि इंडस्ट्री में कटरीना सीनियर सुपरस्टार्स की पहली पसंद बन गई हैं।

कटरीना का कहना है कि मैं चीजों का उतना विषलेषण नहीं करती। मैं अतीत के बारे में सोचने के बजाय आगे देखना ज्यादा पसंद करती हूं और विश्वास करती हूं कि अभी भी सर्वश्रेष्ठ का आना बाकी है। कटरीना ने साल 2003 में ‘बूम’ से बॉलीवुड में अपना कदम रखा। यह फिल्म फ्लॉप रही और दर्शकों पर कैटरीना का जादू नहीं चल पाया हालांकि इसके बाद कई फिल्मों में अपने काम से कैटरीना ने खुद को एक ऐक्ट्रेस के रूप में स्थापित किया।

अपने करियर में कटरीना ने कई उतार-चढ़ाव देखे। आज उन्होंने बॉलीवुड में खुद को स्थापित किया और भारत में सबसे अधिक कमाई करने वाली ऐक्ट्रेसेज में से एक बन गईं लेकिन कटरीना का अभी भी मानना है कि खुद को साबित करने के लिए अभी उनको बहुत दूर जाना है। कटरीना ने कहा कि मुझे मीलों तय करना है। भिन्न किरदारों को निभाकर बात बस कोशिश करने और बेहतर बनने और हर फिल्म के साथ कठिन परिश्रम करने से है।

फिलहाल जब कटरीना को उनकी फिल्म ‘जीरो’ और ‘भारत’ के लिए सराहना मिल रही है तो इसे कटरीना सबसे अच्छी चीज मान रही हैं। कटरीना का कहना है कि मेरा काम बड़े पैमाने पर रचनात्मक संतुष्टि दे रहा है और इन किरदारों को निभाने में वाकई में मुझे बड़ा मजा आया।

कटरीना का नाम बॉलिवुड के टॉप डांसर में भी शुमार है। उन्होंने ‘चिकनी चमेली’ (अग्निपथ), ‘शीला की जवानी’ (तीस मार खान) और ‘कमली’ (धूम 3) में अपने डांस से सबको चौंका दिया था। इन सबके साथ ही कटरीना अब फिल्म प्रॉडक्शन के क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं। उनका कहना है कि कुछ अच्छी कहानियों में निवेश करने का उन्हें इंतजार है। कटरीना ने कहा कि मैं इस तरह की फिल्में बनाउंगी जिसे मैं एक दर्शक के तौर पर देखना चाहूंगी।

नुसरत जहां ने खोला साड़ी, मंगलसूत्र और सिंदूर लगाकर संसद पहुँचने का राज

नई दिल्ली। तृणमूल सांसद और बंगाली एक्ट्रेस नुसरत जहां शादी के बाद से ही कुछ चीज़ों के चलते विवादों में हैं। शादी के बाद उनका मंगलसूत्र पहनना, सिंदूर लगाना, चूड़ा पहनना और शपथ लेने के बाद स्पीकर के पैर छूना मुस्लिम धर्म गुरुओं को गवारा नहीं हो रहा है। नुसरत इनके सब चीज़ों के बारे में पहले भी कह चुकी हैं कि वो इस्लाम को मानती हैं, लेकिन अपने पति के रीति रिवाज़ों को भी फॉलो करेंगी।

नुसरत ने एक बार फिर इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में नुसरत ने बताया कि अगर वो धर्म को लेकर भेदभाव करतीं तो जिस जगह वो आज हैं वो वहां नहीं होतीं। नुसरत जब संसद में शपथ लेने पहुंची थीं तब वो एक दम इंडियन अटायर में थीं। नुसरत साड़ी पहनकर संसद पहुंची थीं। जिसके बाद भी उन्हें ट्रोल किया गया था।

