झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने कबाड़ से बनाई ई-बाइक

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कोटा। राजस्थान के झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने कबाड़ से ई-बाइक तैयार की है। इस ई-बाइक की खासियत यह है कि जैसे-जैसे पैडल मारेंगे, यह चार्ज होगी। यानी इसमें सेल्फ चार्जिंग व्यवस्था की गई है। इसे सेल्फ चार्जिंग ई-बाइक नाम दिया गया है। यह ई-बाइक एक बार में चार्ज होने पर 30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से 60 किमी की दूरी तय कर सकती है।

पुराने स्कूटर के टायर, साइकिल की स्टेयरिंग से बना बेस
बाइक तैयार करने वाले छात्रों में रावतभाटा उपखंड के अलसेड़ा गांव के किसान कमल बोहरा के पुत्र दीपक शर्मा भी शामिल हैं। टीम के अन्य सदस्यों में इंजीनियरिंग कॉलेज के मैकेनिकल विभाग के चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी प्रांशु सक्सेना, हितेश मेवाड़ा, बलवीर राठौर, मोनू पाठक, दीपक शर्मा शामिल हैं।

इन्होंने सहायक आचार्य अंतरिक्ष गौतम और उमरदराज के निर्देशन में यह ई-बाइक तैयार की है। विद्यार्थियों ने इस बाइक को बनाने के लिए पुराने स्कूटर के टायर, साइकिल की स्टेयरिंग से बेस तैयार किया है। इसकी शुरूआती लागत 11 हजार रुपए है।

छात्र पहले कार भी बना चुके हैं
यहां इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थी तीन साल पहले कार भी डिजाइन कर चुके हैं। कॉम्पिटिशन में भाग लेने के लिए छात्रों ने कार बनाई थी। इसके बाद अब सेल्फ चार्जिंग ई-बाइक बनाई गई है।

यह है ई-बाइक की खासियत
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ल्फ चार्जिंग ई-बाइक की खासियत यह है कि इसमें हाईब्रिड इंजन, रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड ब्रेकर एनर्जी रिट्रिव सिस्टम, ऑटो मेटिक ड्रेनेज क्लियर मौजूद हैं। बाइक पैडल और ब्रेक लगाने पर ऑटो चार्ज होगी। 65 से 70 किलो वजनी व्यक्ति चलाएगा तो बेहतर रिजल्ट मिलेंगे।

प्रदूषण से बचाएगी बाइक
ई-बाइक तीन दिन में तैयार हो जाएगी। पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों से बढ़ते कार्बन उत्सर्जन और भविष्य में ईंधन की समस्या को देखते हुए कॉलेज के विद्यार्थियों ने यह ई-बाइक बनाई है।

अब बाइक में नए फीचर जोड़ने की तैयारी
अब छात्र इस बाइक में नए फीचर जोड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। इसको अब सूरज की रोशनी यानी सौर ऊर्जा से चार्ज करने की तैयारी की जा रही है। इसमें मोबाइल चार्जर भी लगाया जाएगा।