Sunday, April 26, 2026
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‘बेगम जान’ में देखें विद्या के होश उड़ाने वाले डायलॉग

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन की अपकमिंग फिल्म ‘बेगम जान’ रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म के टीजर, पोस्टर्स और ट्रेलर रिलीज हो चुके हैं, जिन्हें दर्शकों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। लेकिन शुक्रवार को ही मेकर्स ने फिल्म का एक डायलॉग ट्रेलर रिलीज किया है, जिसमें विद्या के बोल्ड डायलॉग्स के साथ-साथ उनका बेबाक अंदाज दिख रहा है।
फिल्म के डायलॉग्स और विद्या का किरदार काफी बोल्ड है। बता दें कि ‘बेगम जान’ साल 2015 में आई बांग्ला फिल्म ‘राजकहिनी’ की हिंदी रीमेक है। फिल्म में 11 एक्ट्रेसेस हैं। श्रीजीत मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म 14 अप्रैल को रिलीज होगी।
देखें फिल्म का डायलॉग ट्रेलर

माल्या की किंगफिशर विला एक्टर-बिजनेसमैन सचिन ने खरीदी

सचिन, जिसने खरीदी किंगफिशर विला

नई दिल्ली । बैकों से 9000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ब्रिटेन भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। बैंकों ने एसबीआई के नेतृत्व में गोवा का किंगफिशर विला 73.01 करोड़ रुपये में बेच दिया है। एक अंग्रेजी समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार, मूवी प्रोडक्शन कंपनी विकिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ने किंशफिशर विला को एक प्राइवेट डील के तहत खरीदा है। इस कंपनी के मालिक एक्टर-बिजनेसमैन सचिन जोशी हैं। एसबीअाई चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने विला बेचे जाने की पुष्टि की है।आपको बता दें कि कर्ज वसूली के तहत बैंकों ने इस विला को तीन बार बेचने का प्रयास किया था, लेकिन नहीं बिक पाया था। माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के लिए जिन संपत्तियों को दिखाकर कर्ज लिया था उसमें यह विला भी शामिल था। समुद्र किनारे बने इसे विला को अक्टूबर 2016 में पहली बार बेचने की कोशिश की गई थी। तब इसका रिजर्व प्राइस 85.29 करोड़ रुपये था। लेकिन इसका कोई खरीदार सामने नहीं आया। फिर दिसंबर 2016 में ही रिजर्व प्राइस घटाकर 81 करोड़ रुपये कर दिया था। फिर भी कोई खरीदार नहीं मिला। फिर इस साल मार्च में विला का रिजर्व प्राइस 73 करोड़ रुपये कर दिया गया, लेकिन फिर भी नहीं बिका। यह विला काफी आलीशान है, इसमें पार्टियां होती थीं। इस विला में वेस्टइंडीज के क्रिकेटर क्रिस गेल को पांच दिन रहने का मौका मिल चुका है, जहां वह राजा की तरह रहे और माल्या की तिपहिया हार्ले डेविडसन भी चलाई थी।

 

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हाड़ौती अंचल में स्वैच्छिक रक्तदान का अलख गांवों तक पहुंचा