इस पर नुसरत ने कहा कि संसद पहुंचने से दो घंटे पहले उनका गृह प्रवेश हुआ था जिसमें वो ऐसे तैयार हुई थीं। गृह प्रवेश करते ही वो दिल्ली के लिए रवाना हो गईं उन्हें इतना वक्त नहीं मिला कि वो फिर से तैयार हो पातीं। इसलिए उन्होंने जिन कपड़ों में गृह प्रवेश किया था वो उन्हीं कपड़ों में शपथ लेने संसद पहुंच गई थीं। उन्होंने नहीं सोचा था कि उन्हें इसके लिए भी ट्रोल कर लिया जाएगा।

शपथ लेने के बाद नुसरत ने स्पीकर के पैर छुए थे जिसके लेकर भी उन्हें काफी ट्रोल किया गया था। इस पर नुसरत ने कहा, मुझे नहीं पता था कि ऐसा पहले किसी ने नहीं किया था। मुझे हमेशा से सिखाया गया था कि उस कुर्सी पर जो बैठते हैं उनकी बहुत इज्ज़त करनी चाहिए। वो मुझसे काफी बड़े थे इसलिए मैंने जाकर उनका आशीर्वाद ले लिया। मैंने उतना सोचा ही नहीं कि लोगों क्या सोचेंगे।

चल छैया छैया… गाने पर महिलाओं ने दी बंजारा नृत्य की प्रस्तुति

कोटा। जेसीआई कोटा स्टार द्वारा आयोजित मस्ती 2019 के अंतर्गत सांस्कृतिक संध्या में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में महिलाओं ने डांस में अपनी प्रस्तुतियों से हर किसी का मन मोह लिया। कार्यक्रम निदेशक विभूति जैन व अमृता गोयल ने बताया कि महिलाएं रंग बिरंगे परिधान पहन कर आई थीं।

इस दौरान सबसे पहले गणेश प्रतिमा के समक्ष प्रज्ज्वलित किया गया। स्वागत नृत्य विभूति जैन ने किया। कार्यक्रम कोर्डिनेटर शिल्पा पोकरा, संगीता रावकां, किरण जैन ने बताया कि मंच पर भारतीय संगीत व नृत्य की अनूठी शैलियों का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने चल छैया छैया… पर बंजारा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। वहीं, ‘‘घर मोरे परदेसी…’’ पर क्लासिक डांस प्रस्तुत किया गया।

महिला सदस्यों के द्वारा वेस्टर्न डांस, वॉलीवुड डांस की रंगारंग प्रस्तुतियों से मन मोह लिया। संस्था की चेयरपर्सन श्वेता जैन व सचिव वंदना जैन ने बताया कि इस दौरान कपल गेम भी हुए और इसी के साथ जेसीरेट वीक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कविता बाफना, पूर्व चेयरपर्सन सुनीता गोयल, कल्पना चित्तौडा, अनामिका गुप्ता, स्वीटी जैन, स्वाती जैन, पूजा बंसल, अल्का जैन, मोनिका जैन उपस्थित थे।

मोक्षप्रदायक और मंगलदायक होता है चातुर्मास : सौम्यनन्दिनी माताजी

कोटा। आर्यिका 105 सौम्यनंदिनी माताजी ससंघ के चातुर्मास कलश की स्थापना रविवार को आरोग्य नगर स्थित जैन जन उपयोगी भवन पर की गई। इससे पहले सौम्यनन्दिनी माताजी गाजे बाजे के साथ महावीर नगर विस्तार योजना से विहार करते हुए जैन जन उपयोगी भवन पहुंची। उनके साथ आर्यिका वीर नन्दिनी माताजी, आयिग्का सुयोग्यनन्दिनी माताजी, आर्यिका श्रुतनन्दिनी माताजी भी मौजूद थीं। जहां ध्वजारोहण, दीप प्रज्ज्वलन, चित्र अनावरण, शास्त्र भेंट, वस्त्र भेंट समेत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस दौरान ‘‘गुरूवाणी से अमृत रस बरसायो रे, आयो चैमासो आये रे…सांसो का क्या भरोसा, रूक जाए चलते चलते…चांदी सोना छोड़ के गुरू मां हो गया आज निहाल…’’ आचार्य वसुंनदी महाराज के जयकारों के बीच उनका पूजन किया गया। जिसमें विभिन्न महिला मंडलों के द्वारा जल, चंदन, अक्षत, नैवेद्य, दीप, धूप, फल, अध्र्य, जयमाला का अर्पण किया गया।

