कोटा। Hotels and Restaurants License fee: होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं महासचिव संदीप पड़िया ने स्वायत्त शासन विभाग द्वारा होटल एवं रेस्टोरेंट के अनुज्ञा एवं लाइसेंस शुल्क में प्रस्तावित वृद्धि पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन ने उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी को एवं यू.डी.एच मंत्री झाबर सिंह खर्रा को ज्ञापन भेजकर शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने तथा पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग को राहत प्रदान करने की मांग की
फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं महासचिव सन्दीप पाडिया ने कहा कि वर्तमान समय में होटल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग पहले से ही बढ़ती संचालन लागत, गैस एवं बिजली दरों में वृद्धि, बिजली कटौती के कारण अतिरिक्त संचालन व्यय, परिवहन लागत, कर्मचारियों के बढ़ते वेतन एवं ऑफ- सीजन जैसी परिस्थितियों से प्रभावित है। ऐसे समय में लाइसेंस शुल्क में अत्यधिक वृद्धि उद्योग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली साबित होगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित शुल्कों में कई श्रेणियों में 40 प्रतिशत से लेकर लगभग 90 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है। विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम श्रेणी के होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की गई है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के प्रावधान राज्य सरकार पर्यटन, निवेश एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं संचालित कर रही है। ऐसे में लाइसेंस शुल्क में अत्यधिक वृद्धि उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता एवं संचालन व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि होटल एवं पर्यटन उद्योग की वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित अनुज्ञा शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार कर व्यावहारिक, संतुलित एवं उद्योग हितैषी निर्णय लिया जाए, ताकि पर्यटन एवं आर्थिक क्षेत्र की विकास गति प्रभावित न हो।

