भारतीय गेहूं का चीन को निर्यात होने से भाव में तेजी के आसार

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नई दिल्ली। चीन को भारतीय गेहूं का निर्यात तेज होने से भाव को समर्थन मिला है। बताया जाता है कि चीन सहित कई देशों में भारतीय गेहूं कैटल फीड के तौर पर इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि बरेली को छोड़कर बाकी घरेलू बाजारों में मांग सुस्त बनी रहने के कारण दूसरे राज्यों की मंडियों में गेहूं पिछले भाव पर बिका। माना जा रहा है कि दशहरा के बाद अगले हफ्ते से दिवाली की गेहूं में मांग फिर तेज हो जाएगी।

राजस्थान की कोटा, बूंदी और बारां मंडियों में गेहूं 25-60 रुपये प्रति क्विटल उछल गया। दरअसल कांडला पोर्ट पर निर्यातक आक्रामक रूप से गेहूं की खरीद कर रहे हैं। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार कांडला पोर्ट पहुंच गेहूं का भाव बढ़कर 2250 रुपये तक पहुंच गया है। पिछले दिनों इसके भाव घटकर 2185 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गया था। बूंदी मंडी के व्यापारी उत्तम जेठवानी ने कहा कि कांडला पोर्ट से निर्यातकों ने खरीद फिर तेज कर दी है।

बांग्लादेश और दूसरे आसपास के देशों को निर्यात पहले से ही हो रहा था। लेकिन अब चीन ने भी भारतीय गेहूं की खरीद शुरू कर दी है। विश्व बाजार में सोयाबीन और मक्का महंगी होने के कारण कैटल फीड के लिए भारतीय गेहूं सस्ती कीमत के कारण चीन में आयात किया जा रहा है।

एक अनुमान के अनुसार हर हफ्ते करीब आधे वैसल सिर्फ चीन के लिए लोड हो रहे हैं। हाड़ौती क्षेत्र में गेहूं की आवक 6000 बोरी (प्रति बोरी 100 किलो) के आसपास रही। पूरे राजस्थान में गेहूं की आवक 12-15 हजार बोरी के आसपास रहने का अनुमान है। स्थानीय मिलों और साउथ के खरीदारों की लिवाली अभी भी हल्की है।

दिल्ली में गेहूं 2140-2160 रुपये प्रति क्विटल (मिल पहुंच) पर पूर्ववत बिक रहा है। फ्लोर मिलों और आटा चक्की वालों की मांग सामान्य है। दिल्ली में आज लारेंस रोड पर आवक 8000 बोरी (50 किलो प्रति बोरी) से घटकर 6000 बोरी की रही। दिल्ली की सभी मंडियों और डायरेक्ट मिलों और चक्की वालों की सप्लाई जोड़कर दिल्ली में आवक 28-32 हजार बोरी होने का अनुमान है।

बरेली सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गेहूं के भाव 10 रुपये प्रति क्विटल बढ़ गए। मिलों की खरीद सुधरने से भाव में हल्की तेजी देखने को मिली। लेकिन बिहार में गेहूं का भाव 1975-2000 रुपये प्रति क्विटल पर पूर्ववत बने रहे। वेयरहाउस का गेहूं 2000-2030 रुपये पर बिक रहा है। बिहार की मंडियों में गेहूं की मांग सामान्य बनी रही। कई मिलें दशहरे से पहले खरीद में दिलचस्पी नहीं ले रही हैं।

मध्य प्रदेश की इंदौर मंडी और राज्य की दूसरी मंडियों में भी गेहूं स्थिर रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी गेहूं पिछले भाव पर बिका। व्यापारियों का कहना है कि दशहरा तक की खपत के लिए गेहूं खरीद पूरी हो चुकी है। अगले हफ्ते से दिवाली की खरीद शुरू होगी और भाव को मजबूती मिलेगी।