युवा रक्तवीरों ने दिखाया जज्बा ,अब तक 1 हजार गंभीर रोगियों की जान बचाई। एक कॉल पर पहुंच रहे हैं नेगेटिव ग्रुप के रक्तदाता।
अरविन्द गुप्ता
कोटा। ‘मानवता का कोई मजहब नहीं’ इस सोच के साथ हाड़ौती के कुछ युवा सोशल मिडिया के जरिए जरूरतमंदों व गंभीर मरीजों के लिए गत 8 माह से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान कर रहे हैं। 18 अगस्त,2016 को सुनेल कस्बे में ‘युवा रक्तदाता समूह’ का गठन करके टीम ने फेसबुक एवं वाट्सएप ग्रुप से 4 हजार से अधिक युवाओं को 24 घंटे स्वैच्छिक रक्तदान मिशन से जोड़ा। ये सदस्य विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर रोज 10 से 15 यूनिट रक्त की निःशुल्क मदद कर रहे हैं।
झालावाड़ की 6 पंचायत समितियों में शिविर लगाकर समूह ने जिले में सर्वाधिक रक्तदान किया। भवानीमंडी के रक्तिमा ब्लडबैंक में गत माह दो शिविर से 123 यूनिट रक्त एवं सुनेल कस्बे में फरवरी माह में 157 यूनिट रक्तदान किया, जिसमें 11 महिलाओं ने भी पहली बार रक्तदान किया। सातलखे़ड़ी में 303 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान कर बीमार खान श्रमिकों को राहत पहंुचाई। सर्वधर्म समभाव के साथ युवा सदस्य प्रत्येक जाति-धर्म के रोगी को तुरंत रक्त पहुंचाते हैं। मंदसौर में सरकारी अस्पताल में नियुक्त डाॅ.हिमांशु यजुर्वेदी ने जिला अस्पताल में 30 शिविर लगाकर 500 से ज्यादा यूनिट रक्त मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराया। डाॅ.एपीजे कलाम सेवा संस्थान, भादरा के अध्यक्ष अशोक सैनी ने बताया कि भीलवाड़ा के विवेकानंद हाॅस्पिटल में एक शिविर में युवाओं ने 392 यूनिट रक्त दिया। सोशल मिडिया पर तत्काल सम्पर्क हो जाने से रक्तवीरों में जोश एवं उत्साह है। गर्मी को देखते हुए इन दिनों हाडौती के सभी सरकारी ब्लड बैंकों में रक्त की कमी होने लगी, ऐसे में युवाओं ने इसे अपना मिशन बना लिया।

Female blood donor
जिंदगी हमें नया मौका देती है
रक्तदाता समूह के काॅर्डिनेटर जय गुप्ता (28) ने बताया कि 20 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं में सेवा का ऐसा जज्बा है कि कॉल या मैसेज मिलते ही वे तुरंत काम छोड़़ रक्त देने पहुंच जाते हैं। आने-जाने का का खर्च भी वे स्वयं उठाते हैं। इसी माह एमबीएस हास्पिटल में थैलीसिमिया पीड़ित बेटी ट्विंकल को ए-नेगेटिव रक्त की जरूरत थी, उसे युवा मुकेश शर्मा ने 51वीं बार निःशुल्क लाइव नेगेटिव रक्तदान कर मदद की। 31 मार्च को एक रक्तवीर ने झालावाड के सरकारी हास्पिटल में 5 दिन की नवजात कन्या को रक्त दिया। समूह की सदस्य परी सैनी (26) ने इसी माह एक गरीब रोगी को रक्त देकर जान बचाई। उसने कहा कि मैने रक्तदान कर अपना नैतिक फर्ज निभाया। जिदंगी खुशी के लिए नया मौका देती है। समूह के हेल्पलाइन नं. 9460094500 पर काॅल करने से रोगी को किसी भी स्थान पर निःशुल्क रक्त मिल सकता है।
बीकानेर में 3500 यूनिट रक्तदान
पूर्व सैनिक मेवासिंह ने बीकानेर में रक्तदान क्रांति जगा दी। 2 अप्रैल को उन्होंने 14 शिविर लगाकर 3500 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान करवाया। बीकानेर के युवाओं ने एक ही शिविर में सर्वाधिक 3308 यूनिट रक्तदान का कीर्तिमान बनाया। दान की गई रक्त की मात्रा शरीर अगले 24 घंटे में स्वतः निर्मित कर लेता है। टीम के सदस्य अपने ग्रुप पर रोज रक्तदान का रिपोर्ट कार्ड एक-दूसरे को शेयर करते हैं। एक युवा ने रक्तदान कर मां से कहा-‘मां तेरा बेटा रक्त नहीं देता, दुआएं लेता है। तुम्हारे जैसी कई मांओं की…।’
शादी-सत्संग में रक्तवीरों का सम्मान
रामगंजमंडी में राकेश वैष्णव अपने बेटे की शादी में 30 अप्रैल को रक्तवीरों का सम्मान करेंगे। यहां व्यवसायी विजय गुप्ता गायत्री परिवार के सत्संग कार्यक्रम के साथ रक्तदान शिविर लगाते हैं। रक्तदाता युवा टीम के नेटवर्क में भुवनेश गुप्ता, शेर खान, रामेश्वर मकवाना, नरेंद्र फरक्या,  मेवा सिंह, राजेंद्र माहेश्वरी, जावेद खान, विकास पारेता, डाॅ भगवती मीणा, अनिल शर्मा ‘चिंटू’, बहादुर गुर्जर, रामधन मीणा, शुभम श्रंगी, विश्वास आचोलिया, सुदीप राठौर, सुनील चैधरी, राजेश मंडलोई, नीतेश सेन, विजय गुप्ता, कालू मित्तल, सतपाल, जयपुर एवं सतपाल, जोधपुर विभिन्न शहरों-कस्बों में रोगियों को सक्रिय मदद पहुंचाने में जुटे हैं। युवा समूह ने अगले चरण में 101 नेत्रदान करवाने का संकल्प किया।
इंसानियत की ऐसी मिसाल कहां
केस-1: कोटा से 40 किमी दूर चारभुजा (रावतभाटा) में हेमलता नायक को प्रसव के समय रक्त नहीं मिलने से तबीयत बिगड़ गई। पति या परिजन अस्पताल में मौजूद न होने से ओ-नेगेटिव रक्त का इंतजाम मुश्किल था। वाट्सएप पर सूचना मिलते ही रक्तदाता समूह ने मुस्तैदी दिखाई। तत्काल 125 किमी दूर रावतभाटा पहंुचकर 5 यूनिट नेगेटिव रक्त मुहैया कराया, जिससे प्रसूता हेमलता व नवजात शिशु की जान बच गई।
केस-2: महावीर कैंसर हाॅस्पिटल, जयपुर में भर्ती 4 साल के बालक आशुतोष बाला की कैंसर से हालत नाजुक हो गई। ओ-नेगेटिव रक्त समय पर मिलना मुश्किल था, इसकी सूचना वाट्सएप ग्रुप पर मिलते ही समूह के रक्तवीर मुकेश ने जयपुर जाकर उसे रक्त पहुंचाया। अभी उसका इलाज चल रहा है।
केस-3: 4अप्रैल को भवानीमंडी अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला को ओ-नेगेटिव रक्त की जरूरत थी लेकिन नेगेटिव ग्रुप नहीं मिलने से परिजन चिंतित थे। सूचना मिलते ही 19 वर्षीय बीएससी छात्र दीपक राठौड़ अपनी पढ़ाई छोड़ ओ-नेगेटिव ग्रुप रक्त देने पहुंच गए, जिससे महिला के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। इसी दिन झालावाड़ के जिला अस्पताल़ में कन्हैयालाल की पत्नी पूजा को रक्त की जरूरत थी, एक दलाल ने उससे 1700 रू मांगे, उसने समूह की मदद ली, जिससे तुरंत निःशुल्क रक्त मिल गया।

