नई दिल्ली। Kharif MSP 2026: केंद्र सरकार ने 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान के समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल 72 रुपये का इजाफा किया गया है। वहीं, सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी के एमएसपी में की है।
एमएसपी बढ़ाने का मकसद किसानों को उनकी उपज के लिए उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट समिति (CCEA) ने 14 खरीफ फसलों के लिए मार्केटिंग सीजन 2026-27 में एमएसपी बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
सबसे अधिक सूरजमुखी का एमएसपी 622 रुपये बढ़ाया गया है और इस वृद्धि के साथ इसका एमएसपी 8,343 रुपये क्विंटल हो गया। इसके बाद कपास का 557 रुपये बढ़ाकर 8,267 (Medium Staple) और 8,667 (long Staple) रुपये क्विंटल कर दिया गया है। तिल का 500 रुपये क्विंटल बढ़ाया गया है।
खरीफ सीजन की सबसे बड़ी फसल सामान्य धान का एमएसपी 2,369 रुपये से बढ़ाकर 2,441 रुपये और ग्रेड ए का 2,389 रुपये से बढ़ाकर 2,461 रुपये क्विंटल किया गया है।
तिलहन फसलों में प्रमुख फसल सोयाबीन का एमएसपी 5,328 रुपये से बढ़ाकर 5,708 रुपये, जबकि दलहन फसलों में प्रमुख फसल अरहर का एमएसपी 8,000 रुपये से बढ़ाकर 8,450 रुपये क्विंटल कर दिया।
खरीफ फसलों के लिए मार्केटिंग सीजन 2026-27 में एमएसपी में वृद्धि, 2018-19 के केंद्रीय बजट में की गई उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को देशभर की औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर निर्धारित करने का फैसला किया गया था।
किसानों को लागत पर सबसे अधिक लाभ मूंग (61%) में मिलेगा। इसके बाद बाजरा और मक्का (56%), अरहर (54%) पर मिलेगा। बाकी फसलों के लिए लाभ 50 फीसदी अनुमानित है।
केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक के दौरान धान की खूब खरीद की है। वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान धान की खरीद 8,418 लाख टन रही, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान धान की खरीद 4,590 लाख टन थी।
वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान धान उगाने वाले किसानों को एमएसपी के रूप में 16.08 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान किसानों को 4.44 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
वहीं वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान 14 खरीफ फसलों की कुल खरीद 8,746 लाख टन रही, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 4,679 लाख टन थी।
इन फसलों के लिए किसानों को एमएसपी के रूप में 4.75 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान 18.99 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
खरीफ फसलों के लिए (₹ प्रति क्विंटल)
| फसल | MSP 2025-26 (₹/क्विंटल) | MSP वृद्धि 2026-27 (₹) | MSP 2026-27 (₹/क्विंटल) |
|---|---|---|---|
| धान (सामान्य) | 2369 | 72 | 2441 |
| धान (ग्रेड A) | 2389 | 72 | 2461 |
| ज्वार (हाइब्रिड) | 3969 | 54 | 4023 |
| ज्वार (मालदांडी) | 4019 | 54 | 4073 |
| बाजरा | 2844 | 56 | 2900 |
| रागी | 5150 | 55 | 5205 |
| मक्का | 2354 | 56 | 2410 |
| तूर/अरहर | 8376 | 74 | 8450 |
| मूंग | 8720 | 60 | 8780 |
| उड़द | 8140 | 60 | 8200 |
| मूंगफली | 7457 | 60 | 7517 |
| सूरजमुखी | 8283 | 60 | 8343 |
| सोयाबीन (पीली) | 5648 | 60 | 5708 |
| तिल | 10274 | 60 | 10334 |
| नाइजरसीड | 9982 | 70 | 10052 |
| कपास (मध्यम रेशा) | 8211 | 56 | 8267 |
| कपास (लंबा रेशा) | 8754 | 53 | 8807 |

