भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील से 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार का रास्ता खुलेगा

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नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साइन कर दिए हैं। साथ ही यह भी साफ हो गया है कि अमेरिका से भारत क्या-क्या आएगा। वहीं केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इस अंतरिम समझौते के ढांचे की सराहना की।

उन्होंने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार का रास्ता खुलेगा। यह समझौता खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs), किसानों और मछुआरों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस समझौते से निर्यात में काफी बढ़ोतरी होगी और लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी। इनमें से ज्यादातर नौकरियां महिलाओं और युवाओं के लिए होंगी।

उन्होंने लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में, भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुल जाएगा, खासकर MSMEs, किसानों और मछुआरों को इसका लाभ मिलेगा। निर्यात में वृद्धि से हमारे महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नई रोजगार के अवसर पैदा होंगे।’

किस सेक्टर को होगा फायदा

  1. वाणिज्य मंत्री ने यह भी बताया कि इस समझौते के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18% कर देगा।
  2. इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में भारत के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे।
  3. कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक रसायन, घर की सजावट का सामान, हस्तनिर्मित वस्तुएं और कुछ खास मशीनरी जैसे क्षेत्रों को फायदा होगा।
  4. जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे जैसे कई सामानों पर टैरिफ शून्य हो जाएगा। इससे भारत की निर्यात क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और बढ़ावा मिलेगा।
  5. भारत को विमान के पुर्जों पर सेक्शन 232 के तहत छूट भी मिलेगी, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा मिलेगा और जेनेरिक दवाओं पर बातचीत के नतीजे भी मिलेंगे, जिससे इन क्षेत्रों में निर्यात में ठोस लाभ होगा।

डेयरी प्रोडक्ट को रखा सुरक्षित
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस समझौते से भारत के किसानों और ग्रामीण आजीविका की सुरक्षा होगी। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि यह समझौता भारत के किसानों के हितों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें मक्का, गेहूं, चावल, सोयाबीन, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां, मांस आदि जैसे संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।