दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा रुपया, जानिए आपको कितने फायदे

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नई दिल्ली । बीते दो दिनों के दौरान रुपए के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। मंगलवार को 9 पैसे की कमजोरी के साथ खुला रुपया 11 बजे के आस-पास 64.41 के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया। वहीं सोमवार के कारोबार में भारतीय रुपया बीते दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

शुरुआती उतार-चढ़ाव के साथ भारतीय रुपया बीते दिन 20 पैसे की मजबूती के साथ दो महीने के उच्चतम 64.50 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को अपरिवर्तित रखा। वहीं दिन के कारोबार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 64.83 के स्तर पर कारोबार करता दिखा था। डॉलर के मुकाबले रुपए में आई यह मजबूती एक बेहतर संकेत है।

बीते पांच सालों में मासिक आधार पर रुपए का प्रदर्शन:

आम आदमी को कौन से 4 बड़े फायदे होंगे

सस्ता होगा विदेश घूमना: रुपए के मजबूत होने से वो लोग खुश हो सकते हैं जिन्हें विदेश की सैर करना काफी भाता है।

क्योंकि अब रुपए के मजबूत होने से आपको हवाई किराए के लिए पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे खर्च करने होंगे। फर्ज कीजिए अगर आप न्यूयॉर्क की हवाई सैर के लिए 3000 डॉलर की टिकट भारत में खरीद रहे हैं तो अब आपको कम भारतीय रुपए खर्च करने होंगे।

विदेश में बच्चों की पढ़ाई होगी सस्ती: अगर आपके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं तो रुपए का मजबूत होना आपके लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि अब आपको पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे भेजने होंगे। मान लीजिए अगर आपका बच्चा अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है, तो अभी तक आपको डॉलर के हिसाब से ही भारतीय रुपए भेजने पड़ते थे।

यानी अगर डॉलर मजबूत है तो आप ज्यादा रुपए भेजते थे, लेकिन अब आपको डॉलर के कमजोर (रुपए के मजबूत) होने से कम रुपए भेजने होंगे। तो इस तरह से विदेश में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई भारतीय अभिभावकों को राहत दे सकती है।

क्रूड ऑयल होगा सस्ता : डॉलर के कमजोर होने से क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है। यानी जो देश कच्चे तेल का आयात करते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले (डॉलर के मुकाबले) कम रुपए खर्च करने होंगे।

भारत जैसे देश के लिहाज से देखा जाए तो अगर क्रूड आयल सस्ता होगा तो सीधे तौर पर महंगाई थमने की संभावना बढ़ेगी। आम उपभोक्ताओं के खाने-पीने और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति परिवहन माध्यम से की जाती है, इसलिए महंगाई थम सकती है।

डॉलर में होने वाले सभी पेमेंट सस्ते हो जाएंगे: वहीं अगर डॉलर कमजोर होता है तो डॉलर के मुकाबले भारत जिन भी मदों में पेमेंट करता है वह भी सस्ता हो जाएगा। यानी यह भी भारत के लिए एक राहत भरी खबर है।