नई दिल्ली। सरकार ने खाने-पीने की दुकान चलाने वाले छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। इसके तहत FSSAI के बेसिक रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर लिमिट बढ़ा दी गई है। इसे 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
यानी 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले बिजनेस को अब बेसिक रेजिस्ट्रेशन लेना होगा। वहीं, पुराने नियमों में यह सीमा 12 लाख रुपये तक हुआ करती थी। इससे छोटे व्यापारियों को कागजी कार्रवाई में बड़ी राहत मिलेगी। 1 अप्रैल 2026 से यह नियम लागू होगा।
इसके अलावा, संशोधित ढांचे के तहत 50 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए राज्य लाइसेंस जरूरी होगा। जबकि 50 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए केंद्रीय लाइसेंस लागू आवश्यक होगा। इससे लाइसेंसिंग व्यवस्था और अधिक सरल हो जाएगी।
किस तरह के रजिस्ट्रेशन के लिए कौन सा लाइसेंस?
| बिजनेस का प्रकार | नया टर्नओवर (रुपये में) |
| बेसिक रजिस्ट्रेशन | 1.5 करोड़ तक |
| राज्य लाइसेंस | 1.5 करोड़ से 50 करोड़ तक |
| सेंट्रल लाइसेंस | 50 करोड़ से ज्यादा |
स्ट्रीट वेंडर्स को भी बड़ी राहत
स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत नगर निगमों या टाउन वेंडिंग समितियों में पंजीकृत स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को अब FSSAI में ऑटोमैटिक पंजीकृत माना जाएगा। इसके अलावा पंजीकरण की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
इसके साथ ही एक टेक्नोलॉजी बेस्ड जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली भी लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत निरीक्षण खाद्य उत्पाद की प्रकृति, पूर्व अनुपालन रिकॉर्ड, थर्ड-पार्टी ऑडिट परफॉर्मेंस और निगरानी से प्राप्त जानकारी के आधार पर किए जाएंगे। इससे अनावश्यक निरीक्षण कम होंगे। खाद्य सुरक्षा के ऊंचे मानकों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

