अपनी अतृप्त आकांक्षाओं का बोझ बच्चों पर न डालें : देखिए डॉ. तारे का वीडियो

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कोटा।  डॉ. गणेश तारे को प्लाज्मा भौतिकी में क्वालिटी रिसर्च और महिलाओं की शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पिछले दिनों एपीजे अब्दुल कलाम एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया। इसी अवार्ड को लेकर हमारे चैनल LD NEWS ने डॉ. गणेश तारे से बातचीत की। 

उन्होंने अवार्ड को लेकर चर्चा करने से मना कर दिया। उनका कहना है कि वह पब्लिसिटी में विश्वास नहीं करते। काम में विश्वास करते हैं। परन्तु उन्होंने इस बातचीत के जरिये अभिभावकों को एक महत्वपूर्ण सन्देश दिया, जो हम आप तक पहुंचा रहे हैं। 

उनका कहना है कि “बच्चों पर अभिभावकों को कभी भी अपनी अतृप्त आकांक्षाओं को नहीं थोपना चाहिए।” डॉ. तारे की ओर से प्लाज्मा भौतिकी में किया गया शोध कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूयार्क और बर्लिन से प्रकाशित हो चुका है।

उनकी भौतिक शास्त्र, गणित की 96 पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी है। जो NCERT के स्कूली पाठ्यक्रमों में चल रही हैं। वर्तमान में डॉ.तारे इंप्रोवाइज्ड एपेरेटस पर काम कर रहे हैं। पूरी लाइफ में इतने अवार्ड और पुरस्कार मिल चुके हैं, शायद उनका जिक्र यहाँ पर करें तो सूर्य को दीपक दिखाने के समान होगा। 

उन्होंने एक उपन्यास भी लिखा है, “पढ़े सो पंडित होय”। उनका यह उपन्यास इतना लोकप्रिय हुआ कि, दो संस्करण निकाले जा चुके हैं, अब तीसरे संस्करण की तैयारी है। 

उनके दो पुत्र कपिल और क्षितिज दोनों बॉलीवुड में हैं। क्षितिज प्लेबैक सिंगर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं,वहीं कपिल फिल्म निर्माता और निर्देशक के रूप में बॉलीवुड में जाने जाते हैं।

हाल ही में उन्होंने एक मराठी फिल्म का डायरेक्शन किया था। इसके पहले कई वेब सीरीज जारी कर चुके हैं। डॉ. तारे स्वयं भी चार ऑडियो में गीत लेखन कर चुके हैं।

इसके अलावा उनके चितन के तीन आयाम, गीत गजानन, “कोई मुझ से प्यार करे” कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। तो लीजिये उनसे बातचीत का यह वीडियो जरूर देखिए-