पत्रकारों पर हमला करने वालों को होगी तीन साल की जेल, महाराष्ट्र सरकार ने बनाया कानून

महाराष्ट्र में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों हमला करने वालों की खैर नहीं है। ऐसे हमलावरों को तीन साल की सजा हो सकती है। शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों में इससे संबंधित विधेयक पारित किया गया। विधेयक में कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ भी कार्यवाही का प्रावधान है। पत्रकारों की सुरक्षा से संबंधित कानून बनाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है।
महाराष्ट्र में प्रसारमाध्यम संस्था (हिंसक कृत्य व संपत्ति नुकसान अथवा हानि प्रतिबंध) अधिनियम-2017 को एक दिन पहले कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। शुक्रवार को यह विधेयक विधानसभा व विधान परिषद में पेश किया गया।
दोनो ही सदनों में इसे पारित कर दिया गया। इस विधेयक में जहां पत्रकार व मीडिया संस्थान पर हमला करने वालों का अपराध गैरजमानती होगा। पत्रकारों के साथ ड्यूटी के दौरान किसी तरह की हिंसा करने, पत्रकार अथवा मीडिया संस्थान की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने पर इस कानून के तहत मामला दर्ज किया जा सकेगा।
विधेयक में दोषी को तीन साल की सजा 50 हजार रुपये का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। विधेयक के अनुसार  पत्रकारों, मीडिया संस्थानों के साथ कांट्रैक्ट पर काम करने वाले पत्रकारों पर हमला करना गैरजमानती अपराध होगा।
हमला करने वाले को पीड़ित के इलाज का खर्च और मुआवजा भी देना होगा। मेडिकल खर्च व मुआवजा न अदा करने पर भूमि राजस्व बकाया मान कर रकम वसूल की जाएगी।  पुलिस उपाधीक्षक व उससे उच्च स्तर का अधिकारी इस तरह के मामलों की जांच करेगा। साथ ही, यदि आरोप झूठा पाया गया तो दोषी व्यक्ति यदि मान्यता प्राप्त पत्रकार है, तो उसकी अधिस्वीकृति भी समाप्त की जा सकेगी । इसके साथ ही उसके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विधेयक में कहा गया है कि राज्य में पत्रकारों व मीडिया संस्थानों पर हमले की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग साल 2005 से ही की जा रही थी। तत्कालीन गृहमंत्री आरआर पाटील ने पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ा कानून बनाने का वादा किया था। इसके बाद नारायण राणे की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी लेकिन कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन सरकार इसे कानून का शक्ल नहीं दे सकी। इसके लिए पत्रकार हल्ला विरोधी कृति समिति लंबे समय से लड़ाई लड़ रही थी।

