सिद्धचक्र महामंडल विधान में भगवान नेमीनाथ की अलौकिक बारात निकाली

0
6

कोटा। आर.के.पुरम स्थित मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर त्रिकाल चौबीसी परिसर के तत्वावधान व आर्यिका विभाश्री माताजी एवं आर्यिका विनयश्री माताजी के सानिध्य में शनिवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत भगवान नेमीनाथ की भव्य बारात श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। यह शोभायात्रा जैन धर्म की परंपरानुसार विधि-विधान से संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

इस अवसर पर विभाश्री माताजी ने कहा कि सिद्धचक्र मंडल विधान जैन आगमों में अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक साधना का महत्त्वपूर्ण अनुष्ठान माना गया है। इसके अंतर्गत भगवान नेमीनाथ की बारात का आयोजन विशेष धार्मिक महत्व रखता है, जो त्याग, वैराग्य और आत्मकल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाती है।

बारात में हाथी, घोड़े और सुसज्जित बग्घियों पर इंद्र स्वरूप विराजमान थे। पारंपरिक परिधान एवं अलंकरण से सुसज्जित इंद्रों की भव्य उपस्थिति ने दृश्य को अलौकिक आभा प्रदान की।

भक्तों ने मंगलाचरण और जयघोष के साथ प्रभु की बारात में सहभागिता की। सुसज्जित रथ एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवृष्टि कर प्रभु का स्वागत किया और धर्मलाभ अर्जित किया।

मंदिर अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि प्रातः 6 बजे से मंत्रजाप, सहस्त्रनाम धारा, अभिषेक, शांतिधारा एवं विधान सहित विविध अनुष्ठान विधिपूर्वक आयोजित किए गए।

इस अवसर पर समिति उपाध्यक्ष लोकेश जैन बरमुंडा, संयोजक पदम जैन दुगरिया, कार्याध्यक्ष प्रकाश सेठिया, मुकेश पापड़ीवाल, अक्षय जैन, संजय बांझल, रोहित जैन सहित अनेक गणमान्यजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।