विधानसभा सत्र के लिए गहलोत सरकार ने फिर भेजा प्रस्ताव

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जयपुर। विधानसभा सत्र 31 जुलाई से बुलाने पर अड़ी गहलोत सरकार ने अब अपने कदम पीछे खींचे हैं। बुधवार शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर हुई केबिनेट की बैठक में राजभवन और सरकार के बीच चल रहे गतिरोध को खत्म करने पर चर्चा हुई और चौथी बार प्रस्ताव बनाकर राजभवन को भेजा गया है।

दरअसल तीसरी बार राजभवन की ओर से कैबिनेट के प्रस्ताव को वापस लौटा दिया गया था। प्रस्ताव को लौटाते हुए उसमें लिखा गया था की इसे 21 दिन का नोटिस माना जाए या फिर सरकार यह लिखें कि फ्लोर टेस्ट करवा करवाना चाहती है। ऐसे में सरकार के पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे थे। इसके बाद केबिनेट ने 21 दिन का प्रस्ताव लिखकर राजभवन को भेज दिया।
हालांकि केबिनेट की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में राजभवन से यह छूट मांगी गई है कि वह 21 दिनों में उस दिन से काउंट करें जब सरकार की ओर से पहला प्रस्ताव भेजा गया था। कैबिनेट की ओर से विधानसभा सत्र बुलाने के लिए पहला प्रस्ताव 24 जुलाई से भेजा गया था। ऐसे में 24 जुलाई से 14 अगस्त तक 21 दिन होते हैं।

कहा जा रहा है कि अब इस प्रस्ताव को राजभवन की ओर से मान लिया जाएगा और संभवत 14 अगस्त से राजस्थान विधानसभा का सत्र आहूत होगा। हालांकि अभी यह राजभवन पर निर्भर करेगा कि वह आज से 21 दिन मानते हैं या फिर 24 जुलाई से 21 दिन मानेंगे।

सूत्रों की माने तो अगर आज से 21 दिन माने जाएंगे तो विधानसभा सत्र 18 अगस्त से होगा और अगर 24 जुलाई से माना जाता है तो फिर विधानसभा का सत्र 14 अगस्त से आयोजित होगा, लेकिन जिस तरह से केबिनेट के मंत्रियों के संकेत दिए हैं उससे लगता है कि राजभवन अब कैबिनेट के 24 जुलाई को भेजे हुए प्रस्ताव पर विचार कर लेगा।

वैसे भी जिस तरीके से आज दिन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल से मुलाकात की थी उसके बाद इस पर अंतिम मोहर लग गई थी। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला राज्यपाल को करना है कि वह 14 अगस्त से सत्र बुलाते हैं या फिर 18 अगस्त से सत्र बुलाते हैं।

गौरतलब है कि दोपहर को राजभवन की ओर से तीसरा प्रस्ताव लौटा दिया गया था। इसके बाद आनन-फानन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने पहुंचे थे और उसके बाद शाम 5 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी।