अस्पताल के बेड या आईसीयू पर कोई जीएसटी नहीं: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अस्पताल के बिस्तर या आईसीयू पर कोई जीएसटी नहीं है। जीएसटी परिषद ने गरीबों द्वारा उपभोग की जाने वाली आवश्यक वस्तुओं पर कोई नया शुल्क नहीं लगाया है, हालांकि इस तरह के उत्पादों पर पूर्व में लगभग सभी राज्यों द्वारा किसी न किसी रूप में कर लगाया जाता था।

सीतारमण ने यह भी स्पष्ट किया कि श्मशान घाटों पर कोई जीएसटी नहीं है, लेकिन कर केवल नए श्मशान के निर्माण पर है। साथ ही, अस्पताल के बिस्तर या आईसीयू पर कोई जीएसटी नहीं है, बल्कि अस्पताल में केवल 5,000 रुपये प्रति दिन का किराया है।

जीएसटी बैठक के बाद वित्त मंत्री ने जानकारी दी थी कि 18 जुलाई से कई चीजों के दाम बढ़ जाएंगे। 18 जुलाई से तय की गई वस्तुओं के दाम में बदलाव भी हो गया है। लेकिन इस बीच आटा,चावल, डाल जैसी चीजों के अलावा अस्पताल के बिस्तर या आईसीयू पर जीएसटी को लेकर लोगों में पैदा हुए उलझन को दूर करते हुए वित्त मंत्री ने जानकारी दी है।

अस्पतालों के बेड पर जीएसटी लगाने के फैसले पर अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्य सभा में सफाई दी है। वित्त मंत्री ने कहा है कि सरकार की तरफ से अस्पताल के बिस्तर या आईसीयू पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया है। बल्कि केवल ऐसे अस्पताल के कमरे जिनका का किराया 5,000 रुपये प्रति दिन है केवल उस पर जीएसटी लगाया गया है। राज्यसभा में महंगाई पर हो रहे विरोध का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने ये बातें कही है।

बता दें 28 से 29 जून को जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक में नान आइसीयू रूम जिसका किराया 5,000 रुपये प्रति दिन से ज्यादा है उसपर 5 फीसदी जीएसटी लगाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 18 जुलाई, 2022 से ये नया नियम लागू हो चूका है। लेकिन इसके बाद लगातार इस निर्णय की आलोचना भी हो रही है। वित्त मंत्री ने इस पर अपनी सफाई पेश की है।

गौरतलब है कि हेल्थकेयर इंडस्ट्री से लेकर हास्पिटल एसोसिएशन और दूसरे स्टेकहोल्डर्स लगातार सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। दरअसल, इनका तर्क है कि अस्पतालों के बेड पर जीएसटी लगाने के फैसले के चलते लोगों के लिए इलाज कराना महंगा हो जाएगा।