महेश नवमी महोत्सव: शिव महाअभिषेक एवं भव्य शोभायात्रा आज

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नवसृजन में झलकी माहेश्वरी महिलाओं की प्रतिभा, परंपरा और नवाचार

कोटा। माहेश्वरी समाज कोटा द्वारा महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार 23 जून को भगवान महेश का महाअभिषेक एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जायेगा।

प्रातः 7:15 बजे श्री माहेश्वरी भवन, झालावाड़ रोड़ पर 51 विद्वान पंडितों द्वारा 221 से अधिक यजमान दंपतियों सहित 221 शिवलिंगों का निर्माण कर विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजन व महाअभिषेक संपन्न कराया जाएगा।

समन्वयक प्रमोद कुमार भण्डारी ने बताया कि महेश नवमी के अवसर पर सायं 5:15 बजे श्री माहेश्वरी समाज द्वारा विशाल शोभायात्रा ग्लोबल पब्लिक स्कूल से माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, श्रीनाथपुरम, कोटा तक निकाली जाएगी।

समन्वयक हरिकृष्ण बिरला व राजेन्द्र शारदा ने बताया कि महाप्रसादी का आयोजन पूर्णतः डिस्पोजल-फ्री रहेगा। माहेश्वरी पब्लिक स्कूल श्रीनाथपुरम में सांय 8.15 बजे महाप्रसादी प्रारंभ की जाएगी।

मुख्य समन्वयक महेश अजमेरा एवं समन्वयक राजेश जाजू ने बताया कि इस दौरान माहेश्वरी समाज की परंपरा “पहले करे परोसगारी, फिर ले अपनी बारी” का पालन करते हुए समाजबंधु महेश कुंभ में परोसगारी करेंगे। केजी जाखेटिया ने बताया कि महाप्रसादी के मुख्य सहयोगी राजेश कृष्ण, हरिकृष्ण, बालकृष्ण,ओमकृष्ण,दयाकृष्ण व नरेन्द्र बिरला सहित समस्त बिरला परिवार रहेंगे।

माहेश्वरी महिला मंडल के तत्वावधान में ‘नवसृजन ‘परंपरा एवं प्रतिभा का संगम’ कार्यक्रम सोमवार को उत्साह, नवाचार और सांस्कृतिक रंगों के साथ संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा माहेश्वरी एवं सूरज बिरला उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि ममता तिवारी, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त थीं।

इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने महिला मंडल एवं प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज की सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलती है।

महिला मण्डल की अध्यक्ष सरिता मोहता एवं सचिव श्वेता माहेश्वरी ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत ट्रेडिशनल मांडणा प्रतियोगिता, क्रोशिया कला प्रतियोगिता, किटी थीम प्रतियोगिता तथा जीरो ऑयल कुकिंग रेसिपी प्रतियोगिता आयोजित की गई।

मांडणा प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पारंपरिक राजस्थानी लोक कला को साकार करते हुए आकर्षक एवं कलात्मक मांडणों का प्रदर्शन किया। वहीं क्रोशिया कला प्रतियोगिता में महिलाओं ने अपने हस्तकौशल से निर्मित उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं को प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण किटी थीम प्रतियोगिता रही। प्रतिभागियों ने गांव की थीम, दक्षिण भारतीय संस्कृति, ब्रज संस्कृति, अखाड़ा थीम, पंचतत्व, रेनबो, हाड़ौती हरियाली, अयोध्या एवं कैबिनेट किटी सहित विभिन्न विषयों पर आधारित अभिनव प्रस्तुतियां दीं। थीम के अनुरूप सेल्फी पॉइंट, पारंपरिक एवं क्षेत्रीय व्यंजन, खेल गतिविधियां, वेशभूषा, हाउजी टिकट और सजावट को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

पंचतत्व थीम में नौकाविहार की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही, जबकि दक्षिण भारतीय थीम में पारंपरिक साउथ इंडियन व्यंजनों और सांस्कृतिक परिवेश को जीवंत रूप दिया गया। प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति से दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।

सरिता मोहता एवं सचिव श्वेता माहेश्वरी ने बताया कि जीरो ऑयल कुकिंग प्रतियोगिता में लगभग 45 प्रतिभागी महिलाएं अपने घरों से विभिन्न स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन बनाकर लेकर आईं। प्रतियोगिता में देसी पकवान, नमकीन, इडली, दही भल्ले, न्यूट्रिशन फूड, सूजी वेजिटेबल्स सहित अनेक व्यंजन प्रस्तुत किए गए। निर्णायकों द्वारा व्यंजनों का मूल्यांकन उनके स्वाद, प्रस्तुतीकरण, रेसिपी की मौलिकता एवं पोषण मूल्य के आधार पर किया गया।

प्रतियोगिता ने स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के समन्वय एवं संचालन में प्रियंका राठी, विनीता बिरला एवं मोनिका नुवाल का विशेष योगदान रहा।

प्रतियोगिताओं के परिणाम
किटी थीम प्रतियोगिता में सीमा काल्या एवं उनकी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ट्रेडिशनल मांडणा प्रतियोगिता में श्रुति खुवाल प्रथम एवं इंदु आगसूद द्वितीय स्थान पर रहीं। जीरो ऑयल कुकिंग (मीठा वर्ग) में सांची राठी ने प्रथम तथा गीतिका मूंदड़ा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जीरो ऑयल कुकिंग (नमकीन वर्ग) में गर्विता मूंदड़ा प्रथम स्थान पर रहीं। क्रोशिया कला प्रतियोगिता में तृप्ति लड्डा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी उत्कृष्ट कला का परिचय दिया।