कैश में एक चालान पर 10 हजार से ज्यादा जमा नहीं होगा जीएसटी

नई दिल्ली । वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने में अब तीन महीने से भी कम समय बचा है। बहुत से व्यवसायी जो फिलहाल सेवा कर, उत्पाद शुल्क या वैट के असेसी हैं वे या तो जीएसटी के लिए पंजीकरण करा चुके होंगे या फिर कराने जा रहे होंगे। इस सबके बीच आपको एक बात ध्यान रखने की जरूरत है कि जीएसटी के तहत कैश में एक चालान पर 10,000 रुपये से अधिक टैक्स जमा नहीं होगा। इसलिए आपको एक जुलाई से पहले यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि आपके पास क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग जरूर हो।
जीएसटी काउंसिल ने वस्तु व सेवा कर के भुगतान से संबंधित नियम तैयार कर लिए हैं। सरकार ने इन नियमों का मसौदा हाल में सार्वजनिक किया है। इन नियमों के अनुसार आप इंटरनेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड से जीएसटी का भुगतान कर सकते हैं।
इसके अलावा नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) के माध्यम से भी किसी बैंक से जीएसटी का भुगतान किया जा सकता है। हालांकि कैश, चेक या डिमांड ड्राफ्ट के जरिये प्रति चालान मात्र दस हजार रुपये का जीएसटी भुगतान ही किया जा सकता है।
वैसे, सरकारी विभागों के संबंध में यह सीमा लागू नहीं होगी। अगर किसी व्यक्ति पर जीएसटी बकाया है और उसकी चल-अचल संपत्ति बेचकर इस कर को वसूला जाता है तो उस मामले में भी यह सीमा लागू नहीं होगी। जो व्यक्ति समय पर जीएसटी भुगतान नहीं करेगा, उसे 18 प्रतिशत तक ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
जीएसटी भुगतान करते समय व्यापारी को प्रत्येक ट्रांजैक्शन की एक पहचान संख्या दी जाएगी। इससे वह उस भुगतान के संबंध में जरूरत पड़ने पर पूछताछ कर सकेगा। खास बात यह है कि जीएसटी के लिए पंजीकृत सभी कारोबारियों का एक इलेक्ट्रॉनिक टैक्स लायबिलिटी रजिस्टर रखा जाएगा।
केंद्रीय जीएसटी कानून की धारा 49 की उपधारा सात के तहत यह रजिस्टर बनाया गया है। इसमें उक्त कारोबारी की ओर से जमा किए गए और बकाया टैक्स का पूरा ब्योरा होगा।
साथ ही इस रजिस्टर में इस बात का विवरण भी होगा कि किस कारोबारी के खाते में कितनी राशि इनपुट क्रेडिट के रूप में है। वह इसका इस्तेमाल केंद्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी, संघ राज्य क्षेत्र जीएसटी या एकीकृत जीएसटी के भुगतान के लिए कर सकेगा। इससे कारोबारियों को आयकर का लाभ लेना आसान हो जाएगा।