प्रवचन करते हुए साॅम्यनन्दिनी माताजी ने कहा कि सांसारिक प्राणियों का लक्ष्य मोक्ष को प्राप्त करना होता है। चतुर्गति दुखों के लिए चातुर्मास एक चुनौती है। चातुर्मास मोक्षप्रदायक और मंगलदायक होता है। यह आत्म कल्याणकारी कार्य है। एक बार के चतुर्मास से भवपार हो सकता है। चातुर्मास में मिलने वाले पानी से शरीर की प्यास बुझती है और संन्तों के द्वारा मिलने वाली वाणी से आत्मा की प्यास बुझती है।

मंगलकलश सदैव अमंगल को हरने वाला होता है। पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि मां की दृष्टि भगवान के पास भी नहीं होती है। मां और गुरू मां के आशीर्वाद में बहुत ताकत होती है। चातुर्मास आराधना का पर्व है, जिसमें जीव जन्तु और वनस्पति का विस्तार होता है। चातुर्मास में मन विवेक और बुद्धि को जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। सकल समाज के अध्यक्ष विमल जैन नान्ता ने कहा कि पुण्यों के कारण से संतों के चातुर्मास का सौभाग्य मिलता है।

इस अवसर पर उपमहापौर सुनीता व्यास, पार्षद महेश गौतम लल्ली, सौम्यनंदिनी माताजी ससंघ पावन वर्षायोग समिति के अध्यक्ष नवीन जैन दोराया तथा महामंत्री पारस जैन, कार्याध्यक्ष पवन ठोला, सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष विमल जैन नान्ता, कार्याध्यक्ष जेके जैन, संरक्षक राजमल पाटौदी, प्रकाश बज, अनिल ठोरा, राकेश मडिया, अशोक पहाड़िया, ऐश्वर्य जैन, राकेश चपलमन, संजय निर्वाण, नरेश जैन, निशा वेद, अनिल चेलावत, विनोद साकून्या समेत कईं लोग मौजूद रहे।

पालकी में विराजमान होकर निकलेंगे 19 जुलाई को साईं बाबा

कोटा। शिव मण्डल विकास समिति एवं साईं सेवा समिति शिव मंदिर रेलवे काॅलोनी कोटा जंक्शन के तत्वावधान में 19 जुलाई को विभिन्न आयोजन धूमधाम से आयोजित किए जाएंगे। शिव मण्डल विकास समिति के अध्यक्ष प्रतापभान सिंह ने बताया कि इस अवसर पर साईं बाबा की पालकी निकाली जाएगी। कार्यक्रमों के तहत प्रातः 7.30 बजे पंचामृत अभिषेक तथा प्रातः 9.30 बजे से साईं कीर्तन किया जाएगा तथा दोपहर 12 बजे महाआरती होगी।

उन्होंने बताया कि साईं बाबा की पालकी दोपहर 2 बजे से शिव मंदिर प्रांगण वर्कशाॅप काॅलोनी से प्रारंभ होगी, जो डेयरी चैराहा, तुल्लापुरा चैराहा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, अण्डरब्रिज, रेलवे स्टेशन, मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय, राम मंदिर, सनफ्लावर रेस्टोरेंट, मेन बाजार, शीतला चैक, भीमगंजमण्डी थाना, रंगपुर रोड, ओवरब्रिज, आरई काॅलोनी, हरिजन बस्ती, उड़िया बस्ती, रेलवे काॅलोनी होते हुए शिव मंदिर पर ही विसर्जित होगी।

उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में ढोल, 4 बैण्ड, बग्गी, शिव दरबार, राम दरबार, राधा कृष्ण, साईं बाबा समेत 4 झांकियां, ऊंटगाडी, 2 डीजे साउण्ड समेत भजन कीर्तन मण्डलियां तथा डांडियां की टोलियां उपस्थित रहेंगी। विभिन्न स्थानों पर भक्तों के द्वारा खाने पीने के स्टाॅल लगाए जाएंगे तथा जगह जगह तोरण द्वार सजाए जाएंगे। मंदिर प्रांगण पहुंचने पर महाआरती और प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि रेलवे काॅलोनी स्थित शिव मंदिर प्रांगण में वर्ष 2011 में साईं बाबा की मूर्ति स्थापित की गई थी। इस मंदिर की मान्यता है कि साईं भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां प्रत्येक बृहस्पतिवार को शिवभक्तों केे द्वारा खिचड़ी तथा खीर का प्रसाद वितरित किया जाता है। जिसमें सैकड़ों की संख्या में भक्त प्रसाद पाने के लिए आते हैं।

सभी शैक्षिक संस्थानों के लिए अनिवार्य होगा प्रत्यायन

नई दिल्ली। भारत में सिर्फ 20 फीसदी उच्चतर शैक्षिक संस्थान और इंजिनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी और आर्किटेक्चर के कोर्सों को भारत में मान्यता प्राप्त है। उसे देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय मान्यता की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए कई एजेंसियों को इस काम में शामिल करना चाहता है।

मंत्रालय ने प्रत्यायन से जुड़े इन सुधारों पर 2024 तक 1,012 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। प्रत्यायन या मान्यता लेने की प्रक्रिया को सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य बनाया जाएगा। जो संस्थान लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं उनको वित्तीय सहायता, प्रोग्रामों और स्वायत्ता में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भागीदारी जैसे प्रोत्साहन दिए जाने का प्रस्ताव है।

भारत में मौजूदा समय में प्रत्यायन देने वाले दो बड़े संस्थान हैं। नैशनल असेसमेंट ऐंड ऐक्रेडिटेशन काउंसिल (एनएएसी) और नैशनल बोर्ड ऑफ ऐक्रेडिटेशन (एनबीए)। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मुताबिक, 42,000 से ज्यादा विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्टैंडअलोन संस्थानों में सिर्फ 8,700 संस्थानों को एनएएसी द्वारा मान्यता दी जाती है जबकि 15,000 तकनीकी प्रोग्रामों में से सिर्फ 3,050 तकनीकी प्रोग्रामों को एनबीए द्वारा मान्यता दी जाती है।

42,000 से ज्यादा उच्चतर शैक्षिक संस्थानों के मानक, अनुशासन और शैक्षिक संस्कृति में बड़ी विविधताओं पर गौर करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कई तरह के उपायों का प्रस्ताव रखा। उनमें सभी शिक्षण संस्थानों के लिए 2024 तक प्रत्यायन को अनिवार्य बनाने का कदम भी शामिल है।

RIL, विप्रो जैसी बड़ी कंपनियों के नतीजे तय करेंगे बाजार की चाल

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज, विप्रो और एचडीएफसी बैंक जैसी प्रमुख कंपनियों के चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों और वृहद आर्थिक आंकड़ों से इस सप्ताह बाजार की चाल तय होगी। बाजार विश्लेषकों ने यह बात कही है। विश्लेषकों ने कहा कि निवेशक व्यापार विवाद से जुड़े घटनाक्रमों और रुपये तथा कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव पर भी नजर रखेंगे।

जियोजित फाइनैंशल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘व्यापार विवाद, तिमाही नतीजों का उम्मीद के अनुरूप नहीं रहना निकट अवधि में खराब प्रदर्शन का कारण बनेंगे। आने वाले सप्ताह में बाजार 2019-20 की पहली तिमाही के कंपनियों के नतीजों पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर देगा।’

