राज. का सबसे बड़ा बायोलोजिकल पार्क इसी वर्ष दिसंबर में होगा शुरू

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कोटा। शहरवासियों को इस साल के अंत तक अभेड़ा में बायोलोजिकल पार्क की सौगात मिल जाएगी। इस पर लगभग 40 करोड़ की लागत आएगी। 126 हैक्टेयर में बनने वाला ये बायोलोजिकल पार्क प्रदेश में सबसे बड़ा होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस लिहाज से भी यह प्रदेश का पहला पार्क है, जिसमें विरासत और वाइल्ड लाइफ एक साथ नजर आएगी।

यहां बब्बर शेर से लेकर बाघ और अन्य वन्यजीव देखने को मिलेंगे। यहां कुल 44 एनक्लोजर का निर्माण किया जाना है। पहले फेज में 19 पिंजरों का निर्माण कार्य जारी है। इनमें 11 पिंजरों का कार्य 80 प्रतिशत हो चुका है। इस साल के अंत तक कोटा चिड़ियाघर के वन्यजीव इसमें शिफ्ट कर दिए जाएंगे। दिसंबर तक शहरवासी यहां की विजिट कर सकेंगे। डीसीएफ डा. सुनील चिद्री बताते हैं कि पार्क के लिए पहले फेज में 20 करोड़ की राशि मिल चुकी है।

ये वन्यजीव और पक्षी आएंगे नजर
टाइगर, पैंथर, बब्बर शेर, जैकाल, इंडियन फॉक्स, इंडियन वुल्फ, भालू, हायना, चीतल, सांभर, नील गाय, काला हिरन, चिंकारा वन्यजीवों के पंजरों का काम जारी है। इसके अलावा विस्लिंग टील, इंडियन टी-फाउल सहित पांच पक्षियों के पिंजरों का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा दूसरे फेज में घड़ियाल, कछुआ, लंगूर, जंगली बिल्ली, सारस क्रेन, तोता सहित अन्य पक्षियों के पिंजरे शामिल हैं।

15 हजार पौधे लगाए जाएंगे बायोलॉजिकल पार्क में
डा. चिद्री ने बताया कि पिंजरों में पांच हजार पौधे लगेंगे और ग्रीन बेल्ट में 10 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। यह एरिया वन्यजीव के लिहाज से मुफीद होगा। यहां पाथ-वे का निर्माण हो चुका है। विजिटर्स मोटर वाहन से पार्क में घूम सकेंगे।