किशोर सागर बालाजी मंदिर में शिवलिंग पर उभरा चमत्कारिक नेत्र

दरा-कनवास मार्ग पर किशोर सागर बालाजी मंदिर में ढाई माह से शिवलिंग पर एक नेत्र देखने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
-अरविन्द गुप्ता 
कोटा। दरा से महज एक किमी दूर कनवास मार्ग स्थित ऐतिहासिक किशोर सागर श्रीबालाजी मंदिर में दिव्य शिवलिंग प्रतिमा पर निकले चमत्कारिक नेत्र को देखने के लिए इन दिनों श्रद्धालुओं का तांता लगा है। महाकालेश्वर रूपी इस दिव्य प्रतिमा पर ढाई माह पूर्व से प्राकृतिक शिव नेत्र दिखने लगा। निरंतर शिव साधना चलती रही, नवरात्र में यहां चमत्कारिक नेत्र स्पष्ट दिखाई देने से भक्तों की आस्था और बढ़ गई।
मंदिर पुजारी पं.लखनलाल शर्मा ने बताया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व उन्होंने मप्र में नर्मदा नदी के औंकारेश्वर तट स्थित ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर पर अभिषेक किया। वहां से किशोर सागर बालाजी मंदिर में स्थापना के लिए शिवलिंग एवं नंदी प्रतिमा लेकर दूसरे ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में विधि-विधान से पूजा-अनुष्ठान किया।
उसके बाद मंदिर परिसर में बालाजी के एक ओर महाकाल के पूजा स्थल का निर्माण प्रारंभ हुआ। गत वर्ष 16 अप्रैल,2016 को किशोर सागर बालाजी मंदिर में शिव-नन्दी प्रतिमा को अवतरित किया गया। उस समय शिवलिंग पर कोई नेत्र नहीं था। नियमित जलाभिषेक करते हुए धीरे-धीरे प्राकृतिक नेत्र ज्योति स्वतः प्रस्फुटित होने लगी। श्रद्धालुओं ने बताया कि नंदी की प्रतिमा में अचानक सामने की ओर कुछ झुकाव भी देखने को मिला। शास्त्रों में उल्लेख है कि शिव नेत्र से कष्ट एवं काल को पटखनी मिलती है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष दुर्गाशंकर गुर्जर ने बताया कि दरा के वन क्षेत्र में विरासतकालीन किशोर सागर किनारे स्थित दक्षिणमुखी श्री बालाजी मंदिर में आकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक उर्जा मिलती है। मंदिर परिसर में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित है। नियमित तीन समय बालाजी का विशेष श्रंगार, पूजा-अर्चना एवं हवन-महाआरती होती है। पुजारी पं.लखनलाल शर्मा ने 25 वर्षों से नियमित पूजा-अनुष्ठान करते हुए श्री बालाजी की प्रतिमा को भव्य मंदिर का स्वरूप दिया। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को रक्षासूत्र के साथ किशमिश एवं मुंगफली दाने का प्रसाद वितरित किया जाता है।
नवरात्र में 15 हजार श्रद्धालु उमड़ते हैं
दरा स्टेशन के बाबूलाल खटाणा ने बताया कि प्रतिवर्ष नवरात्र में इस वन भूमि पर लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं का भंडारा होता है। जिसमें कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़ जिले के अलावा मप्र से सैकड़ों भक्त नवरात्र दर्शन के लिए आते हैं। दरा के काश्तकार आनंदीलाल यहां 25 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। पोस्ट मास्टर दुर्गाशंकर मेवाड़ा ने बताया कि बालाजी मंदिर में बाहर से जो भक्त मनोरथ लेकर आते हैं, वे कभी खाली हाथ नहीं लौटते। रामगंजमंडी के डाॅ. विजय सिंह ने बताया कि यहां आने से कई असाध्य रोगों से पीड़ितों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। वरिष्ठ कम्पाउंडर त्रिलोक गुप्ता कई वर्षों से नवरात्र में 9 दिन यहां ठहरते हैं। आईसीयू में भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि हास्पिटल में जब डाॅक्टर जवाब दे देते हैं तो यहां की सिद्धि रोगियों को अचानक स्वस्थ कर देती है। मोरूखुर्द के अध्यापक रमेशचंद्र रघुवंशी, दरा के मुनीम राजेश चैहान, कनवास के संतोष जैन ने बताया कि यहां दर्शन मात्र से मनवांछित फल पूरे होते हैं। दिव्य शिवलिंग पर अलौकिक नेत्र के प्रकाश से हजारों भक्तों में आस्था की किरण जाग उठी।

