रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले ऑल टाइम लो पर पहुंची, जानिए क्यों

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नई दिल्ली। Rupee vs Dollar: भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 35 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 95.63 पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव एवं समझौते की उम्मीदें धूमिल होने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.57 पर खुला और फिर टूटकर सर्वकालिक निचले स्तर 95.63 पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 35 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

रुपया सोमवार को 79 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 95.28 पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.14 पर रहा।

घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 525.44 अंक टूटकर 75,489.84 अंक पर जबकि निफ्टी 164.5 अंक फिसलकर 23,651.35 अंक पर रहा।

कच्चे तेल में उछाल
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 105.10 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने चेतावनी दी है कि दुनिया में तेल का भंडार बहुत कम रह गया है। अप्रैल में ओपेक देशों का रोजाना उत्पादन साल 2000 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण कुवैत और इराक जैसे देश एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही उनके पास तेल रखने के लिए सुविधा नहीं है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 8,437 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 20 अरब डॉलर से अधिक निकाल चुके हैं। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है। इस साल रुपये की कीमत में 6.5 फीसदी गिरावट आई है और यह एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसीज में शामिल है।