सोयाबीन वायदा कारोबार में रिस्क बढ़ी, ऊंचे भाव में खरीदी से बचें

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कोटा। सोयाबीन का वायदा अब बहुत ही जोखिमपूर्ण स्थिति में आ गया है। साथ ही हाजिर में भी सोयाबीन में अच्छी खासी तेजी हुयी है। हालाँकि सोयाबीन 7900 रुपये प्रति क्विंटल तक जा सकता। लेकिन सोयाबीन में हाजिर वायदा में खरीददारी करना अब रिस्की है। इस स्तर पर एंट्री करना मुश्किल सही नहीं होगा। विश्व बाजार की तुलना में इंडिया में सोयाबीन के भाव काफी ऊँचे हैं। विश्व बाजार के फ़ण्डामेंटल के संकेत करेक्शन के हैं। अमेरिका में सोयाबीन की बुवाई गत साल की तुलना में बढ़ने का पूर्वानुमान है।

ब्राज़ील अर्जेंटीना पेरूग्वे उरुग्वे सहित साउथ अमेरिका के देशों की फसल की आवके चालू हो गयी हैं। मलेशियन पाम आयल का एंडिंग स्टॉक मार्च महीने के अंत 10% से ज्यादा बढ़ा था। साथ ही मलेशियन पाम आयल का उत्पादन भी निरंतर बढ़ रहा हैं। ब्राज़ील बायोडीजल मैंडेट को 13% से घटाकर 10% किये जाने से सोया तेल की खपत बायो फ्यूल में कम होगी। इसका मतलब ये हुआ की कुल मिलाकर खपत घटेगी।

अनुभवी बोल रहे हैं कि इस साल सोयाबीन का उत्पादन 80 लाख टन हुआ है। फ़िलहाल आवक घटकर 70/80 हजार बोरी हो रही है। संभव है अगले 1/2 माह बाद में इतनी भी आवक होना मुश्किल है। एक्सचेंज ने 22 अप्रैल से सोयाबीन पर 3 प्रतिशत का मार्जिन लगा दिया है। चर्चा यह है कि इससे कारोबार पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। फिर भी ऊँचे भाव में नयी खरीदी से दूर रहना चाहिए।