जयपुर। 3 मई को आयोजित हुई NEET 2026 की परीक्षा का पेपर बड़े शातिराना अंदाज में लीक किया गया। पेपर को लीक करने का नया तरीका निकाला गया। अब तक जो भी पेपर लीक हुए, उससे अलग तरीका इजाद किया गया।
लीक हुए प्रश्नों को बेचने के लिए उसे गैस पेपर का रूप दिया गया। यानी संभावित प्रश्नों की पीडीएफ में लीक प्रश्नों को शामिल किया गया और फिर उसे अभ्यर्थियों, अभिभावकों और दलालों को बेचा गया। NEET 2026 पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने से पहले एसओजी ने गहन जांच की। इसमें जो तथ्य सामने आए, वे हैरान करने वाले थे।
एग्जाम 3 मई को हुआ लेकिन शिकायत के बाद 8 मई को एसओजी ने जांच शुरू की। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के दखल के बाद एसओजी की टीम सीकर पहुंची। बाद में झुंझुनू, अलवर और जयपुर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी।
दो दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया जिनमें अभ्यर्थी, उनके परिजन और कुछ दलाल शामिल हैं। एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गैस पेपर को ओरिजनल बताकर बेचने की कोशिश की गई थी। पहले लाखों रुपए में बेचा गया और फिर सोशल मीडिया के कई ग्रुप में भी शेयर कर दिया गया।
135 सवाल हूबहू मिले
एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने कहा कि नीट के गैस पेपर में करीब 410 प्रश्न थे। इन 410 प्रश्नों में से 135 प्रश्न हूबहू ओरिजनल पेपर में आए थे। केवल प्रश्न ही नहीं बल्कि सभी विकल्प भी हूबहू थे और उत्तर भी बताए गए थे। गैस पेपर में बायोलॉजी के कुल 300 प्रश्न शामिल किए गए जिनमें से 90 प्रश्न हूबरू ओरिजनल पेपर में आए थे। केमेस्ट्री के कुल 104 प्रश्न गैस पेपर में शामिल किए गए थे जिनमें से 45 प्रश्न ओरिजनल पेपर में हूबहू आए थे।
लीक की शुरुआत नासिक से
एसओजी के अधिकारियों का यह भी कहना है कि सीकर के एक पीजी हॉस्टल संचालक और कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर लीक की शिकायत एनटीए को भेजी लेकिन पेपर लीक की शुरुआत राजस्थान से नहीं हुई। राजस्थान से पहले यह पेपर नासिक से हरियाणा पहुंच गया था। हरियाणा से राजस्थान पहुंचा। इसके बाद कुछ दलालों की ओर से पेपर बेचा गया। प्रारंभिक जांच के दौरान एसओजी ने 150 से ज्यादा संदिग्धों को चिन्हित किया जिसमें 80 अभ्यर्थी हैं। अन्यों में अभिभावक और दलाल शामिल हैं जिनके पास यह गैस पेपर पहुंचा था। दो दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों, अभिभावकों और दलालों को हिरासत में लिया गया था जिन्हें सीबीआई के समक्ष पेश कर दिया गया है।
जानिए किन-किन को पकड़ा एसओजी ने
एसओजी ने 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। 9 संदिग्धों को जयपुर से और 5 संदिग्धों को सीकर से उठाया गया था। सीकर से राकेश मंडावरिया, विक्रम यादव, रजत कुमार, अमित मीणा और रोहित मावलिया शामिल है जबकि जयपुर से हिरासत में लिए गए संदिग्धों में योगेश प्रजापत, मनीष यादव, संदीप हरितवाल, नीतेश अजमेरा, मांगीलाल, विकास, दिनेश, यश और सत्य नारायण शामिल हैं। एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने कहा कि सभी संदिग्ध अब सीबीआई के हवाले है। हालांकि जांच सीबीआई के पास है लेकिन सीबीआई की ओर से अगर राजस्थान एसओजी से कोई भी मदद मांगी जाएगी तो हम मदद को तैयार हैं।

