किसानों से नवीनतम गिरदावरी के आधार पर ही वास्तविक उपज MSP पर खरीदी जाएगी

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ऊर्जा मंत्री नागर के निर्देश पर किसानों की समस्याओं का हुआ निराकरण

​कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के प्रयासों से किसानो को गेंहू ख़रीद प्रक्रिया में आ रही समास्याओं से राहत मिली है। राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा रबी विपणन सीजन (आरएमएस) 2026-27 के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद के लिए नई मार्गदर्शिका जारी की गई है।

इस व्यवस्था के तहत विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों से उनकी नवीनतम गिरदावरी के आधार पर वास्तविक उपज की ही खरीद की जाएगी। जिसका आकलन राज्य खरीद पोर्टल द्वारा स्वतः किया जाएगा। इसके लिए वर्ष 2026 की गिरदावरी को प्राथमिकता दी जाएगी और इसके अभाव में वर्ष 2025 की गिरदावरी मान्य होगी।

उल्लेखनीय है कि ऊर्जा मंत्री नागर ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक ली थी। बैठक में सामने आया था कि ऑनलाइन सिस्टम में कई किसानों ने अपनी मर्जी से अधिक मात्रा भर दी। जिसके कारण स्लॉट फुल हो गए और कई वास्तविक किसानों को मई-जून तक की लंबी तारीखें मिल रही हैं।

इस विसंगति को दूर करने के लिए मंत्री नागर ने निर्देश दिए थे कि पोर्टल को दोबारा खोलकर गिरदावरी और रजिस्ट्रेशन की त्रुटियों को सुधारा जाए। साथ ही, रकबे के अनुसार ही स्लॉट बुकिंग सुनिश्चित की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इसके बाद जारी नई व्यवस्था के तहत् विभाग ने कहा है कि “पहले आओ पहले पाओ (FIFO)” के सिद्धांत पर पारदर्शी तरीके से स्लॉट बुकिंग सुनिश्चित करना हमारा उद्देश्य है।

​जिन तहसीलों या गाँवों में गिरदावरी का कार्य ऑनलाइन नहीं हो पाया है। वहाँ के किसानों को तहसीलदार द्वारा प्रमाणित ‘ऑफलाइन गिरदावरी’ पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। हालांकि तहसीलदार द्वारा व्यक्तिगत रूप से प्रमाणीकरण की अनिवार्यता के कारण किसानों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

इस प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में किसानों को तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। जिससे न केवल किसानों का समय और धन नष्ट होगा, बल्कि तहसील प्रशासन के अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है।

​प्रशासनिक दक्षता और किसान कल्याण को ध्यान में रखते हुए, अब इस मामले को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के समक्ष ले जाने का निर्णय लिया गया है। इस विशेष शर्त में ढील देने अथवा प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का अनुरोध किया जा रहा है। ताकि किसानों को बेवजह परेशान न होना पड़े।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया सुगम बनी रहे और किसानों को उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से समय पर जानकारी मिलती रहे। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र किसान तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं के कारण अपनी फसल बेचने से वंचित न रहे।