सख्त हुए नियम: शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10 हजार का जुर्माना होगा

नई दिल्ली। शराब पीकर गाड़ी चलाना आने वाले दिनों में लोगों को महंगा पड़ेगा। नशे की हालत में गाड़ी चलाते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। अभी यह 2000 रुपये था। इस संबंध में लोकसभा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया गया।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बिल पेश करते हुए कहा कि वर्ष 1988 के मोटर यान कानून में 30 साल बाद संशोधन के लिए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने बिल को जल्द से जल्द पारित करने की सदन से अपील की। उन्होंने शराब पीकर होने वाले हादसों के लिए कम प्रभावी ड्राइविंग लाइसेंस नियमों से लेकर यातायात नियमों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जनता में यातायात नियमों के प्रति न सम्मान है और न ही डर।
ई-गर्वनेंस अनिवार्य 
गडकरी ने बताया कि बिल में यातायात नियमों और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के संबंध में राज्यों के लिए ई-गर्वनेंस को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत एक ऐसा देश है जहां ड्राइविंग लाइसेंस बहुत आसानी से मिल जाता है और एक व्यक्ति चार राज्यों में जाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लेता है।
घर बैठे आवेदन
परिवहन मंत्री ने कहा कि लोग अब घर बैठे लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे लेकिन स्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए कंप्यूटर के जरिए परीक्षा देनी होगी। उन्होंने कहा कि नेता, अभिनेता या पत्रकार चाहे कोई भी हो, सभी को परीक्षा देकर ही लाइसेंस मिल सकेगा।
प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमी 
गडकरी ने कहा कि देश में 22 लाख प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमी है और मोटर यान कानून में संशोधन से लोगों को रोजगार के साथ ही सड़क हादसों में भी कमी लाने में मदद मिलेगी।
सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन होगा
मंत्री ने कहा कि नए कानून के प्रभावी होने के बाद यदि मंत्री भी यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो कैमरों के जरिए जुर्माना पर्ची डाक से घर पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही सरकार एक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन करने जा रही है जिसके बाद सुरक्षित यातायात के संबंध में एक अभियान चलाया जाएगा।
शराब का दुष्प्रभाव
5 लाख से अधिक सड़क हादसे हर साल होते हैं
1.5 लाख लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है
नए विधेयक में क्या 
अब ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ा जाएगा, जिससे गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन डीलर ही करेगा। रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ई-रजिस्ट्रर बनेगा और स्क्रैपिंग के लिए अलग गाइडलाइंस बनेगी। अब लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आइडेंटिटी वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है।
ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना
हेलमेट न लगाने पर 25 सौ रुपये, लाल बत्ती तोड़ने पर 1000 रुपये, सीट बेल्ट न लगाने पर 1000 और वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करने पर 5,000 रुपये जुर्माना लगेगा। किसी नाबालिग की गाड़ी से दुर्घटना में मौत होने पर उसके परिजनों पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना और 3 साल तक की कैद का प्रावधान किया गया है।
अब सड़क दुर्घटना में मौत होने पर उनके परिजनों को 4 महीने के भीतर मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि पहले इसमें 5 साल तक लग जाते थे। इसके अलावा आपका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। लाइसेंस नियमों के उल्लंघन पर 25 हजार से 1 लाख तक का जुर्माना लगाया गया है।
सरकारी कर्मचारियों पर दोगुना जुर्माना
नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सरकारी कर्मचारियों के नियम तोड़ने पर 2 गुना जुर्माना भरना होगा। वहीं ओला-उबर भी इस नीति के दायरे में आएंगे।

रिलायंस जियो का नया सरप्राइज, जियो ब्रॉडबैंड और DTH जल्द हो सकता है लॉन्च

नई दिल्ली । रिलांयस जियो को समर सरप्राइज ऑफर ट्राई के आदेश के बाद भले ही बंद हो गया हो लेकिन कंपनी अब आपको नया सरप्राइज दे सकती है। मोबाइल इंटरनेट के बाद जियो अब ब्रॉडबैंड और डीटीएच सर्विस उपलब्ध कराने वाला है, जिसकी घोषणा जल्द ही हो सकती है। रिलायंस जियो की वेबसाइट के रिचार्ज सेक्शन में पहली बार ब्रॉडबैंड और DTH सर्विस का जिक्र है।

