पर्यावरण की रक्षा के लिए 13 साल के बच्चे ने बनाया ‘एयरेशन ऐप’

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कोटा। कोटा के 13 वर्षीय व्हाईट हैट जूनियर विद्यार्थी स्पर्श परेता ने पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए एक ऐप ‘एयरेशन’ बनाया है। इस ऐप का उद्देश्य लोगों को उन छोटे-छोटे तरीकों के बारे में जागरुक बनाना है, जिनके माध्यम से वो पर्यावरण की रक्षा के लिए बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। यह पर्यावरण को हमारे द्वारा हो रहे नुकसान को कम करने में मदद करने के लिए लोगों द्वारा सामूहिक व स्थिर रूप से प्रयास किए जाने की जरूरत पर रोशनी डालता है।

‘एयरेशन’ गेम के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा करने की प्रक्रिया को समझाता है। यूज़र्स ऐप में लॉग इन करते हैं, जहां पर उन्हें सरल टास्क, जैसे पौधों को पानी दिए जाने, पेड़ लगाए जाने, और रिसाईक्लिंग के लिए, प्लास्टिक कचरे को एकत्र किए जाने के टास्क पूरे करने के लिए प्रेरित किया जाता है। हर टास्क को सफलता पूर्वक पूरा कर लेने पर यूज़र्स को प्वाईंट्स मिलते हैं, जिससे वह लीडरबोर्ड पे आगे बढ़ते चले जाते हैं। यह टास्क समय के साथ ज्यादा से ज्यादा विस्तृत होता चला जाता है।

ऐप के बारे में स्पर्श परेता ने बताया एयरेशन के माध्यम से मैंने लोगों को स्थिर रूप से छोटे-छोटे काम करके अपनी आदतों में परिवर्तन लाने के बारे में जागरुक बनाने का प्रयास किया है। प्लास्टिक बैग्स का इस्तेमाल बंद करना, उपयोग में न आते वक्त नल का टैप बंद करना, अपने आस-पास पेड़ लगाना, इस तरह के कई काम हैं, जो हम अपने-अपने स्तर पर कर सकते हैं। मेरा ऐप इस काम को एक प्रतियोगिता में तब्दील कर लोगों को प्रोत्साहन देता है।

इस प्रोजेक्ट में स्पर्श का मार्गदर्शन व्हाईटहैट में उनकी टीचर अनुष्का जैसवाल ने किया। उन्होंने कहा, स्पर्श बहुत समझदार बच्चा है। वह कॉन्सेप्ट्स को आसानी से समझ लेता है और तेजी से उनका उपयोग करता है। पर्यावरण की रक्षा की प्रक्रिया को एक गेम की तरह समझाने का उसका विचार बहुत उत्तम है। सब से अहम् बात यह है कि उसने इस ऐप को इस्तेमाल में बहुत सुगम और आसान बनाया है।’’

स्पर्श के पिता किशन परेता ने कहा, अपने बेटे को एक ऐप बनाते देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। यह ऐप लोगों को यह समझाने में मदद करेगा कि वो पर्यावरण की रक्षा में क्या योगदान दे सकते हैं।