इस्लामाबाद। पाकिस्तानी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य के पास फंसे अपने मालवाहक जहाजों को एस्कॉर्ट करने से पीछे हट गई है। उसने खुद स्वीकार किया है कि वह इसके लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को न तो पार करेगी और ना ही फारस की खाड़ी में कोई अभियान चलाएगी। इसके इतर, पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज अरब सागर में ही रुके रहेंगे।
माना जा रहा है कि पाकिस्तानी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के बारूदी सुरंगों से डर गई है। अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान ने इस इलाके को समुद्री बारूदी सुरंगों से पाट दिया है, जिससे न सिर्फ युद्धपोतों बल्कि मालवाहक जहाजों के लिए भी खतरा बढ़ गया है।
पाकिस्तानी मीडिया ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है कि पाकिस्तानी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य पर नहीं, बल्कि अपने समुद्री मार्गों पर मर्चेंट शिप को एस्कॉर्ट कर रही हैं। इस ऑपरेशन की सीधी जानकारी रखने वाले एक सिक्योरिटी ऑफिसर ने बुधवार को कन्फर्म किया कि यह अहम रास्ता बंद होने से दुनिया भर में एनर्जी संकट के बीच हुआ है।
उसने कहा कि यह ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर सिर्फ पाकिस्तान की अपनी समुद्री कम्युनिकेशन लाइनों पर फोकस है, खासकर कराची को खाड़ी क्षेत्र और लाल सागर से जोड़ने वाले रूट पर। इन ऑपरेशन को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को एस्कॉर्ट करने के तौर पर गलत नहीं समझना चाहिए।
पाकिस्तानी मिलिट्री के मीडिया विंग ने सोमवार को अनाउंस किया कि नौसेना ने ‘ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर’ शुरू किया है। इसमें पाकिस्तानी नौसेना के जहाज मर्चेंट शिप को एस्कॉर्ट कर रहे हैं ताकि देश की एनर्जी सप्लाई बिना रुके चलती रहे और कम्युनिकेशन की समुद्री लाइनों की सिक्योरिटी बनी रहे। ISPR ने सोमवार को घोषणा की थी कि नेवी पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉर्पोरेशन (PNSC) के साथ मिलकर मर्चेंट जहाजों को एस्कॉर्ट करने के लिए ऑपरेशन कर रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य इतना जरूरी क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य अरब की खाड़ी का पतला मुहाना है, जिससे दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। ईरान के खिलाफ US-इजरायल युद्ध ने अहम रास्ते पर टैंकर ट्रैफिक रोक दिया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाजों पर हमला किया है और वहां से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को धमकी दी है। मिलिट्री के मीडिया विंग ने अपने पहले के बयान में कहा, “पाकिस्तान का लगभग 90 परसेंट ट्रेड समुद्र के रास्ते होता है, इस ऑपरेशन का मकसद यह पक्का करना है कि ज़रूरी समुद्री रास्ते सुरक्षित, सिक्योर और बिना रुकावट के रहें।”

