ट्रेनों में आग के पीछे किसी की साजिश तो नहीं, जानिए क्या कहते हैं हालात

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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने हाल के दिनों में ट्रेनों में अचानक आग लगने की घटनाओं को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। रेलवे ने बुधवार को इन हादसों को महज इत्तेफाक या तकनीकी खराबी मानने के बजाय, इसके पीछे किसी ‘साजिश’ की गहरी आशंका जताई है।

आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि अब तक हुई जांच के नतीजे ‘असामाजिक तत्वों’ की संलिप्तता की ओर साफ इशारा कर रहे हैं। इस अहम खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है।

रेलवे प्रशासन ने खासतौर पर चार अलग-अलग जगहों पर हुई घटनाओं का जिक्र किया है, जिन्होंने सुरक्षा तंत्र की नींद उड़ा दी है। इनमें राजस्थान के अमरपुरा और कोटा में सामने आई घटनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा, बिहार के सासाराम और पश्चिम बंगाल के हावड़ा में भी ट्रेनों में भड़की आग ने इस शक को और पुख्ता कर दिया है कि इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश हो सकती है। रेलवे का कहना है कि इन सभी घटनाओं को ‘बेहद गंभीरता’ से लिया जा रहा है।

अमरपुरा में जहां ट्रेन के बेडरोल (कंबल-चादर) में आग लगाने की कोशिश की गई, वहीं हावड़ा की घटना में तो कोच के बाथरूम से पेट्रोल से सना हुआ एक कपड़ा बरामद हुआ है, जिसने साजिश के शक को और पुख्ता कर दिया है।

इसी तरह, कोटा में एक राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से लपटें उठती देखी गईं। वहीं, बिहार के सासाराम स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 पर खड़ी सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन के एक खाली कोच में किसी अज्ञात शख्स ने कोई जलती हुई चीज फेंक दी। हालांकि, शुरुआती जांच में सासाराम की घटना के पीछे शॉर्ट सर्किट का अंदेशा जताया गया था, लेकिन अब इसमें भी तोड़फोड़ का एंगल सामने आ रहा है।

रेलवे का यह बयान मध्य प्रदेश के रतलाम में दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एक एसी कोच में लगी भीषण आग के कुछ दिनों बाद आया है। विक्रमगढ़ आलोट और लूनी ऋचा स्टेशनों के बीच सुबह करीब 5:15 बजे ट्रेन के बी-1 (B-1) कोच में आग भड़क उठी थी। इस कोच में 68 यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में किसी यात्री को चोट नहीं आई।

आग इतनी भयंकर थी कि अलग किए गए डिब्बे से आसमान में काले धुएं का भारी गुबार छा गया और लपटें रेलवे ट्रैक के किनारे लगे पेड़ों तक पहुंच गईं। इस बड़ी घटना के कारण उस रूट का रेल ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। कम से कम 18 ट्रेनों का शेड्यूल बिगड़ गया और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।

लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। मामलों की तह तक जाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। RPF की स्पेशल टीमें हर एक मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि देश की जीवनरेखा माने जाने वाले रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाने के पीछे किन लोगों का हाथ है।

यात्रियों की सुरक्षा पर रेलवे का सख्त रुख
इन लगातार हो रही घटनाओं के मद्देनजर रेलवे ने यात्रियों से भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। रेलवे ने अपनी एडवाइजरी में कहा है, “सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे अलर्ट और सुरक्षित रहें। अगर आपको ट्रेन या स्टेशन पर कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो बिना कोई देर किए तुरंत रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सूचना दें।”