जियो की अधिकारिक वेबसाइट जियो.कॉम के रिचार्ज सेक्शन में होम ब्रॉडबैंड और जियो लिंक का ऑप्शन है। हालांकि अभी इन सर्विसेज की अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है जिस कारण आप अभी रिचार्ज नहीं करा सकते। जियो ब्रॉडबैंड सर्विस के लिए जियो फाइबर को देश के कई शहरो में टेस्ट कर रहा है। मुंबई की बात करें तो गेट बंद कॉलोनी में जियो 1 जीबीपीएस ब्रॉडबैंड सर्विस के लिए टेस्टिंग कर चुका है।जियो ब्रॉडबैंड के अलावा DTH मार्केट में भी ऐंट्री करने वाला है। कुछ दिन पहले ही रिलांयस जियो DTH सेट-टॉप बॉक्स की फोटो ऑनलाइन लीक हुई थीं। जानकारी के मुताबिक रिलायंस के जियो सेट-टॉप बॉक्स में 360 से ज्यादा चैनल्स ऑफर होंगे। एचडी चैनल भी जियो उपलब्ध कराएगा। रिलायंस पूरे भारत में फाइबर नेटवर्क बिछा चुका है। जियो का प्लान कस्टमर्स को केवल हाइ स्पीड इंटरनेट और टीवी चैनल्स उपलब्ध कराना नहीं है बल्कि कंपनी कनेक्टेड कार के लिए भी प्लान कर रही है। जियो एक टेक्नॉलजी कंपनी है और यह साफ है कि उसका उद्देश्य कुछ सर्विसेज उपलब्ध कराने भर का नहीं है।

‘नीरजा’ को मिला नेशनल अवार्ड , अक्षय बेस्ट एक्टर

नई दिल्ली में हुई इस प्रेसवार्ता में 64 वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा की गई।  उत्तरप्रदेश को ‘बेस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ के अवॉर्ड से नवाजा गया। जबकि झारखंड को ‘स्पेशल मेंशन अवॉर्ड’ दिया गया।
इस मौके पर बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड ‘नीरजा’ को दिया गया। राम माधवानी के निर्देशन में बनीं इस फिल्म में लीड रोल सोनम कपूर ने निभाया था। अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘शिवाय’ को स्पेशल इफेक्ट कैटेगरी में अवॉर्ड दिया गया। ‘बेस्ट एक्टर’ का अवॉर्ड अक्षय कुमार को फिल्म ‘रुस्तम’ के लिए मिला।
‘दंगल’ में नजर आईं जायरा वसीम को भी ‘बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट अवॉर्ड’ से नवाजा गया। आपको बता दें कि फिल्म की रिलीज के बाद लंबे समय तक जायरा को कश्मीर में विवादों का सामना करना पड़ा था। हालांकि इस पूरे मामले पर जायरा को सभी का समर्थन मिला।
सामाजिक मुद्दे पर बनी बेस्ट फिल्म के लिए मेगास्टार अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘पिंक’ को भी पुरस्कार मिला। बेस्ट एडिटिंग और साउंड मिक्सिंग का अवॉर्ड मराठी फिल्म वेंटीलेटर को मिला। इसे एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म के निर्देशक राजेश मापुस्कर को बेस्ट डायरेक्शन का अवॉर्ड मिला।
‘बेस्ट चिल्ड्रन फिल्म’ का पुरस्कार नागेश कुकुनूर की ‘धनक’ को मिला।

आत्मकथा लिखूंगी तो लोगों को मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी: रवीना

