नीरव और माल्याओं पर शिकंजे के लिए नया कानून लाने की तैयारी

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नई दिल्ली। देश के बैंकों से बड़े पैमाने पर कर्ज लेकर देश छोड़कर भागने वाले विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगोड़ों पर शिकंजा कसने के लिए मोदी सरकार कड़ा कानून बनाने की तैयारी में है।

प्रस्तावित कानून के तहत आर्थिक अपराध कर देश से भागने वाले लोगों की संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा, जब तक कि वे कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हो जाते।

फिलहाल यह बिल पब्लिक डोमेन में है और इस पर लोगों से राय ली जा रही है। प्रस्तावित कानून के मुताबिक ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ का अर्थ उस व्यक्ति से होगा, जिसके खिलाफ आर्थिक अपराध में अरेस्ट वॉरंट जारी हुआ हो और उसने कानूनी शिकंजे से बचने के लिए देश छोड़ दिया हो।

प्रस्तावित विधेयक को यदि मंजूरी मिल जाती है तो आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए बने अन्य कानूनों की यह जगह ले लेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विधेयक 6 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश किया जा सकता है।

वित्त मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी एक बयान में कहा गया, ‘यह आमतौर पर महसूस किया जा रहा है कि देश की कानूनी प्रक्रिया से बचकर आर्थिक अपराधियों का विदेश भाग जाना, भारत के कानून को कमतर आंकने जैसा है।’

नोट में कहा गया कि यह जरूरी समझा जा रहा है कि भारतीय कानून के इस तरह के उल्लंघन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। प्रस्तावित कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की जिम्मेदारी अथॉरिटीज पर होगी। उन्हें इसके लिए पर्याप्त सबूत देने होंगे।