इपिक रिसर्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुस्तफा नदीम ने कहा, ‘मूल रूप से निवेशकों की नजर महत्वपूर्ण आंकड़ों, जैसे थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पर रहेगी। इसके अलावा व्यापार मोर्चे पर तनाव और अमेरिकी उत्पादों पर भारत की ओर से शुल्क समेत वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।’

शुक्रवार को जारी वृहद आर्थिक आंकड़ों का भी बाजार पर जोर रहेगा। खनन और विनिर्माण क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन की वजह से औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि दर मई महीने में घटकर 3.1 प्रतिशत पर आ गई है। इसके अलावा, खुदरा मुद्रास्फीति लगातार छठे महीने तेजी के रुख के साथ जून में बढ़कर 3.18 प्रतिशत पर पहुंच गई। इसकी अहम वजह अनाज, दाल और मांस एवं मछली जैसे प्रोटीन समृद्ध खाद्य वस्तुओं के दाम में बढ़ोतरी है।

कैपिटल एम के शोध प्रमुख रोमेश तिवारी ने कहा, ‘आने वाले हफ्ते में भारत में सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े आने हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर मंगलवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल की प्रतिक्रिया आनी है। विप्रो और यस बैंक के तिमाही नतीजे भी इस सप्ताह आने हैं।

आधार का संभलकर करें इस्तेमाल, गलत जानकारी पर 10 हजार रुपए जुर्माना

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में बैंकिंग, इनकम टैक्स समेत अन्य सुविधाओं को आसान बनाने के लिए बजट में पैन की जगह आधार के इस्तेमाल का ऐलान किया था। हालांकि पैन की तर्ज पर ही आधार के गलत इस्तेमाल पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान किया जा सकता है।

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 272बी में पैन के उपयोग से संबंधित उल्लंघनों पर दंडात्मक प्रावधान हैं। इसी तरह आधार के गलत इस्तेमाल पर दंडात्मक प्रावधान किए जा सकते हैं। इसके लिए धारा 272बी में संशोधन करके आधार की गलत जानकारी देने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाने की तैयारी है। हालांकि जुर्माना आदेश से पहले संबंधित व्यक्ति की बात सुनी जाएगी। यह दंडात्मक प्रावधान 1 सितंबर, 2019 से लागू हो सकते हैं।

1.2 अबर लोगों के पास हैं आधार
देश में 1.2 अरब से अधिक भारतीयों के पास आधार कार्ड हैं। इसकी तुलना में केवल 22 करोड़ पैन हैं। करदाता पैन नंबर न होने पर आधार कार्ड नंबर से आयकर रिटर्न भर सकते हैं। बैंक खाता खोलने, क्रेडिट या डेबिट कार्ड के लिए आवेदन करने, होटल व रेस्तरां बिलों का भुगतान करने के लिए आधार नंबर इस्तेमाल कर सकते हैं।

18 सर्विस में कर सेकेंगे पैन की जगह आधार का इस्तेमाल
5 जुलाई को संसद में पेश आम बजट के बाद पैन 18 प्रकार की वित्तीय सेवाओं के लिए अनिवार्य नहीं रह गया है। पैन की जगह आप अपना आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन यह ऐसा वही व्यक्ति कर सकता है जिसके पास पैन कार्ड नहीं है। अगर आपके पास पैन कार्ड है तो ऐसी स्थिति में आपको 18 प्रकार की वित्तीय सेवाओं के लिए हर हाल में अपने पैन कार्ड की जानकारी देनी होगी।

