एक बार फिर घट सकती हैं खाने के तेल की कीमतें, सरकार का दबाव

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नई दिल्ली। सरकार खाद्य तेलों के दाम और घटाने पर तेल कंपनियों पर दबाव बना रही है। सरकार चाहती है कि कीमतों में दस रुपये लीटर की और कमी लाई जा सकती है। अगर तेल कंपनियां सरकार की बात मान लेती हैं तो एक बार फिर से खाने के तेल की कीमतें घट सकती हैं।

सरकार ने इस संबंध में कंपनियों से विचार करने को कहा है। खाद्य सचिव ने बृहस्पतिवार को तेल कंपनियों के साथ बैठक की थी। इसमें हर लीटर पर कम से कम 10 रुपये कीमत घटाने की बात कही गई है। इससे लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि हाल में तेलों की कीमतें 30 रुपये लीटर तक घटी थीं। सरकार अगर फिर से खाद्य तेलों का दाम घटाने में सफल रहती है तो त्योहारी सीजन में भी इसका फायदा लोगों को मिलेगा।

150 रुपये से ज्यादा हैं भाव: खाने वाले तेल की कीमतें अभी भी 150 रुपये से ऊपर ही हैं। उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक, मूंगफली तेल का भाव अभी 187.55 रुपये लीटर है। एक महीने पहले भी यह 187.88 रुपये लीटर था। सरसों का तेल 173.9 रुपये लीटर है जो एक महीने पहले 178.32 रुपये था। वनस्पति तेल का भाव155.2 रुपये है। एक महीने पहले 163 रुपये था।

सोया तेल का भाव 10 रुपये गिरा: सोया तेल की कीमत एक महीने में 10 रुपये घटी है। यह 165.5 रुपये से घटकर 157.84 रुपये लीटर पर आ गया है। सूरजमुखी तेल का भाव इसी दौरान 186 से घटकर 171 रुपये लीटर हो गया है। इस समय विदेशी बाजारों में तेल की कीमतें कम हैं। ऐसे में भारत में भी घटाने की मांग हो रही है।