ईवीट्रिक मोटर्स भारत में लॉन्च: इलेक्ट्रिक बाइक, स्कूटर, थ्री-व्हीलर तक बनाएगी

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नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमेशन कंपनी PAPL (पीएपीएल) ने EVTRIC Motors (ईवीट्रिक मोटर्स) को लॉन्च किया है। इलेक्ट्रिक वाहन जगत में शुरू किया गया यह एक नया वेंचर है, जो भारतीय ग्राहकों की इलेक्ट्रिक वाहनों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी। पीएपीएल, लाइन ऑटोमेशन उपकरण, कन्वेयर्स, रोबोट्स, मेकेनिकल/कंट्रोल डिजाइन, एवं सिम्यूलेशन के शुरुआती निर्माताओं में से एक है।

‘मेक इन इंडिया’ पर जोर देते हुए इस 100 फीसदी भारतीय इलेक्ट्रिक ऑटोमोटिव निर्माण उद्यम को लॉन्च किया गया है। ईवीट्रिक मोटर्स ने चरणबद्ध तरीके से लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है। कंपनी ग्राहकों को इलेक्ट्रिक स्कूटर, साइकिल, इलेक्ट्रिक बाइक, इलेक्ट्रिक 3 व्हीलर सहित ईवी उत्पादों की बेहतरीन रेंज उपलब्ध करने की दिशा में काम करेगी। 

मौजूदा समय में जहां इलेक्ट्रिक व्हीकल के क्षेत्र में कई कंपनियों ने एंट्री की है, स्थानीयकरण का स्तर अभी भी कम है। ई-मोबिलिटी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए, भारतीय निर्माताओं को इस क्षेत्र में कदम रखना होगा। ईवीट्रिक ने भारतीय ग्राहकों की आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से जानने और उसके अनुरूप डिजाइन करने के लिए, इन-हाउस शोध एवं विकास दल गठित किया है। 

ब्रांड के लॉन्च पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, ईवीट्रिक के प्रबंध निदेशक और संस्थापक, मनोज पाटिल ने कहा, “भारत में ईवी को अपनाने और इसके स्थानीयकरण दोनों ही दृष्टि से इसे प्रोत्साहन देने की दिशा में सरकार लरगातार काम कर रही है। हालांकि, इसके प्रयोग में तेजी लाने के लिए अनुभव और बुनियादी ढांचे की सख्त जरूरत है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में ऑटोमेशन एवं मैन्युफैक्चरिंग में अपने दशक भर के अनुभव के साथ पीएपीएल काफी हद तक योगदान दे सकता है। ईवीट्रिक में हमारा लक्ष्य भारतीय ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेहतर उत्पाद उपलब्ध कराना और ई-मोबिलिटी विजन में योगदान के लिए स्थानीयकरण को बढ़ावा देना है।” 
 
ब्रांड ने चाकन-पुणे में अपना विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया है और गुणवत्ता एवं समय दक्षता बनाए रखने के लिए हाई-एंड ऑटोमेशन प्रक्रियाओं को लागू किया है। इस प्लांट में हर साल 1.5 लाख यूनिट्स का उत्पादन की क्षमता है। ईवीट्रिक ने पहले ही डीलरों को जोड़ना शुरू कर दिया है और अपनी शुरुआती विस्तार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 के आखिर तक महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रतिबद्ध है।