बॉलिवुड अभिनेत्री रवीना टंडन इन दिनों अपनी रिलीज के लिए तैयार फिल्म ‘मातृ’ के प्रमोशन में जुटी है। इसी दौरान लेन -देन  न्यूज़ डॉट कॉम से हुई खास बातचीत में रवीना ने अपनी फिल्म के अलावा निजी जिंदगी से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए। इन दिनों बॉलिवुड के कई कलाकार अपनी ऑटोबॉयोग्राफी लिख रहे हैं। ऐसे में जब रवीना से पूछा गया कि क्या वह कभी अपनी आत्मकथा लिखेंगी इस पर रवीना कहती हैं कि अगर उन्होंने आत्मकथा लिखी तो हंगामा खड़ा हो जाएगा। लोगों को अपना मुंह की जगह नहीं मिलेगी।
रवीना कहती हैं, ‘जी हां मुझे मेरी आत्मकथा लिखने के लिए अप्रोच किया गया है। लेकिन मेरे साथ प्रॉब्लम यह है कि अगर मैंने अपनी आत्मकथा लिखी तो बहुत सारे लोग छुपना शुरू कर देंगे। मुझे लगता है मैं लोगों को बचाते हुए सेफ ऑटोबॉयोग्राफी नहीं लिख पाउंगी। अगर मैंने कभी मैंने अपनी ऑटोबायॉग्रफी लिखी तो ऐसा लिखूंगी जिसमें महिला प्रधान बातें होगीं।’
रवीना के बारे में यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने शादी से पहले दो बेटियों को गोद लिया था। रवीना कहती हैं, ‘जब मैंने दोनों बच्चियों को अपने घर लाकर उनका पालन-पोषण शुरू कर दिया तो कुछ लोगों ने मुझे कहा था कि… हाय, अब क्या होगा, तुम शादी कैसे करोगी? खैर उस समय मेरे दिमाग में भी ऐसी कोई बात नहीं आई कि बच्चियों को गोद लूंगी तो मेरी शादी का क्या होगा। मेरे इस निर्णय में परिवार का पूरा सपॉर्ट था।’
रवीना आगे कहती हैं, ‘मैंने से शुरू से ही अलग-अलग कई NGO के साथ मिल कर गर्ल चाइल्ड पर खूब काम किया है। वैसे मेरी दोनों बेटियों का जन्म मेरे सामने हुआ है। बच्चियों के माता-पिता नहीं हैं। उनके अच्छे भविष्य के लिए मुझे यह निर्णय लेना पड़ा। वैसे दोनों बेटियां मेरे कजन की हैं। अगर मैं घर से बाहर समाज सेवा कर रही हूं तो जो मेरे सामने घर में परेशान है उसकी मदद तो जरूर करूंगी। अब दोनों बेटियां मेरे परिवार का हिस्सा हैं। मैं जब 21 साल की थी तब एक बेटी आठ साल की और दूसरी ग्यारह साल की थी। मेरे अंदर मानवता, मदद और जरुरतमंदों के प्रति प्यार जताने की भावना मेरी मां से आई है। मैंने जब बच्चों को अपनाया था तब यह नहीं सोचा था कि आगे क्या होगा।’
रवीना बताती हैं एक समय ऐसा था जब वह एक साथ 30 फिल्मों में काम कर रही थीं। वह बताती हैं उन दिनों फिल्मों की कहानी लगभग एक जैसी थी जिसमें अमीर बाप की बेटी को गरीब लड़के से प्यार हो जाता था। लगभग दो डायलॉग तो हर फिल्म में होते ही थे। पहला हिरोइन को कहना होता था बचाओ-बचाओ और दूसरा अपने पिता से बॉयफ्रेंड के लिए लड़ने का। जो बहुत आसान था। वह कहती हैं, ‘उन दिनों फिल्मों की मांग थी अच्छा संगीत और एक आइटम नंबर और मुझे ऐसे ही फिल्मों के ऑफर मिलते थे। आज समय के साथ सिनेमा बहुत बदल गया है।’
‘मातृ’ में रवीना एक ऐसी मां के किरदार में हैं जो अपनी बेटी के सामूहिक बलात्कार और हत्या के बाद इंसाफ की लड़ाई लड़ती हैं। उनकी इस लड़ाई में पुलिस तो क्या उनके पति तक उनका साथ छोड़ देते हैं। केस वापस लेने की धमकी के बाद रवीना का कानून पर से भरोस उठ जाता है जिसके बाद वह अपने तरीके से ही गुनहगारों को सबक सिखाती हैं। रवीना टंडन की फिल्म ‘मातृ -द मदर’ का निर्देशन अशतर सैयद ने किया है। फिल्म 21 अप्रैल को रिलीज के लिए तैयार है। रवीना टंडन इससे पहले साल 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ में दिखाई दी थीं, लेकिन यह फिल्म दर्शकों के बीच कोई धमाल नहीं मचा पाई थी।’