एग्रीमेंट के बाद अब समझौता नहीं मानने वाले किन्ररों पर होगी कानूनी कार्यवाही
कोटा। ट्रांसजेंडर आइकॉन मंगलमुखी नैना देवी ने तय बधाई राशि नहीं मानने वाले किन्नरों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आम जनता से 51 हजार या 1 लाख रुपए जैसी भारी-भरकम राशि मांगना समाज में भय का माहौल पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि जो किन्नर इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं, वे महंगी लग्जरी गाड़ियों में घूमने, मोटी-मोटी सोने की चैन पहनने और फार्म हाउस बनाने के लिए ही भारी भरकम राशि मांगते हैं, नहीं देने पर डराते हैं।

जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा नियुक्त कोटा जिला ट्रांसजेंडर आइकॉन मंगलमुखी नैना देवी के नेतृत्व में काजल गदीपति, नानू किन्नर, आलिया और परी समेत किन्नर समुदाय ने सर्व हिंदू महासंघ और सोशल क्रांतिकारी संघ द्वारा जनहित में लिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए इसका पूर्ण समर्थन किया है।
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मंगलमुखी नैना देवी ने सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि 10 मई को नदी पार क्षेत्र कुन्हाड़ी स्थित किन्नर प्रमुख इंदु बाई के निवास पर दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों और शहर के सभी प्रमुख किन्नर गुटों की उपस्थिति में महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। जिसमें बिना किसी दबाव के ऑन-रिकॉर्ड सभी की सहमति से एक न्यायसंगत और सम्मानजनक राशि तय की गई थी।
सकतपुर में हुई इस 3 घंटे की सकारात्मक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तय किया गया कि विवाह, जन्मोत्सव और गृह प्रवेश जैसे अवसरों पर संपन्न (उच्च) वर्ग के लिए अधिकतम बधाई राशि 11,000 रुपए तथा सामान्य व मध्यम वर्ग के लिए अधिकतम 5,100 रुपये रहेगी।
न्यूनतम राशि क्रमशः 5,100 और 1,100 रुपये निर्धारित की गई है। यदि कोई जजमान स्वेच्छा से अधिक देना चाहे तो वह स्वतंत्र है, परंतु किसी भी परिवार पर दबाव नहीं बनाया जाएगा।
सोशल क्रांतिकारी संघ की ओर से एडवोकेट नरेंद्र डाबी की उपस्थिति में इस निर्णय का एफिडेविट (सहमति पत्र) तैयार किया गया। जिस पर तारा देवी, रीना दीदी, मनीषा बाई, ममता बाई, इंदु बाई और ज्योति बाई सहित 50 से अधिक उपस्थित किन्नरों ने हस्ताक्षर किए थे।
किन्नर समुदाय की प्रतिनिधि और जिला ट्रांसजेंडर आइकॉन नैना देवी ने कुछ किन्नरों द्वारा बाद में किए जा रहे विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं को किन्नर समुदाय ने ही इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए आमंत्रित किया था।
उन्होंने कहा कि कोटा की जनता और सनातनी समाज उनका अन्नदाता है, उन्हें किसी की जमीन-जायदाद या सोना-चांदी नहीं चाहिए। किन्नर समुदाय सिर्फ लोगों की खुशियों में शामिल होकर दुआएं देना चाहता है।
बच्चों के पिता किन्नर बन रहे हैं
उन्होंने खुलासा किया कि जो लोग इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं, वे लग्जरी गाड़ियां और फार्म हाउस बनाने के लिए 51 हजार रुपए की मांग करते हैं। सरकार को ऐसे लोगों की आईडी की जांच करनी चाहिए। क्योंकि कई बहरूपिया पुरुष (जिनके बाल-बच्चे हैं) वे भी फर्जी किन्नर बनकर अवैध वसूली कर रहे हैं।
आपराधिक लोग मूल किन्नरों के खिलाफ
दिल्ली और बिहार से आए कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग कोटा के मूल किन्नरों को बाहर करने का षड्यंत्र रच रहे हैं और क्षेत्राधिकार (इलाके) की लड़ाई से शहर के वातावरण को दूषित कर रहे हैं, जिसका समर्थन नहीं किया जा सकता।
सर्व हिंदू महासंघ के संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि वे लंबे समय से कोटा के किन्नर समुदाय के कल्याण के लिए प्रयासरत रहे हैं और पूर्व में अलवर में राज्य सरकार द्वारा इन्हें सम्मानित भी करवा चुके हैं।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि किन्नर समुदाय की अनैतिक मांगों के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बधाई और क्षेत्राधिकार तय करने को गैरकानूनी घोषित किया है। जिससे सीख लेते हुए शहर में शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए यह पहल की गई है। इस निर्णय के बाद अजमेर, जोधपुर और ब्यावर सहित प्रदेशभर से सामाजिक संगठनों के फोन आ रहे हैं कि उनके शहरों में भी ऐसी ही व्यवस्था लागू की जाए।
मुकरने वाले समूह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
इस मुहिम को कोटा व्यापार महासंघ और हॉस्टल एसोसिएशन ने भी अपना लिखित समर्थन सौंप दिया है। पूर्व में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद सहमति से मुकरने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सहमति से मुकरने वाले समूह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।
जजमान जो श्रद्धा से दे, उसे स्वीकार किया जाए
बैठक में मौजूद किन्नर काजल नायक ने भावुक होते हुए कहा कि जनहित और संस्थाओं के इस फैसले का समर्थन करने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है। जबकि नियम यही होना चाहिए कि जजमान जो श्रद्धा से दे, उसे स्वीकार किया जाए।
संस्थाओं और किन्नर समुदाय के प्रमुखों ने स्पष्ट किया कि मानवीय संवेदनाओं के कारण 17 मई का नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम स्थगित किया गया था, लेकिन कुछ लोग अब इस पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
नई व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जाएगा
वे एक बार फिर सार्थक चर्चा के लिए तैयार हैं, परंतु शहरवासियों को इस नई व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जाएगा और प्रस्ताव का उल्लंघन कर जनता को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। बैठक में सोशल क्रांतिकारी संघ के परमानंद गर्ग सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जबरन वसूली करने वाले किन्नर समूह की करें शिकायत
सर्वहिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ द्वारा मांगलिक अवसरों पर किन्नर समाज को दी जाने वाली बधाई राशि को तर्कसंगत बनाने के फैसले का अग्रवाल समाज ने पुरजोर समर्थन किया है। महासंघ के मुख्य संयोजक अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल एवं संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन कर्मयोगी के के अनुसार यदि कोई किन्नर समूह जबरदस्ती करता है, तो आमजन उसकी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। शिकायत के लिए महासंघ ने हेल्पलाइन मोबाइल नंबर 98293 28525 जारी किया है।
चेयरमैन परमानंद गर्ग (मोबाइल: 9460675985) ने समाज बंधुओं से अपील की है कि वे घर आने वाले किन्नर समूह का पहचान पत्र देखकर ही भुगतान करें। यदि कोई अभद्रता होती है, तो उसका दो मिनट का वीडियो रिकॉर्ड कर शिकायत के साथ भेजें।