सरकार के नियम के मुताबिक ये 18 काम के लिए पैन नंबर अनिवार्य है

  1. -किसी भी मोटर कार की खरीद-बिक्री के लिए
  2. बैंक खाता (जन धन को छोड़) खुलवाने के लिए
  3. डेबिट-क्रेडिट कार्ड जारी करवाने के लिए
  4. डीमैट अकाउंट खुलवाने के लिए
  5. किसी होटल-रेस्टोरेंट में कैश में एक बार में 50,000 का बिल का भुगतान करने के लिए
  6. 50,000 से अधिक रुपए की विदेशी करेंसी खरीदने के लिए
  7. 50,000 रुपए से अधिक राशि वाले म्युचुअल फंड की खरीदारी करने पर
  8. 50,000 रुपए से अधिक राशि वाले बांड का इश्यू की खरीदारी करने पर
  9. बैंक में 50,000 रुपए से अधिक जमा करने पर
  10. आरबीआई की तरफ से जारी 50,000 से अधिक बांड खरीदने पर
  11. एक दिन में 50,000 से अधिक का बैंक ड्राफ्ट बनवाने पर
  12. एक वित्त वर्ष में बैंक या पोस्ट ऑफिस में 5 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा करने पर
  13. जीवन बीमा प्रीमियम 50,000 रुपए से अधिक कैश जमा करने पर
  14. 50,000 से अधिक का पे आर्डर बनवाने पर
  15. सिक्युरिटीज की खरीद-बिक्री पर अगर एक लाख रुपए का प्रति ट्रांजेक्शन है
  16. मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज से अलग जगह पर किसी कंपनी में एक लाख रुपए से अधिक के शेयर लेने पर
  17. 10 लाख रुपए से अधिक के अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री एवं इसके लिए स्टांप की खरीदारी पर
  18. दो लाख रुपए से अधिक के सामान की खरीदारी पर

नोट पहचानने के लिए नया एप लाएगा RBI, नेत्रहीनों को मिलेगी मदद

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) दृष्टिबाधित या नेत्रहीन लोगों को नोटों की पहचान करने में मदद के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन (मोबाइल एप) पेश करेगा। केंद्रीय बैंक ने लेनदेन में अब भी नकदी के भारी इस्तेमाल को देखते हुए यह कदम उठाया है। वर्तमान में 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2,000 रुपए के बैंकनोट चलन में हैं।

रिजर्व बैंक ने कहा कि नेत्रहीन लोगों के लिए नकदी आधारित लेनदेन को सफल बनाने के लिए बैंकनोट की पहचान जरूरी है। नोट को पहचानने में नेत्रहीनों की मदद के लिए ‘इंटाग्लियो प्रिंटिंग’ आधारित पहचान चिह्न दिए गए हैं। यह चिह्न 100 रुपए और उससे ऊपर के नोट में हैं। नवबंर 2016 में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के बाद अब चलन में नए आकार और डिजाइन के नोट मौजूद हैं।

तस्वीर खींचते ही बता देगा नोट की वेल्यू
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि रिजर्व बैंक नेत्रहीनों को अपने दैनिक कामकाज में बैंक नोट को पहचानने में आने वाली दिक्कतों को लेकर संवेदनशील है। बैंक मोबाइल एप विकसित करने के लिए वेंडर की तलाश कर रहा है। यह एप महात्मा गांधी श्रृंखला और महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला के नोटों की पहचान करने में सक्षम होगा। इसके लिए व्यक्ति को नोट को फोन के कैमरे के सामने रखकर उसकी तस्वीर खींचनी होगी।

ऑडियो नोटिफिकेशन से देगा जानकारी
यदि नोट की तस्वीर सही से ली गई होगी तो एप ओडियो नोटिफिकेशन के जरिए नेत्रहीन व्यक्ति को नोट के मूल्य के बारे में बता देगा। अगर तस्वीर ठीक से नहीं ली गई या फिर नोट को रीड करने में कोई दिक्कत हो रही है तो एप फिर से कोशिश करने की सूचना देगा।

80 लाख नेत्रहीनों को होगा बड़ा फायदा
रिजर्व बैंक एप बनाने के लिए प्रौद्योगिकी कंपनियों से निविदा आमंत्रित कर रहा है। बैंक पहले भी इसी तरह के प्रस्ताव के लिए आवेदन मांगे थे। हालांकि, बाद में इसे रद्द कर दिया गया। देश में करीब 80 लाख नेत्रहीन लोग हैं। आरबीआई की इस पहल से उन्हें लाभ होगा।