आईआईटी में गर्ल्स के लिए होंगी 14 फीसदी सीट

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  • आईआईटी में बेटियों का एनरोलमेंट बढ़ाने के लिए जैब ने लिया निर्णय

  • बेटियों की सीट खाली रहने पर भी लड़कों को नहीं मिलेगा एडमिशन

कोटा। आईआईटीमें साल 2018 से बेटियों के लिए रिजर्वेशन लागू हो जाएगा। आईआईटी में गर्ल्स का एनरोलमेंट बढ़ाने के लिए इस साल ज्वॉइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) ने 14 प्रतिशत सीटें बेटियों के लिए रिजर्व रखने का निर्णय लिया है। बेटियों के लिए रिजर्व सुपरन्यूमेरी सीट्स पर केवल गर्ल्स का ही एडमिशन होगा।

इसके चलते अगले साल आईआईटी में कई सीटें खाली रह सकती हैं। उम्मीद थी कि आईआईटी इसमें संशोधन करते हुए गर्ल्स की खाली सीटों पर रैंक के आधार पर लड़कों को भी एडमिशन देगी, लेकिन जैब ने साफ कर दिया है कि इन सीटों के खाली रहने पर भी लड़कियों को ही दाखिला मिलेगा।

भले ही लड़कियों की रैंक पीछे हो, इसके बाद भी अगर वह क्वालीफाई कर रही हैं तो खाली सीटों पर लड़कों की जगह लड़कियों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, अगर जनरल कैटेगरी में छात्रा को जगह नहीं मिल रही है तो वह भी इस कोटे के तहत आईआईटी में एडमिशन ले सकती है।

अभी आईआईटी में केवल 8 से 9% बेटियां
11000 सीटों में से मात्र 8 से 9% सीटों पर ही गर्ल्स स्टूडेंट्स आईआईटी में एडमिशन लेती हैं
अभी तक आईआईटी में लड़कियों के लिए कोई कोटा नहीं है। ऐसे में रैंक के आधार पर ही एडमिशन मिलता है। रैंक में पिछड़ने के कारण लड़कियां एडमिशन के लिए एलिजिबल नहीं होती हैं।

वहीं कई लड़कियां एलिजिबल होने के बावजूद पसंदीदा कॉलेज नहीं मिलने के कारण एडमिशन नहीं लेती। अधिकांश स्टेट में एनआईटी होने के कारण लड़कियां आईआईटी छोड़कर एनआईटी में एडमिशन लेती हैं।

यह पहल की सीबीएसई ने
सीबीएसईभी आईआईटी में गर्ल्स एनरोलमेंट बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसके तहत ही सीबीएसई ने उड़ान प्रोजेक्ट किया है। इस साल ही उड़ान प्रोजेक्ट के माध्यम से करीब 135 लड़कियों ने आईआईटी में एडमिशन लिया है। उड़ान के तहत आईआईटी के पुराने पेपर ट्यूटोरियल छात्राओं को उपलब्ध करवाया जाता है।