नई दिल्ली। West Asia War: ईरान ने कहा है कि विदेशी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर सकते हैं, लेकिन उन्हें ईरान के नियमों का पालन करना होगा और वे किसी भी तरह की आक्रामक गतिविधियों में शामिल नहीं होने चाहिए।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को भेजे गए एक पत्र में दी है। पत्र के अनुसार, सुरक्षित आवाजाही के लिए जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा। यह पत्र 22 मार्च का बताया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने इस मार्ग से गुजरने वाले कुछ व्यावसायिक जहाजों से ट्रांजिट शुल्क लेना भी शुरू कर दिया है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्ग पर उसका नियंत्रण बढ़ रहा है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। फिलहाल कुछ ही जहाज ईरान के तट के पास से होकर निकल रहे हैं।
इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई होर्मुज को बंद रखने की बात कह चुके हैं, लेकिन नए पत्र में ईरान ने थोड़ी नरम और स्पष्ट स्थिति पेश की है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से रोजाना बड़ी मात्रा में तेल, गैस, खाद्य सामग्री और धातुएं भेजी जाती हैं। इस मार्ग पर असर पड़ने से जरूरी चीजों की कीमतों में तेजी आई है। एशिया में, जहां कई देश ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं, वहां गैस की कमी और ईंधन की राशनिंग की स्थिति बन रही है।
वहीं, बाजार में भी भारी उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। निवेशक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब हालात सामान्य होंगे और जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू होगी। अगर आवाजाही बढ़ती है तो तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
मंगलवार को जारी एक पत्र में ईरान ने कहा कि गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज, जो किसी भी अन्य देश से जुड़े हैं, उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जा सकती है।
इसके लिए शर्त यह है कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई में शामिल न हों, न ही उसका समर्थन करें और तय सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें। साथ ही, उन्हें ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर चलना होगा।
ईरान ने साफ किया कि जिन जहाजों का संबंध उन देशों से है जिन्हें वह आक्रामक मानता है या जो उसके खिलाफ कार्रवाई में शामिल हैं, उनके आवागमन पर पाबंदी लगाई गई है।
ईरान ने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पूरी तरह शांति और स्थिरता तभी बहाल हो सकती है, जब क्षेत्र में सैन्य खतरों का अंत हो।

